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हापुड़: सावन में भोलेनाथ को मनाने के लिए रजनीगंधा और गेंदा के फूलों की मांग

हापुड़: सावन में भोलेनाथ को मनाने के लिए रजनीगंधा और गेंदा के फूलों की मांग

हापुड़ के गांव काठीखेड़ा में सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना, शादियों और पार्टियों में फूलों की खपत बढ़ी है, जिससे भाव मे उछाल आया है .पिछले दो साल में लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के कारण फूलों की खेती में काफी नुकसान हुआ था.

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हापुड़ जनपद के सावन माह में मौसम के खुशगवार होने के साथ ही फूलों की खेती करने वाले किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं. बीते दो सालों में लॉकडाउन होने के कारण फूलों की कीमतों में भारी गिरावट के बाद  इस बार फूलों की खेती करने वाले युवा किसानों को राहत मिली है .यहाँ के फूलों की मांग लगातार बढ़ रही है दूर-दूर के व्यापारी यहाँ के फूलों को खरीद रहे हैं. दिल्ली समेत एनसीआर में रजनीगंधा और गेंदे की डिमांड अचानक बढ़ गयी है.

हापुड़ के गांव काठीखेड़ा में सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना, शादियों और पार्टियों में फूलों की खपत बढ़ी है, जिससे भाव मे उछाल आया है .पिछले दो साल में लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के कारण फूलों की खेती में काफी नुकसान हुआ था. वहीं इस बार कोरोना कर्फ्यू हटने के बाद अब कल से शुरू होने वाले श्रावण माह में फूलों की खेती की मांग अचानक बढ़ गयी है  वहीं किसान भी कोरोना काल मे फूलों की खेती के काम धीरे धीरे पटरी पर आने से खुश नजर आ रहे है.

गांव काठीखेड़ा निवासी किसान ने बताया कि उनके गांव में करीब एक दर्जन किसान फूलों की खेती करते हैं पिछले दो सालों में कोरोना के कारण लॉकडाउन रहा जिससे शादी - पार्टी नहीं हो सकी.इसलिए फूलों की मांग भी बहुत कम स्तर पर रही. उन्होंने बताया कि इस महीने से फूलों के भाव में बढ़ोतरी हुई है.

इन गांवों में 500 हेक्टेयर में होती है फूलों की खेती
काठीखेड़ा, कमालपुर, सलाई, असौड़ा आदि कई गांवों में रजनीगंधा व गेंदा के फूलों की खेती होती है.अचानक बढ़ती कीमतों से फूलों की खेती करने वाले किसानों की बांछे खिल गयीं हैं.
40 हजार का खर्चा, 1 लाख की बिक्रीकिसानों ने बताया कि एक पक्का बीघा में करीब 40 हजार का खर्चा आ रहा है जबकि इस समय 1 लाख 25 हजार रुपये  का बिक रहा है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए  सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

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हापुड़ : जानिए किसने कहा कि हिंदी रोजगार की भाषा,सिखाती है सामाजिकता और संस्कार

हापुड़ : जानिए किसने कहा कि हिंदी रोजगार की भाषा,सिखाती है सामाजिकता और संस्कार

हिंदी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण पत्रकारिता है, ट्रांसलेशन के क्षेत्र में भी हिंदी का बड़ा महत्व है इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशे जा सकते हैं. देश के कई विश्वविद्यालयों के सिलेबस में भी हिंदी को वरीयता दी गई है, अनेक भाषाओं के शब्दों का समायोजन हिंदी को समृद्ध बनाता है केवल भारतीय ही नहीं विदेशी पटल पर भी हिंदी पढ़ी जाने वाली प्रिय भाषाओं में एक बनती जा रही है, प्रवासी हिंदी साहित्य पटल पर समृद्ध हो रहा है.

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हिंदी रोजगार की भाषा,सिखाती है सामाजिकता और संस्कार

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड में शिक्षाविद डॉ तिलक ने हिंदी में 100 से अधिक शोध कार्य और चार किताबे लिखकर हिंदी की गरिमा को बढ़ाया है. उनके द्वारा लिखित पुस्तके भारत के सभी विश्वविद्यालय के कोर्स में शामिल है. हिंदी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण पत्रकारिता है, ट्रांसलेशन के क्षेत्र में भी हिंदी का बड़ा महत्व है इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशे जा सकते हैं. देश के कई विश्वविद्यालयों के सिलेबस में भी हिंदी को वरीयता दी गई है, अनेक भाषाओं के शब्दों का समायोजन हिंदी को समृद्ध बनाता है केवल भारतीय ही नहीं विदेशी पटल पर भी हिंदी पढ़ी जाने वाली प्रिय भाषाओं में एक बनती जा रही है, प्रवासी हिंदी साहित्य पटल पर समृद्ध हो रहा है.

डॉ तिलक का का जन्म 20 जनवरी 1944 को आगरा के एक गांव में हुआ था, इनके पिता किसान थे इन्होंने हाई स्कूल तक की पढ़ाई गांव से कुछ दूरी एक स्कूल में की. 1960 में इन्होंने हाईस्कूल परीक्षा पास की जिसमें उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया था.उस समय सरकारी आदेश था कि जो विद्यार्थी हाई स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा उसके लिए भारत सरकार द्वारा दूरसंचार विभाग में सीधे नियुक्ति मिलेगी. नौकरी के साथ साथ ही इन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई के साथ आगरा विश्वविद्यालय से भाषा विज्ञान में पीएचडी कर 1978 में हापुड़ के एसएसबी डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग में नियुक्ति हुई, इस कॉलेज में इन्होंने शोध परिषद की स्थापना कराई.डॉक्टर तिलक के 500 आर्टिकल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हो चुके है.भाषा विज्ञान पर 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उनके सानिध्य में पीएचडी करने वालों में कई छात्र आज आईएएस, पीसीएस है.उल्लेखनीय कार्य के लिए भारत सरकार ने डॉक्टर तिलक को दो बार सम्मानित.
डॉक्टर तिलक की पुस्तकें सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल है 1: नवीन शोध विज्ञान, 2: नवीन भाषा विज्ञान, 3 : हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास यह किताबें देश में आईएएस,पीसीएस, आईपीएस की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अति महत्वपूर्ण बताई गई हैं.

डॉ तिलक ने बताया कि उनके द्वारा लिखित पुस्तके विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल हैं हिंदी में सबसे अधिक रोजगार हैं. उनकी पुस्तक हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, नेट की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. कई बार हिंदी की बारीकियां सीख आईपीएस, आईएएस बन चुके हैं. डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता बनने के लिए हिंदी में पीएचडी जरूरी है, इसके अलावा अनुवाद हिंदी अधिकारी, भाषा अधिकारी पद पर जाने की भी अच्छी संभावनाएं हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : वायरल (Viral) बुखार के बाद डेंगू ने दी दस्तक, पुलिसकर्मी समेत कई मरीज मिले 

हापुड़ : वायरल (Viral) बुखार के बाद डेंगू ने दी दस्तक, पुलिसकर्मी समेत कई मरीज मिले 

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1 : हापुड़ में वायरल बुखार के बाद डेंगू ने दी दस्तक पुलिसकर्मी समेत कई मरीज हुए भर्ती 

हापुड़ जनपद में वायरल बुखार और टाइफाइड के बाद अब जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है, एक पुलिसकर्मी समेत 7 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, निजी लैब की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग में संदिग्ध सैंपल की जांच कराई थी. डेंगू के मच्छर का लार्वा तलाश कर नष्ट करने के लिए रैपिड टीमों को लगाया गया है. अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं. जिले में वायरल और टाइफाइड का प्रकोप कम नहीं हो रहा अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं, इसके अलावा नजला, खांसी के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है.

सीएमओ डॉक्टर रेखा शर्मा ने बताया कि जिले में डेंगू का असर बीते सालों के मुकाबले काफी कम है.अस्पतालों में इस रोग से बचाव को बेहतर उपचार की सुविधा के साथ चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं, रैपिड टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है, किसी भी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा.

2 : मुख्यमंत्री योगी की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन,22 सितम्बर को हापुड़ आनें की सम्भावना, अधिकारियों ने किया दौरा

हापुड़ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 22 सितम्बर को हापुड आनें की सम्भावना के चलते पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट गया हैं. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौकें का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया.जानकारी के अनुसार जनपद के पिलखुवा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 सितंबर को पिलखुआ के रामलीला मैदान में आनें की सम्भावना हैं. पिलखुवा रामलीला मैदान पिलखुआ में 22 सितंबर को होने वाली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

जिलाधिकारी अनुज सिंह ने रामलीला मैदान का निरीक्षण कर ऊर्जा विभाग को रामलीला मैदान में लगे अनुपयोगी विद्युत पोल हटाने के निर्देश दिए.प्रस्तावित 22 सितंबर के कार्यक्रम की सूचना मिलते ही रामलीला मैदान में भरे बारिश के पानी को सुखाने के लिए मिट्टी डालने का काम के साथ अन्य विभाग भी तैयारी में जुट गए हैं.

