हाथरसः 6 वर्ष पूर्व निर्मित हुए थे स्वास्थ्य उपकेंद्र,अब तक नहीं पहुंचा एक भी चिकित्सक

स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों की लापरवाही के चलते स्वास्थ्य उपकेंद्र बिल्डिंग में जानवरों का चारे का भूसा केंद्र बनकर रह गया है


Updated: June 5, 2018, 3:12 PM IST

Updated: June 5, 2018, 3:12 PM IST
सूबे की योगी सरकार एक ओर जहां प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, तो वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्वास्थ्य सेवाओं को पलीता लगा रहे हैं. ताजा मामला हाथरस जिले के गांव एवरनपुर का है, जहां पिछले 6 वर्षों से स्वास्थ्य उपकेंद्र बनकर तैयार है, लेकिन अभी तक नहीं चालू हो सका है. बताया जाता है स्वास्थ्य उपकेंद्र की बिल्डिंग बनने के बाद से एक भी चिकित्सक यहां नहीं पहुंचा है, जिससे खाली पड़े बिल्डिंग का इस्तेमाल ग्रामीणों ने सामान रखने के लिए कर लिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों की लापरवाही के चलते स्वास्थ्य उपकेंद्र बिल्डिंग में जानवरों का चारे का भूसा केंद्र बनकर रह गया है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें इलाज के लिए गांव से काफी दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग से लेकर जिलाधिकारी में ध्यान नहीं दे रहे हैं. वहीं, मामले पर सीएमओ राजेश राठौर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है एवरनपुर गांव प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी योजना सांसद आदर्श ग्राम में चयनित है. हालांकि एवरनपुर के अलावा लहरा गांव में बने स्वास्थ्य उपकेंदर का भी कमोबेश यही हाल है, जहां पिछले कई सालों से ताला लटका हुआ है. लहरा गांव के प्रधान के मुताबिक उन्होंने मामले की शिकायत सीएमओ से की है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर