चलती ट्रेन में प्रेग्नेंट लेडी को हुआ लेबर पेन, NCC कैडेट्स ने कराई डिलीवरी

सीमा राय ने बताया कि एनसीसी के प्रशिक्षण में ही प्राथमिक उपचार समझाया जाता है. टीम के साथ सेना की चिकित्सा कोर से केएस चेलापाण्डी भी चल रहे थे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 4, 2019, 8:03 PM IST
चलती ट्रेन में प्रेग्नेंट लेडी को हुआ लेबर पेन, NCC कैडेट्स ने कराई डिलीवरी
मां की गोद में ट्रेन में हुआ बच्चा
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Updated: August 4, 2019, 8:03 PM IST
बिहार से पति के साथ बहन के पास प्रसव काल बिताने के लिए हरदोई जा रही महिला ट्रेन में ही प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी. रेलवे किसी तरह की चिकित्सीय सेवा उपलब्ध नहीं करा सका तो कोच में गोरखपुर से बरेली जा रहीं गर्ल्‍स एनसीसी कैडेट ने न केवल मदद के लिए हाथ बढ़ाया, बल्कि टीम की जीसीआई ने छात्राओं की मदद से सुरक्षित प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई. महिला नवजात बेटे को लेकर खुशी-खुशी बड़ी बहन के घर हरदोई पहुंची.

हरदोई आ रही थी गर्भवती महिला
बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के पडरौना निवासी शशिकांत मिर्जापुर की चुनार सीमेंट फैक्ट्री में काम करते हैं. उनकी पत्नी नेहा सिंह का पहला बच्चा होने वाला था. नेहा के बहनोई चंद्रशेखर सिंह हरदोई के हरियावां स्थित डीसीएसएल चीनी मिल में काम करते हैं. सुरक्षित प्रसव और देखभाल के लिए नेहा अपनी बड़ी बहन अर्चना सिंह के पास हरदोई आ रही थी. शशिकांत और नेहा बाघ एक्सप्रेस के कोच संख्या एस-04 में सवार हुए.

बच्चे की मां नेहा सिंह


बरेली जा रही थीं एनसीसी की छात्राएं
नेहा ने बताया कि बस्ती के आगे करीब आठ बजे उसको प्रसव पीड़ा होने लगी जो बढ़ती गई. गोंडा पहुंचते-पहुंचते नेहा प्रसव पीड़ा से तड़पने लगी. टीटी मनोज यादव से मदद मांगी, लेकिन कोई सुविधा उपलबध नहीं हो सकी. टीटी ने खुद तो मदद की लेकिन लखनऊ तक किसी तरह चलने की बात कही, नेहा तड़प रही थी. उसी के कोच में बरेली जा रहीं एनसीसी ग्रुप गोरखपुर की छात्राएं बैठी थीं. महिला को तड़पता देख गर्ल्‍स टीम की जीसीआई सीमा राय मदद को आगे आईं.

सीमा राय ने बताया कि एनसीसी के प्रशिक्षण में ही प्राथमिक उपचार समझाया जाता है. टीम के साथ सेना की चिकित्सा कोर से केएस चेलापाण्डी भी चल रहे थे. सीमा राय के अनुसार, चेलापाण्‍डी और उनके पास जो भी संसाधन थे उन्‍होंने उसी के साथ छात्राओं की मदद से नेहा का प्रसव कराने का बीड़ा उठाया और वह सफल भी हुईं.
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एनसीसी टीम की जीसीआई सीमा राय


नेहा सिंह ने बेटे को जन्म दिया. ट्रेन जब हरदोई पहुंची तो आरपीएफ ने उन्हें एंबुलेंस से हरियावां चीनी मिल पहुंचाया. शशिकांत और उनकी पत्नी नेहा सिंह कहती हैं कि सीमा राय और उनके साथ मौजूद एनसीसी कैडेट्स उनके लिए भगवान बन गए और उन लोगों ने ही उन्हें खुशी और नई जिंदगी दी.

(रिपोर्ट- आशीष मिश्रा)

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First published: August 4, 2019, 6:20 PM IST
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