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कोरोना : नोएडा से सटे हापुड़ को कैसे संभाला आईएएस अफसर अदिति सिंह ने...

कोरोना : नोएडा से सटे हापुड़ को कैसे संभाला आईएएस अफसर अदिति सिंह ने...

जिले की डीएम अदिति सिंह को इस रोकथाम के पीछे बड़ी वजह माना जा रहा है.

जिले की डीएम अदिति सिंह को इस रोकथाम के पीछे बड़ी वजह माना जा रहा है.

यूपी के हॉटस्पॉट जिलों नोएडा (Noida) और मेरठ (Meerut) से सटे होने के बावजूद हापुड़ जिले में कोरोना के मामलों के नियंत्रित किया गया है. जानिए जिले की डीएम अदिति सिंह (Aditi Singh) ने ये सबकुछ कैसे किया.

    नोएडा. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कोरोना रोगियों (Covid19 Patients) की संख्या बढ़ाने में शुरुआत में नोएडा जिले का बड़ा रोल था. इस जिले में कोरोना मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ी थी. सिर्फ नोएडा ही क्यों पश्चिम यूपी के कई जिलों में कोरोना पूर्वी यूपी के मुकाबले ज्यादा देखा गया है. लेकिन पश्चिमी यूपी के ही एक जिले हापुड़ में कोरोना के रोगियों की संख्या पर एकदम से नियंत्रण लगा है. वर्तमान में यहां पर कोरोना के 16 मरीज हैं. नोएडा और मेरठ जैसे हॉटस्पॉट जिलों से जुड़ा होने के बावजूद भी हापुड़ में कोरोना के प्रसार पर रोक लगी है.

    जिले की डीएम अदिति सिंह को इस रोकथाम के पीछे बड़ी वजह माना जा रहा है. द हिंदू में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अभी कोरोना के 16 मरीज, 8 हॉटस्पॉट हैं. मरीजों का इलाज चल रहा है और हॉटस्पॉट्स पर खाना, दवाएं सहित अन्य जरूरी चीजें दरवाजे तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है.

    अदिति सिंह के मुताबिक मार्च के दूसरे सप्ताह में जिला प्रशासन को ऐसे लोगों के बारे में जानकारी दी गई जिनकी फॉरेन ट्रैवेल की हिस्ट्री थी. पिछले पांच हफ्तों के दौरान 150 लोगों को ट्रैक किया गया. उनका मेडिकल टीम द्वारा परीक्षण कराकर 14 दिनों तक होम क्वारंटीन में रखा गया.

    हापुड़ जिले के हर क्षेत्र में जाकर अदिति सिंह खुद सभी जरूरी कदमों के लिए दिशानिर्देश दे रही हैं.


    लोग नियमों का उल्लंघन न कर सकें इसलिए उनके दरवाजों पर नाम और डेट के साथ नोटिस चिपका दिए गए. जिससे बाहरी लोगों को ये जानकारी रहे कि किस व्यक्ति को क्वारंटीन किया गया है और अगर वह बाहर घूमता मिले तो तुरंत सूचित किया जाए. जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया उनके खिलाफ कार्रवाई की गई. जैसे अलग-अलग मामलों में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं.

    पूरे जिले में चालीस चलती-फिरती मेडिकल टीम बनाई गईं जो शहरी और ग्रामीण इलाकों में उन लोगों का पता लगा रही थीं जो जिले या राज्य से बाहर की यात्रा करके आए हैं. ऐसे करीब साढ़े 6 हजार लोगों को होम क्वारंटीन किया गया.

    जिलाधिकारी अदिति सिंह के निर्देशों के अनुसार हापुड़ शहर के हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में डोर टू डोर दूध एवं खाद्य सामग्रियों की सप्लाई हेतु लगाए गए सप्लायर.


    जिन लोगों को होम क्वारंटीन पर रखा गया उनके बारे में फोन कॉल करके जानकारी ली जाती थी. जिससे उन पर 24 घंटे निगाह बनी रह सके. ग्रामीण और शहरी दोनों ही जगह के सफाई कर्मचारियों को विशेष हिदायत दी गई थी. व्यापक स्तर पर सैनेटाइजेशन के प्रोग्राम किए गए.

    मरीजों के बारे में बताती हुई अदिति सिंह कहती है कि 15 से 71 साल तक के उन सभी 9 पुरुष मरीज दिल्ली में हुए एक धार्मिक जमावड़े में शामिल हुए थे. इस जमावड़े में शामिल हुए 72 लोगों को ट्रेस किया गया है. इन 72 से जड़े 343 लोगों को लोकल प्रशासन के द्वारा ट्रेस किया गया. इन सभी पर समुचित तरीके अपनाकर निगाह रखी गई. इन सभी लोगों में हाई रिस्क लोगों को हॉस्पिटल के क्वारंटीन में रखा गया और 203 लो रिस्क लोगों को तहसील के क्वारंटीन सेंटरों में रखा गया.

    जहां तक हॉटस्पॉट जोन का मसला है वहां पर जरूरी चीजें पहुंचाने के लिए जिले के सप्लाई ऑफिस, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट, मेडिकल विभाग की मदद ली जा रही है. मंडी परिषद भी प्रशासन की मदद कर रही है. करीब 40 राशन डीलर, 173 दूध वाले मोबाइल वैन, ईरिक्शा और ट्रैक्टरों के जरिए सामान लोगों तक पहुंचा रहे हैं.

    जिले में सैनेटाइजेशन का काम व्यापक स्तर पर किया गया है.


    घरविहीन लोगों के लिए चार शेल्टर होम की व्यवस्था की गई है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि रोज इस बात पर निगाह रखें कि कोई बाहर तो नहीं छूट रहा है. अब तक करीब 35 घर विहीन लोगों को शेल्टर होम में शेफ्ट किया गया है. इनका भी नियमित चेकअप जारी है. वहीं गरीब लोगों के लिए 9 एनजीओ और सरकारी मदद की बदौलत पके खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं. अब तक सिविल सोसायटी की मदद से 90 हजार खाने के पैकेट बांटे जा चुके हैं. साथ ही राज्य सरकार ने लेबर डिपार्टमेंट में रजिस्टर्ड मजदूरों के लिए 1 हजार रुपए की आर्थिक मदद की घोषणा भी की है. इस स्कीम के तहत करीब 14 हजार लोगों की मदद की जा चुकी है.

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    Tags: Corona, COVID 19

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