हाथरस केस: CBI ने 15 दिन के लिए शहर में बनाया कैंप कार्यालय, सबूत जुटाने के लिए पहुंची श्‍मशान

सीबीआई ने हाथरस के उप कृषि निदेशक कार्यालय की बिल्डिंग में अपना कैंप कार्यालय बनाया है.
सीबीआई ने हाथरस के उप कृषि निदेशक कार्यालय की बिल्डिंग में अपना कैंप कार्यालय बनाया है.

Hathras Case: सीबीआई (CBI) की टीम ने हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और मौत के मामले की जांच के लिए ढेरा डाल लिया है. वह 15 दिन तक शहर में रहकर मामले के सबूत जुटाएगी.

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हाथरस. इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad High Court) की लखनऊ खंडपीठ में हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और मौत के मामले की अगली सुनवाई की तारीख 2 नवंबर तय की है. जबकि हाथरस केस (Hathras Case) में सीबीआई (CBI) की टीम ने अपनी छानबीन की औपचारिक शुरुआत कर दी है. टीम में शामिल अधिकारी मंगलवार को क्राइम स्‍पॉट पर पहुंचे और पीड़‍िता के भाई को भी घटनास्‍थल पर बुलाया, ताकि घटना के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके. यही नहीं, सीबीआई ने हाथरस के उप कृषि निदेशक कार्यालय की बिल्डिंग में अपना कैंप कार्यालय बनाया है. इस टीमें में 15 लोग शामिल हैं. वहीं, सीबीआई की सीमा पाहूजा मामले की इन्वेस्टिगेशन अधिकारी हैं. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वी के शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक आर आर त्रिपाठी और निरीक्षक एस श्रीमती को भी जांच दल में शामिल किया गया है. जानकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम 15 दिन हाथरस में रह कर इस केस की जांच करेगी.

आपको बता दें कि केस को लेकर पीड़ित परिवार के लोगों के साथ अधिकारियों ने भी अपना पक्ष रक्षा था. जबकि कोर्ट में पीड़ित परिवार ने रात में अंतिम संस्कार पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्हें नहीं पता किसका अंतिम संस्कार किया गया है. पीड़ित परिवार के बयान के बाद हाईकोर्ट में हाथरस के डीएम ने कहा था कि पीड़िता का रात में अंतिम संस्कार का फैसला स्थानीय प्रशासन का था. ऊपर से रात में अंतिम संस्कार को लेकर कोई निर्देश नहीं था. कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते रात में अंतिम संस्कार का फैसला लिया गया था. वहीं, आज सीबीआई काफी देर तक अंतिम संस्‍कार वाली जगह रही, ताकि सबूत जुटाए जा सकें.

लखनऊ पीठ ने लिया था हाथरस कांड संज्ञान
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने हाथरस कांड पर स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में आला अधिकारियों को गत एक अक्टूबर को तलब किया था. न्यायालय ने गत एक अक्टूबर को घटना के बारे में बयान देने के लिए मृत पीड़िता के परिजनों को बुलाया था. जबकि एक अक्टूबर को न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हाथरस को घटना के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए 12 अक्टूबर को अदालत में तलब किया था.
गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र में 19 साल की एक दलित लड़की से अगड़ी जाति के चार युवकों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था. इस घटना के बाद हालत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां गत 29 सितंबर को उसकी मृत्यु हो गई थी. इस घटना को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर जबरदस्त हमला बोला था. वहीं, अब इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है.
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