3 : कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा पहुँचे हापुड़

हापुड़ जनपद में पहुंचे कैबिनेट एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर जनता की समस्याओं के बारे में जाना. कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि हम जनता के आशीर्वाद से राजनीति करते है, जनता के हितों पर काम करते है. जो-जो जनता से वादे किये थे उन पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया है.हम विकास की राजनीति करते है. विकास किया है विकास कर रहे है और आगे भी करते रहेंगे.कैबिनेट मंत्री श्रीकांत ने बताया कि लोगों के मुद्दों पर वह लगातार काम करते है उन्ही काम के बल पर हम जनता के बीच मे जाएंगे.

4 : अतिक्रमण और प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ अभियान

हापुड़ : नगर पालिका परिषद पिलखुवा के अधिकारीयों बुधवार को पिलखुवा के चंडी मंदिर, बस अड्डा, गांधी बाजार, चंडी रोड, न्यू आर्यनगर, सर्वोदय नगर में फैल रहे अतिक्रमण और प्रतिबंधित पॉलिथिन के खिलाफ अभियान चलाया. अभियान के दौरान पालिका अधिकारियों की टीम द्वारा सडक़ पर अतिक्रमण कर रहे ठेलो को हटवाया और दुकानों से प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त कर जुर्माना वसूला गया.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : जानिए बनखण्डा में 500 वर्षो से अजगर और बसंती माता की याद में लगते आ रहे मेले(Mela) का इतिहास

हापुड़ : जानिए बनखण्डा में 500 वर्षो से अजगर और बसंती माता की याद में लगते आ रहे मेले(Mela) का इतिहास

जिसमें रियासत के कुछ गांवों में भयंकर आपदा, महामारी से समस्त क्षेत्र के गांवों में त्राहि-त्राहि से ग्रामीण बहुत परेशान थे.उस वक्त कुचेसर किला के महाराजा नरेश कंचन सिंह त्यागी के पुत्र कुंवर बनी सिंह त्यागी ने गांव बनखण्डा में चामुंडा माता पवित्र स्थान पर जन कल्याण के लिए एक विशाल महायज्ञ का आयोजन कराया था.

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जनपद हापुड़ के गांव बनखण्डा में पीढ़ी दर पीढ़ी जनश्रुति के आधार पर लगभग 500 वर्ष पूर्व कुचेसर किला की रियासत में 360 गांव थे. जिसमें रियासत के कुछ गांवों में भयंकर आपदा, महामारी से समस्त क्षेत्र के गांवों में त्राहि-त्राहि से ग्रामीण बहुत परेशान थे.उस वक्त कुचेसर किला के महाराजा नरेश कंचन सिंह त्यागी के पुत्र कुंवर बनी सिंह त्यागी ने गांव बनखण्डा में चामुंडा माता पवित्र स्थान पर जन कल्याण के लिए एक विशाल महायज्ञ का आयोजन कराया था. जिसमें कुचेसर रियासत क्षेत्र की समस्त जनता को आमंत्रित कर यज्ञ में आहुति देने के लिए एकत्रित किया गया था. विशाल यज्ञ रियासत के कुल गुरु पंडित जगन्नाथ प्रसाद तिवारी द्वारा संपन्न कराया गया था.
यज्ञ में आहुति देने ग्राम बनखण्डा के त्यागी समाज के एक परिवार से दो कन्याएं आई और हवन में शामिल हुई. हवन के कुछ ही समय  बाद दोनों कन्याओं (अजगर व बसंती) के जिस्म से अचानक अग्नि प्रकट हो गई तथा क्षेत्र की जनता के समक्ष यज्ञ में अग्नि समाधि लेकर अपने प्राणों की आहुति देकर जीवन समर्पित कर दिया था. इन दो कन्याओं के परमधाम जाने के कुछ ही क्षण बाद ही जल वर्षा शुरू हो गई थी. तब से लेकर आज तक कुचेसर रियासत क्षेत्र की जनता श्री अजगर माता व श्री बसंती माता की पुण्य स्मृति में माता पूजन मेले और दंगल का आयोजन होता आ रहा है.इस मेले में आस पास के सभी गांवों की लड़कियां दूर दूर से आ कर पूजा अर्चना करती है.मान्यता है कि माता कन्याओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. इस मेले में लड़कियों की ज्यादा मान्यता है.

