हाथरस पीड़िता के परिवार के लिए Y सिक्योरिटी की मांग, चंद्रशेखर आजाद बोले- सुप्रीम कोर्ट के जज करें जांच

 हाथरस पीड़िता के परिवार से मिले चंद्रशेखर आजाद.
हाथरस पीड़िता के परिवार से मिले चंद्रशेखर आजाद.

हाथरस में कथित गैंगरेप पीड़िता (Hathras Case) के परिवार से मिलने पहुंचे भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekher Azad). पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने और मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज से कराने की मांग.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 12:43 AM IST
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नई दिल्ली. यूपी के हाथरस में कथित गैंगरेप पीड़िता (Hathras Case) से राजनीतिक दलों और संगठनों के नेताओं के मिलने का सिलसिला जारी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बाद सपा और अन्य दलों के नेता भी पीड़िता के परिवार से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं. इसी क्रम में भीम आर्मी (Bhim Army) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekher Azad) भी आज पीड़िता के परिवार से मिले और सरकार से उन्हें सुरक्षा देने की मांग की. आजाद ने परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि पीड़िता के घरवाले यहां पर सुरक्षित नहीं हैं, इसलिए उन्हें तत्काल Y सिक्योरिटी मुहैया कराई जाए. चंद्रशेखर आजाद ने पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज से कराने की मांग भी की.

इससे पहले आज पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. जिला प्रशासन ने पीड़िता के घर जाकर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होने के आदेश का हवाला देते हुए दोनों दलों के नेताओं और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया. प्रशासन ने इस कार्रवाई के पीछे यह दलील भी दी कि COVID-19 महामारी की वजह से जिले में धारा 144 लागू है. इसके अलावा कानून व्यवस्था के मौजूदा हालात को देखते हुए भी यह निर्णय लिया गया है कि राजनेताओं को सीमित संख्या के साथ ही पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी जाएगी.







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हाथरस में बड़ी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है. रविवार को समाजवादी पार्टी और रालोद के कार्यकर्ता वहां प्रदर्शन कर रहे थे. इसी बीच रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे. जयंत चौधरी को उनके पांच अन्य समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति दी गई थी. इसी बीच दोनों दलों के कार्यकर्ता उग्र हो उठे. पुलिस का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद लाठीचार्ज हुआ. लाठीचार्ज के दौरान रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी भी पुलिस की कार्रवाई के शिकार हो गए.
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