हाथरस केस: जांच के लिए CBI ने गांव में बनाया कैंप ऑफिस, तफ्तीश की रडार पर हैं ये लोग

Hathras Case: सीबीआई ने बूलगढ़ी गांव में बनाया कैंप ऑफिस. अब तेज होगी जांच. (फाइल फोटोः ANI)
Hathras Case: सीबीआई ने बूलगढ़ी गांव में बनाया कैंप ऑफिस. अब तेज होगी जांच. (फाइल फोटोः ANI)

Hathras gangrape case: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप और हत्या के मामलों की जांच के लिए विस्तृत पड़ताल करने को बूलगढ़ी गांव में जमाया अड्डा. मामले में यूपी पुलिस की शुरुआती खामियों की भी जांच कर रही है सीबीआई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 14, 2020, 2:25 PM IST
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हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती से कथित गैंगरेप (Hathras Case) और मर्डर की जांच करने बूलगढ़ी गांव पहुंची केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने आज यहां अपना कैंप ऑफिस बना लिया है. सीबीआई इस केस की जांच तेज कर दी है. देशभर में सुर्खियों में रहे इस मामले की जांच करने बुलगढ़ी गांव पहुंची सीबीआई का आज तीसरा दिन है. सीबीआई ने जांच की रडार पर उन लोगों को रखा है, जिनका किसी न किसी तरीके से इस केस से जुड़ाव है. इस बीच, यूपी की योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह सीबीआई जांच की निगरानी करे. साथ ही सरकार ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई है.

जांच में देरी क्यों हुई, इस बात की हो रही तफ्तीश
बूलगढ़ी गांव में सीबीआई का कैंप ऑफिस बनने के बाद इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर केंद्रीय जांच ब्यूरो की तफ्तीश किन-किन मुद्दों पर होनी है. बताया जा रहा है कि इस केस को लेकर सूबे की पुलिस और सरकार की जो किरकिरी हुई है, CBI की जांच रिपोर्ट उस खोई हुई साख को वापस दिला देगी. हालांकि यह सब इतना आसान भी नहीं है. क्योंकि CBI के सूत्रों की मानें तो यहां कैंप ऑफिस में इस बात को लेकर खासी चर्चा है कि इस मामले में की गई देरी ने तफ्तीश के रास्ते में रुकावटें बढ़ा दी हैं, जिसकी वजह से सच का पता लगाना बेहद मुश्किल है.

इन बिंदुओं पर हो रही जांच
सीबीआई हाथरस केस में कई प्रमुख बिंदुओं पर जांच कर रही है. अब तक की गई जांच में ये बात सामने आ चुकी है कि हाथरस पुलिस ने मामले में शुरुआती FIR दर्ज की थी, लेकिन कोर्ट से आरोपियों की रिमांड लिए बिना ही उन्हें जेल भेज दिया था. मुख्य आरोपी संदीप 20 सितंबर को गिरफ्तार हुआ था, जबकि बाकी तीन आरोपी 23 से 27 सितंबर के बीच गिरफ्तार हुए थे. मगर पुलिस ने किसी भी आरोपी से पूछताछ नहीं की और ये बात अब CBI को अखर रही है.
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