हापुड से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ में न्यूज़18 लोकल की खबर का हुआ बड़ा असर,अब आबू धाबी में खेलने के लिए जाएगा छोटा खली(Chhota Khali)

हापुड़ में न्यूज़18 लोकल की खबर का हुआ बड़ा असर,अब आबू धाबी में खेलने के लिए जाएगा छोटा खली(Chhota Khali)

आबू धाबी जाने के लिए विनोद को एक लाख रुपये की आवश्यकता थी, जो उनके लिए सिरदर्द बनी हुई थी, महावीर राणा ने सरकार के मंत्री, विधायकों, नेताओं से मदद नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर देश की जनता से मदद की गुहार लगाई थी. न्यूज़18 लोकल ने जब महावीर विनोद राणा के एशियन चैंपियनशिप में चयन होने पर उनकी समस्या को लेकर जब प्रमुखता से ख़बर दिखाई तो लोगों ने विनोद राणा की आर्थिक मदद के लिए ना सिर्फ संपर्क करना शुरू किया और बल्कि आबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में खेलने के लिए किराए की भी व्यवस्था कर दी.

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हापुड़ में न्यूज़18 लोकल की खबर का हुआ बड़ा असर,अब आबू धाबी में खेलने के लिए जाएगा छोटा खली

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड में छोटा खली के नाम से मशहूर महावीर विनोद राणा का एशियन चैंपियनशिप में चयन होने के बाद आबू धाबी जाने के लिए उनके पास किराए के पैसे नहीं थे.आबू धाबी जाने के लिए विनोद को एक लाख रुपये की आवश्यकता थी, जो उनके लिए सिरदर्द बनी हुई थी, महावीर राणा ने सरकार के मंत्री, विधायकों, नेताओं से मदद नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर देश की जनता से मदद की गुहार लगाई थी. न्यूज़18 लोकल ने जब महावीर विनोद राणा के एशियन चैंपियनशिप में चयन होने पर उनकी समस्या को लेकर जब प्रमुखता से ख़बर दिखाई तो लोगों ने विनोद राणा की आर्थिक मदद के लिए ना सिर्फ संपर्क करना शुरू किया और बल्कि आबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में खेलने के लिए किराए की भी व्यवस्था कर दी.
लोगों के सहयोग से महावीर विनोद राणा अब आबू धाबी में खेलने के लिए 10 सितंबर को जाएंगे,जिससे विनोद राणा अब बहुत खुश हैं और उन्होंने न्यूज़ 18 लोकल को बार-बार धन्यवाद भी दिया है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ :गणेश चतुर्थी पर मूर्तिकारों ने तैयार की पानी में घुलने वाली इको फ्रेंडली मूर्तियां

हापुड़ :गणेश चतुर्थी पर मूर्तिकारों ने तैयार की पानी में घुलने वाली इको फ्रेंडली मूर्तियां

गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों ने इको फ्रेंडली भगवान गणेश बनाकर तैयार किए है जो महज 10 मिनट में ही पानी में घुल जाती है. श्रद्धालुओं को नहर या गंगा पर मूर्ति विसर्जन के लिए जाने की जरूरत नहीं होंगी.

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जनपद हापुड़ में कोरोना संकट के बीच गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों के अच्छे दिन आ गए है. गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों ने इको फ्रेंडली भगवान गणेश बनाकर तैयार किए है जो महज 10 मिनट में ही पानी में घुल जाती है. श्रद्धालुओं को नहर या गंगा पर मूर्ति विसर्जन के लिए जाने की जरूरत नहीं होंगी. इसके साथ ही बाजारों में विभिन्न रंग रूप में भगवान गणेश की प्रतिमा उपलब्ध है जिनमे अधिकतर लाल बाग़ के राजा, दगडू सेठ, अष्टविनायक, अमरावती के गणेश, बाल गणेश श्रंगार गणेश और पगड़ी वाले गणेश है. वही आसपास के जनपद के श्रद्धालु गणेश मूर्ति खरीदने पहुंच रहे है साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह भी देखने को मिल रहा है.जिससे कुम्हारों और मूर्तियां बेचने वालों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है.पिछले दो सालों में कोरोना के व्यापक असर ने मूर्ति उद्योग की कमर तोड़ दी थी.

