हरदोई: मामूली विवाद में नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर विधायक समर्थकों का हमला

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शुक्रवार रात बीजेपी विधायक आशीष सिंह के समर्थकों ने एक दिन पहले हुए मामूली विवाद को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले और फायरिंग भी हुई.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2019, 2:41 PM IST
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Updated: June 15, 2019, 2:41 PM IST
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में शुक्रवार रात बीजेपी विधायक आशीष सिंह के समर्थकों ने एक दिन पहले हुए मामूली विवाद को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के घर पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों की तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले और फायरिंग भी हुई. घटना में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को उपचार के लिए लखनऊ भेजा गया है.

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने झगड़ा कर रहे दोनों पक्षों को मौके से खदेड़ दिया. मामला सत्ता पक्ष के विधायक और नगर पालिका के चेयरमैन से जुड़ा होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस ने फिलहाल 25 लोगों को शांति भंग की आशंका में अपनी हिरासत में लिया है, जिनमें नगरपालिका के अध्यक्ष भी शामिल हैं.

देर रात हरदोई के मल्लावां कोतवाली इलाके में पुलिस की गश्त की वजह से मलावा कस्बे के नगर पालिका अध्यक्ष अंकित जयसवाल और स्थानीय भाजपा विधायक आशीष सिंह के समर्थकों में विवाद हो गया. दरअसल गुरुवार को नगर पालिका अध्यक्ष अंकित जयसवाल के भाई सिद्धार्थ उर्फ़ सिद्धू और विधायक समर्थक कल्लू दानिया के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था.

पालिका अध्यक्ष का आरोप है कि इसी विवाद के चलते शुक्रवार रात कल्लू दानिया ने अपने कई साथियों के साथ उनके कार्यालय और घर पर अचानक से हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और फायरिंग भी हुई. घटना में विधायक समर्थकों की तरफ से 3 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से गंभीर रूप से घायल अंकित को उपचार के लिए लखनऊ भेजा गया है.

सत्तापक्ष के विधायक से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंच गए और पुलिस ने घटना के बाद मौके पर से मिले 25 लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया, बताया जा रहा है कि इनमें नगर पालिका अध्यक्ष और उनके अधिकतर समर्थक शामिल हैं. हालांकि पुलिस पूरे मामले में दोनों पक्षों की तहरीर मिलने के बाद जांच करके कड़ी कार्रवाई करने का दावा कर रही है. गौरतलब है कि निर्दलीय चुनाव जीते नगर पालिका अध्यक्ष बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे.

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