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Hardoi : हाथ पर नहीं कमर पर लगना था इंजेक्शन, गुस्सा गए तीमारदार और फिर...

Hardoi : हाथ पर नहीं कमर पर लगना था इंजेक्शन, गुस्सा गए तीमारदार और फिर...

उपचार के दौरान ट्रेनी फार्मासिस्ट.

उपचार के दौरान ट्रेनी फार्मासिस्ट.

Hardoi : हरदोर्द (Hardoi) में ट्रेनी फर्मासिस्ट (Trainee farmassist) की परिजनों ने की पिटाई. पेट दर्द की शिकायत लेकर आई पेशेंट की कमर पर लगना था इंजेक्शन(Injection), इस बात से भड़के परिवार वाले और चला दिए लात घूंसे. ट्रेनी को इतना मारा कि उसे लखनऊ रेफर करना पड़ा. मामले के बाद सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हड़ताल की घोषणा की है और आरोपियों को पकड़ने की मांग की है.

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हरदोई . उत्तर प्रदेश के हरदोई में गुंडो को कानून का डर नहीं है. बेखौफ अराजकतत्वों के ने हाल ही जिला अस्पताल में एक ट्रेनिंग फार्मासिस्ट की बेरहमी से पिटाई कर दी. इन गुंडो का डर इतना था कि अपने साथी को पिटता देख भी कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ सका.

मामले के अनुसार हरदोई के जिला अस्पताल में आई एक महिला को पेट दर्द था. इस पर उसे डाइक्लोफेनिक इंजेक्शन लगाने के लिए कहा गया. इस पर फार्मासिस्ट ने उक्त इंजेक्शन कमर में लगाये जाने की बात कही जिसके बाद महिला के साथ आए तीमारदार ट्रेनिंग फार्मासिस्ट पर बिफर गए. कुछ देर में उनके और साथी आ गए और ट्रेनी फ्रार्मासिस्ट की बेरहमी से पिटाई कर दी. घटना के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने स्ट्राइक कर दी, पुलिस मौके पर पहुंची और अराजक तत्वों को गिरफ्तार करने की बात कही. फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कर लिया है.

हाथ पर नहीं लग सकता था इंजेक्शन
अप्रेंटिस पर आए ट्रेनिंग फार्मासिस्ट नितिन मौर्या की खता सिर्फ इतनी थी कि उसने बताया कि डाइक्लोफेनिक इंजेक्शन हाथ मे नहीं बल्कि कमर में लगता है, इतना कहना उसके लिए मुसीबत बन गया. अराजकतत्वों द्वारा उसे इतनी बुरी तरह पीटा कि उसे गम्भीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है.
हालांकि रात से ही कोतवाली शहर पुलिस मुकदमा लिख कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है लेकिन अब तक आरोपियो को गिरफ्तार न कर सकी है. अस्पताल कर्मचारियों के स्ट्राइक करने औऱ जिलाधिकारी से शिकायत करने के बाद आज नगर मजिस्ट्रेट और मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर वाणी गुप्ता ने अस्पताल पहुंच कर जांच की.

नगर मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि जल्द ही अप्रेंटिस करने वाले फार्मासिस्ट को न्याय मिलेगा. वही प्रिंसिपल वाणी गुप्ता ने बताया कि डाइक्लोफेनिक इंजेक्शन का वैल्युम ज़्यादा होता है लिहाज़ा ये कमर में लगाया जाता है. पेशेंट को गैस्ट्रिक प्रॉब्लम थी अगर उन्हें कमर में इंजेक्शन लगवाने से प्रॉब्लम थी तो इंजेक्शन लगवाने से मना कर देती लेकिन इस तरह पिटाई करना बिलकुल जायज़ नहीं. आरोपियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को लिखा जा चुका है.

नर्स क्यों नहीं थी?
इस पूरे प्रकरण में एक बात और गौर करने वाली है जिसे जिला प्रशासन नज़रंदाज़ कर रहा है. वो ये है कि अगर किसी महिला को इंजेक्शन देना है तो उसके लिए प्रॉपर नर्स होनी चाहिए. महिला की कमर में अगर इंजेक्शन लगना था तो महिला नर्स को बुलाया जाना चाहिए था. नर्स को क्यों नही लगया गया और पुरुष फार्मासिस्ट द्वारा एक महिला की कमर में इंजेक्शन दिया जाना कितना जायज़ है? हालांकि इस बात के लिए किसी की पिटाई कर देना जायज़ नहीं है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है सीओ सिटी विकास जायसवाल का कहना है कि मुकदमा लिख लिया गया है, जल्द ही आरोपियो की गिरफ्तारी कर ली जाएगी.

Tags: Hardoi Latest News, Hardoi News, Strike, Uttar pradesh news

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