गणपति बप्पा मोरिया से उत्साह

देश मे बेशक अभी कोरोना संकट टला नहीं हो लेकिन गणेश महोत्सव को लेकर जनपदवासी में उमंग और उत्साह है. गणपति बप्पा को रंग- बिरंगे कलरो से सजाने की तेरी शुरू हो गयी है. इस बार दस सितंबर से लेकर 19 सितंबर तक गणेश महोत्स्व रहेगा. जनपद में अनेको स्थानों पर गणेश महोत्सव का आयोजन होता है.गली-मोहल्लों में लोग एकत्र होकर मंडप सजाकर गणेश भगवान की प्रतिभा को स्थापित करते है. कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन होता है. जिससे बच्चो के मनोरंजन के लिए झूले और सर्कस भी लगाए जाते हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : जानिए कहां सीएचसी हुआ चिकित्सा सुविधाओं से लैस,जनता को मिलेगा लाभ

हापुड़ : जानिए कहां सीएचसी हुआ चिकित्सा सुविधाओं से लैस,जनता को मिलेगा लाभ

सिखैड़ा सीएचसी अस्पताल 60 बैड वाला हास्पिटल है और प्रत्येक बैड आक्सीजन प्लांट से जुड़ा है. इससे जनपद की जनता को बहुत लाभ होगा,महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की अलग-अलग व्यवस्था है. सिखैड़ा सीएचसी क्षेत्र के रहनेवाले लोगो को फायदा होगा.

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हापुड़ : जानिए कहां सीएचसी हुआ चिकित्सा सुविधाओं से लैस,जनता को मिलेगा लाभ

हापुड़ : जनपद हापुड़ के सिम्भावली विकास खंड के गांव सिखैड़ा में चिकित्सा की आधुनिक सुविधाओं से लैस सीएचसी अस्पताल में आक्सीजन प्लांट का शुभारंभ गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कमल मलिक ने मंगलवार को नारियल तोड़कर व फीता काटकर किया.गढ़मुक्तेश्वर से भाजपा विधायक  कमल मलिक ने कहा कि सिखैड़ा सीएचसी अस्पताल 60 बैड वाला हास्पिटल है और प्रत्येक बैड आक्सीजन प्लांट से जुड़ा है. इससे जनपद की जनता को बहुत लाभ होगा,महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की अलग-अलग व्यवस्था है. सिखैड़ा सीएचसी क्षेत्र के ग्रामीण लाभान्वित होंगे.गढ़ विधायक कमल मलिक ने दावा किया कि अगले एक पखवाड़े में कस्बा बहादुरगढ़ में सीएचसी प्रारम्भ हो जाएगा जो जिलास्तर का होगा. इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी रेखा शर्मा भी उपस्थित रही.

2 : तेंदुए की दहशत से ग्रामीण हुए घरों में कैद

जनपद हापुड़ के थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव सिखेड़ा मुरादाबाद के माजरा नयाबास में खेतों पर काम करने जा रहे किसानों ने 3 तेंदुए के बच्चे देखें. जिससे गांव के लोगों में खौफ है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी है.वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार का कहना हैं कि तेंदूए के बच्चों को जल्द पकड़ लिया जाएगा.
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज गांव में तेंदुए देखे गए जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को तेंदुए के बच्चे होने की सूचना दे दी गई. तेन्दुओं को पकड़ने के लिए पिंजरों की व्यवस्था की जा रही है. फिलहाल तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग के अधिकारी, ग्रमीण लगातार प्रयास कर रहे हैं.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : अपर जिलाधिकारी ने 84 आढ़तियों के लाइसेंस किए निरस्त

हापुड़ : अपर जिलाधिकारी ने 84 आढ़तियों के लाइसेंस किए निरस्त

जिला प्रशासन ने कोविड नियमो का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए जिसमें मंडी परिसर में मास्क लगाकर रहें, शारीरिक दूरी का पालन करें और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. लेकिन मंडी परिषद में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ कई बार चेतावनी देकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही फिर भी हालात ना सुधरने पर अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए.

