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हरदोई में पिछले 22 सालों से कलेक्ट्रेट में क्यों कैद में हैं सुभाषचंद्र बोस? जानें वजह

हरदोई में पिछले 22 सालों से कलेक्ट्रेट में क्यों कैद में हैं सुभाषचंद्र बोस? जानें वजह

सदर मालखाने में कैद है सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा.

सदर मालखाने में कैद है सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा.

Hardoi News: नेताजी की इस प्रतिमा को आजाद कराए जाने को लेकर पिछले 1 हफ्ते से शिवसेना के लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनका कहना है कि प्रतिमा को उसके सही जगह प्रशासन की ओर से लगवाया जाना चाहिए.

हाइलाइट्स

वर्ष 2000 में शहर में नेता जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए आई थी.
प्रतिमा आजाद कराए जाने को लेकर शिवसेना कर रही आमरण अनशन.

हरदोई. आजाद हिंद फौज के महानायक नेता जी सुभाषचंद्र बोस ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ाकर देश को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराया था. उनके योगदान का ऋण कभी नही चुकाया जा सकता. हाल ही देशभर में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया गया, वहीं दूसरी तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा अब भी आजादी की राह दे देख रही है. उत्तर प्रदेश के हरदोई में 22 साल से कलेक्ट्रेट के सदर मालखाने में कैद है.

नेताजी की इस प्रतिमा को आजाद कराए जाने को लेकर पिछले 1 हफ्ते से शिवसेना के लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनका कहना है कि प्रतिमा को उसके सही जगह प्रशासन की ओर से लगवाया जाना चाहिए. उनकी पुण्यतिथि है, पर दुर्भाग्य है कि उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नेताजी जी की प्रतिमा को घोर अपमान का सामना करना पड़ रहा है. आजाद भारत में करीब 22 साल से नेताजी की प्रतिमा पुलिस की कैद में है जो अपनी ही आजादी के लिए राह देख रही है.

लहू बहाकर देश को आजादी दिलाई, स्वतंत्र भारत में उनकी प्रतिमा आजादी के लिए तरसी
शिवसेना के अनुसार, जिस व्यक्ति ने अपना लहू बहाकर देश को आजादी दिलाई आज स्वतंत्र भारत में उसकी प्रतिमा आजादी के लिए तरस रही है. शिवसेना व पंडित शिवराम मिश्र जन कल्याण सेवा समिति और जयहिंद सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कई बार नेता जी की प्रतिमा को रिलीज कराने की मांग की है किन्तु जटिल प्रक्रिया का हवाला देते हुए स्थानीय अधिकारियों ने कोई रुचि नही दिखाई.

महानायक की प्रतिमा सदर मालखाना में कैद
शिवसेना नेता अवनीश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 23 जनवरी 2000 में शहर में नेता जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए आई थी. जिस पर विवाद हो गया, पुलिस-प्रशासन ने प्रतिमा को कस्टडी में ले लिया. जिसके बाद से आजादी के महानायक की प्रतिमा सदर मालखाना में कैद है. अवनीश के अनुसार इस प्रकरण को लेकर कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है. उनके अनुसार, नेता जी की मूर्ति देखरेख के अभाव में टूट रही है. उनका चश्मा टूट गया है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.

मालखाना में ड्यूटीरत कर्मियों की लापरवाही के कारण नेता जी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो रही है. कोर्ट के माध्यम से प्रतिमा रिलीज कराने की अर्जी दी है. नेता जी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा लगाने के लिए शहर के अस्पताल चौराहे को चिन्हित किया गया था किन्तु आबिद पेट्रोल पंप व गोपामऊ प्राइवेट बस स्टैंड के अवैध कब्जे की वजह से जिम्मेदार नाकाम रहे और भूमि उपलब्ध नही हो पाई.

Tags: Hardoi News, Netaji Subhash Chandra Bose

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