ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया, अब सोशल टीम बनाकर सांसें बांट रहा UP का ये शहर

ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया

मुफ्त ऑक्सीजन (Free Oxygen) मुहैया कराने की जिम्मेदारी अनुभव वाजपई, गुंजन त्रिपाठी और ऐश्वर्य सिंह की है. ब्लड और प्लाज्मा फ्री मुहैया कराने की जिम्मेदारी प्रियंका सिंह रक्तदानी की है.

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हरदोई. कोरोना (Corona) के प्रकोप को अगर जल्द ही नहीं रोका गया तो यह एक भयावह स्थिति बन जाएगी. तमाम लोग ऑक्सीजन, बेड और दवाओं के अभाव में मौत का शिकार हो गए. संसाधनों की किल्लत बदस्तूर अभी भी जारी है. हरदोई (Hardoi) जनपद कोरोना की चुनौती को स्वीकार कर बराबर डट कर न सिर्फ मुकाबला कर रहा है, बल्कि लोगों को जिंदगी की सांसे भी मुहैया करा रहा है. शहर के लोगों को ऑक्सीजन के लिये दरबदर भटकना नहीं पड़ रहा और न ही उन्हें ऑक्सीजन (Oxygen) की कालाबाज़ारी जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

कोरोना की दूसरी लहर की जैसे ही आमद हुई और लोगों ने ऑक्सीजन की किल्लत में अपनों को खोया तब हरदोई के लगभग एक दर्जन नव युवाओं ने 'हरदोई कोरोना वारियर्स' के नाम से सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाया. जिसका मकसद लोगों तक ऑक्सीजन, दवा, भोजन, प्लाज्मा, ब्लड और मुफ्त चिकित्सीय सलाह उपलब्ध कराना है. बीते 15 दिनों से ये टीम निरंतर लोगो की मदद कर रही है. इसमें समाज सेवी विक्रम पांडेय ने शहर के उन तमाम लोगों को एक पटल पर लेकर आए जो अलग- अलग तरीकों से लोगों की मदद करना चाहते थे.

ऐसे होती है ऑक्सीजन की रिफिलिंग
अनुभव वाजपई गोलू के परिवार में ऑक्सीजन की किल्लत के चलते कोरोना की दूसरी लहर में परिवार के कई लोग मौत हो गई. जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि अब कोई भी ऑक्सीजन की किल्लत से मौत का मुंह नहीं देखेगा. इलाके के लोगों, दुकानदार, वेल्डिंग करने वालो से संपर्क कर इन्होंने सिलेंडर को जुटाया और हमीरपुर जनपद के रिमझिम इस्पात फैक्ट्री से ऑक्सीजन मंगानी शुरू की. रिमझिम फैक्ट्री भी मुफ्त में ही ऑक्सीजन की रिफिलिंग करती है.

ग्रुप बनाकर सौंपी जिम्मेदारी
मुफ्त ऑक्सीजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी अनुभव वाजपई, गुंजन त्रिपाठी और ऐश्वर्य सिंह की है. ब्लड और प्लाज्मा फ्री मुहैया कराने की जिम्मेदारी प्रियंका सिंह रक्तदानी की है. वहीं एंबुलेंस की जिम्मेदारी रवि तिवारी ने संभाल रखी है. मुफ्त दवा के लिए रवि किशोर गुप्ता और मुफ्त भोजन दिलाने का जिम्मा शुभम सिंह और शिप्रा सोनकर को मिला है. इस तरह अलग अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग लोगों को हरदोई कोरोना वॉरियर्स ग्रुप में शामिल किया गया है. जहां एक जगह से तमाम दुश्वारियों का निदान पल भर में हो जाता है.