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1 : अपर जिलाधिकारी ने 84 आढ़तियों के लाइसेंस किए निरस्त

कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन ना करना मंडी के आढ़तियों को भारी पड़ गया अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने मंडी अधिनियम एवं मंडी परिषद के निर्देशक द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन न करने पर आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं.जिला प्रशासन ने कोविड नियमो का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए जिसमें मंडी परिसर में मास्क लगाकर रहें, शारीरिक दूरी का पालन करें और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. लेकिन मंडी परिषद में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ कई बार चेतावनी देकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही फिर भी हालात ना सुधरने पर अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए. उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंसधारी जिनके लाइसेंस हो चुके हैं वे व्यापारी अब मंडी परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की कोई भी व्यापारिक गतिविधि ना करें और तत्काल प्रभाव से मंडी परिसर से बाहर चले जाएं,अगर इसके बाद भी मंडी परिसर में व्यापारिक गतिविधि करते पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ  धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. साथ ही जो वैध लाइसेंसधारी आढ़ती मंडी के अंदर अपना व्यापार कर रहे हैं, वे सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराएं कोई भी आढ़ती  किसी भी दशा में मंडी के अंदर बनी काली सड़क पर वाहन लोडिंग व अनलोडिंग नहीं करेंगे.

2 : 55 गांव में दूर होगी लो-वोल्टेज की समस्या

हापुड़ : बिजली कटौती और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं के चलते बिजली विभाग ने रिवेम प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसमें बाबूगढ़ बिजली घर से जुड़े चार बिजली घरों में कैपेसिटी बैंक लगाकर क्षमता बढ़ाई जाएगी. इससे 55 गांवों के लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से साल 2022 मार्च में निजात मिलेगी. आपको बता दें कि हापुड़ डिवीजन में घरेलू कमर्शियल और नलकूप के लगभग 94000 उपभोक्ता हैं जो कि 50 महीने 60 मिलियन यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं.इसके बाद भी ट्रिपिंग जैसी समस्याएं उपभोक्ताओं के साथ बनी रहती है. इसीलिए उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए निगम ने इस प्रोग्राम की शुरुआत की है.इस प्रोग्राम के तहत बाबूगढ़ क्षेत्र के 4 बिजली घरों में कैपेसिटी बैंक लगाया जा रहा है  गांव खेड़ा काकोरी गोहरा और बहादुरगढ़ शामिल है. इसका कार्य 2022 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.जिसके बाद जनता को लो वोल्टेज से निजात मिल पाएगी.

3 : एकमुश्त समाधान योजना में  उपभोक्ताओं को मिलेगी ब्याज पर 100% छूट

हापुड़ : हापुड़ में बिजली विभाग 20 सितंबर से 5 अक्टूबर तक एकमुश्त समाधान योजना की शुरुआत करने जा रहा है. बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. घरेलू और निजी नलकूप के उपभोक्ताओं को 31 अगस्त तक के बकाया बिजली दिलों पर लगे ब्याज पर सौ पर्सेंट सूट और सर चार्ज में छूट देकर 6 किस्तों में बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी.वही 1 से 2 किलो वाट से अधिक विद्युत भार और 2 किलोवाट से अधिक लेकिन 5 किलो वाट  बाहर तक के बकायेदारों को बिजली का बिल न चुकाने के चलते लगाए गए ब्याज पर 50% की छूट मिलेगी. इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 2 किलो वाट विद्युत भार के बकायेदारों को विद्युत बिलों की मूल धनराशि को 6 किस्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी.

4 : हापुड़ – रेत से भरा ओवर लोड ट्रक रेलवे फाटक के बीचों बीच फसा. घंटो की मसक्कत के बाद भी रेलवे अधिकारी नही हटा सके रेलवे ट्रैक से ट्रक.मौके पर लगी रही भारी भीड़.रेलवे क्रासिंग पर फसे ट्रक के कारण दोनों तरफ लगा लंबा जाम लग गया.लोग बंद फाटक के नीचे से अपने वाहन निकालते नजर आए.करीब एक घटे तक दिल्ली लखनऊ रेलवे ट्रैक बाधित रहा.बहरहाल क्रेन की सहायता से ट्रक को हटवाया गया. बाबूगढ़ क्षेत्र के कुचेसर चौपला का था यह मामला.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : महीनों से खड़ी रोडवेज (roadways) की बसें बनी शोपीस,रोजाना विभाग को हो रहा लाखो का नुकसान

हापुड़ : महीनों से खड़ी रोडवेज (roadways) की बसें बनी शोपीस,रोजाना विभाग को हो रहा लाखो का नुकसान

इन बसों का संचालन न होने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख की चपत लग रही है.महीनों से बसों का संचालन बंद है जिस कारण अब तक करीब 50 लाख से ज्यादा का चूना विभाग को लग चुका है. वही संविदा से जुड़े चालक और परिचालक को भी रूट पर जाने से वंचित होना पड़ रहा है.गढ़मुक्तेश्वर रोडवेज डिपो से आसपास के जनपदों समेत कई राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है.

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महीनों से खड़ी रोडवेज की बसें बनी शोपीस,रोजाना विभाग को हो रहा लाखो का नुकसान

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर डिपो में टायरों के अभाव में रोडवेज डिपो के अंदर 15 से अधिक बच्चे धूल फांक रही हैं, इन बसों का संचालन न होने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख की चपत लग रही है.महीनों से बसों का संचालन बंद है जिस कारण अब तक करीब 50 लाख से ज्यादा का चूना विभाग को लग चुका है. वही संविदा से जुड़े चालक और परिचालक को भी रूट पर जाने से वंचित होना पड़ रहा है.गढ़मुक्तेश्वर रोडवेज डिपो से आसपास के जनपदों समेत कई राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है, डिपो के अंदर 15 से अधिक बसें पिछले एक माह से शोपीस बनकर खड़ी धूल फांक रही हैं. जिसका मुख्य कारण बसों के खराब हो चुके टायरों का ना बदला जाना है. डिपो की वर्कशॉप में खड़ी इन बसों के टायर पूरी तरीके से खराब हो चुके हैं. बसे अब टायर बदलने की राह देख रही हैं, लेकिन विभागीय स्तर से उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है रूटों पर बसों का संचालन होने के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है. जिसके चलते महिला बच्चों समेत हजारों यात्रियों को निजी एवं डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है. इसके अलावा बसों का संचालन ना होने पर संविदा पर कार्यरत चालक परिचालक की खाली बैठने को मजबूर हैं.चालक और परिचालकों का कहना है कि टायर ना बदलने की वजह से डिपो में 15 से अधिक बसें धूल फांक रही हैं. जिससे उन्हें संबंधित रूटों पर ना जाकर खाली बैठने के साथ ही आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ रहा है.

तो वही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि खराब हुए टायरों को बदलने के लिए काफी समय से निरंतर निगम के उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार किया जा रहा है. कई बार संविदा पर तैनात कर्मचारियों के बारे में भी बताया गया है, लेकिन अभी तक मुख्यालय से कोई आपूर्ति नहीं हो सकी है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़(Hapur) में अब स्वयं सहायक समूह की सखी गांव में करेंगी बैंकिंग (Banking) लेनदेन

हापुड़(Hapur) में अब स्वयं सहायक समूह की सखी गांव में करेंगी बैंकिंग (Banking) लेनदेन

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1 : स्वयं सहायक समूह की सखी अब गांव में करेंगी बैंकिंग लेनदेन
हापुड़ : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में एक सखी तैनात किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद ग्राम पंचायत में एक सखी को कार्य के लिए रखा जाना है, इसी क्रम में शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में 80 सखियों को प्रशिक्षण के साथ मशीन वितरण की गई. मुख्य विकास अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि अब गांव में सखी नियुक्त होने के बाद अब ग्राम वासियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है. अब आपके गांव में ही सखी लेनदेन का कार्य करेगी. सखी को इस कार्य करने के लिए 6 माह तक 4000 प्रति माह का वेतन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा दिया जाएगा. सखी को गांव में खाता खोलने में लेनदेन करने पर कमीशन के रूप में भी एयरटेल पेमेंट बैंक के द्वारा भी कमीशन प्राप्त होगा, जिससे महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी. विकासखंड हापुड़ में 33, सिंभावली में 26, धौलाना में 13 व गढ़ में 8 सखियों द्वारा प्रतिभाग किया गया.

2 : 11 सितंबर को हापुड़ में होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
हापुड़ : उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं जिला न्यायाधीश हापुड़ के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हापुड़ के कुशल नेतृत्व में 11 सितंबर को हापुड़ जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन  मुख्यालय एवं तहसील न्यायालय में होने जा रहा है इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक, पारिवारिक मामले, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से संबंधित मामले, धारा 138 एन आई एक्ट के वाद, भू राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले एवं प्री लिटिगेशन मामलों के साथ साथ सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारण किए जाएंगे. लोक अदालत के माध्यम से ज्यादातर वादों का निस्तारण किया जा सके.

3 : मुख्य रास्ते मे जलभराव व टूटी सड़क से लोग परेशान
जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में बीबीनगर रोड पर काफी समय से जलभराव है गड्ढों की समस्या जस की तस बनी हुई है.लोगों को आने जाने की बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोगों ने बताया इस सड़क पर लगभग 50 गांव जुड़े हैं 50 गांव के लोग इसी रोड से आवागमन करते हैं जहां आए दिन बाइक सवार लोग गिरकर घायल भी हो रहें हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी (international player) विनोद राणा को मदद की दरकार, सोशल मीडिया पर लगाई गुहार

हापुड़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी (international player) विनोद राणा को मदद की दरकार, सोशल मीडिया पर लगाई गुहार

शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण एशियन चैंपियनशिप जु-जुत्सु गेम्स में चयन होने के बाद भी आबू धाबी में जाने के लिए किराया तक नही जुटा पा रहे है. इस खेल को खेलने के लिए मात एक लाख रुपये का खर्चा बताया जा रहा है.

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उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ में देश के लिए दो बार वर्ल्ड चैम्पियन रहे छोटा खली के नाम से मशहूर महावीर विनोद राणा आज बेरोजगारी और शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण एशियन चैंपियनशिप जु-जुत्सु गेम्स में चयन होने के बाद भी आबू धाबी में जाने के लिए किराया तक नही जुटा पा रहे है. इस खेल को खेलने के लिए मात एक लाख रुपये का खर्चा बताया जा रहा है. लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से एक लाख की रकम उनके लिए बेड़िया बन गई है.सरकार,जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कोई मदद नही मिलने के बाद अब महावीर विनोद राणा ने देश की जनता से अपील की है कि उनकी आर्थिक मदद करे ताकि वो एशियन चैंपियनशिप में खेलकर अपने देश का नाम रोशन कर सके.

गरीब परिवार में 21 सितम्बर1986 को जन्में महावीर विनोद राणा अपने हौसले की उड़ान नहीं छोड़ी और 29 वर्ष की उम्र में वर्ड चैंपियनशिप 2015 में बुशू किक बॉक्सिंग में 5 देश के खिलाड़ियों को हराकर अपने माता-पिता बाप के साथ यूपी का नाम रोशन किया और हालही में ही पानीपत में हुई wwe fight में भी खिलाड़ीयो को हराकर अपने नाम का डंका बजा चुकें हैं.आपको बतादे कि अबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में चयन होने के बाद विनोद राणा खुश है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वो सोशल मीडिया पर योगी सरकार और जनता से मदद की गुहार लगा रहे हैं.विनोद राणा को 10 सितंबर को अबू धाबी जाना है लेकिन उनके पास टिकट का किराया भी नहीं है.जिसके चलते वे तमाम अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं से किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल पा रही है.अबू धाबी में 12 सितंबर से एशियन चैंपियनशिप होनी है जिसके लिए उन्हें 10 सितंबर को अबू धाबी पहुंचना है. इससे पहले भी विनोद राणा कई बार किक बॉक्सिंग, मैराथन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हापुड़ का नाम रोशन कर चुके हैं फिलहाल किसी तरह की कोई मदद विनोद राणा की अभी तक नहीं हो पा रही है.
अब  खिलाड़ी विनोद राणा योगी सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है. सरकार उनकी मदद करें तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का झंडा लहराएंगे. विनोद राणा ने बिना किसी कोच के अपने स्तर से तमाम तैयारियां कर देश को कई मेडल दिलाए हैं और एशियन चैंपियनशिप की तैयारी भी उन्होंने बिना कोच के खुद ही अपने गांव की मिट्टी में अपने आप को तपा कर की है.अब ऐसे में देखना होगा कि सरकार या जनता विनोद राणा की कितनी मदद कर पाती है. विनोद राणा ने लोकल 18 के माध्यम से भी सरकार से मदद की  गुहार लगाई है.

हापुड से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

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