Hathras Case: DIG शलभ माथुर को हाथरस और ADG राजीव कृष्ण को मिली अलीगढ़ की जिम्‍मेदारी, जानें पूरा मामला

हाथरस कांड के आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष
हाथरस कांड के आरोपी ने खुद को बताया निर्दोष

हाथरस की 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप (Gangarpe) को लेकर यूपी में जबरदस्‍त हंगामा मचा हुआ है. इस बीच योगी सरकार ने डीआईजी विशेष जांच शलभ माथुर (Shalabh Mathur) और राजीव कृष्ण (अपर पुलिस महानिदेशक) को क्रमश: हाथरस व अलीगढ़ में कानून व्‍यवस्‍था को लेकर बड़ी जिम्‍मेदारी दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 8, 2020, 1:13 PM IST
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हाथरस. उत्‍तर प्रदेश के हाथरस की 19 वर्षीय दलित युवती के साथ कथित गैंगरेप (Gangarpe) और फिर इलाज के दौरान मौत के बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस बीच योगी सरकार ने घटना के बाद पैदा हुई कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दो अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी है. डीआईजी (DIG) विशेष जांच शलभ माथुर (Shalabh Mathur) को हाथरस का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. वह सात दिन तक हाथरस में रहकर विशेष दायित्वों का निर्वाहन करेंगे. इसके अलावा राजीव कृष्ण (अपर पुलिस महानिदेशक) पर अलीगढ़ जिले में हालात को सामान्य बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी.

योगी सरकार ने हाथरस के बुलखड़ी थाना में हुई घटना के बाद पैदा हुई कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए इन दोनों अधिकारियों को जिम्‍मेदारी दी है. इन पर विशेष तौर पर हाथरस और अलीगढ़ में हालात को सामान्य बनाए रखने का जिम्‍मा होगा. डीआईजी विशेष जांच शलभ माथुर पीड़ित परिवार की सुरक्षा की समीक्षा करने के साथ क्षेत्र में अपराधियों-अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा भी करेंगे. यही नहीं, वह सभी थानों में निर्धारित अवधि से अधिक और तबादले के बाद टिके पुलिस वालों की सूचना सरकार को देंगे. इसके अलावा हाथरस जिले और चंदपा थाने में एलआईयू (LIU) की सतर्कता-सजगता को भी परखेंगे. वहीं, वह जन प्रतिनिधियों से मिलकर बेहतर पुलिसिंग व्‍यवस्‍था के साथ आगामी पर्वो में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अन्‍य अधिकारियों को निर्देश देंगे.





अब तक 600 से ज्यादा लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज
विपक्षी दल जहां इस घटना को लेकर योगी सरकार और यूपी की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. वहीं, राज्य सरकार घटना के पीछे विदेशी हाथ होने तक की आशंका जाहिर कर रही है. हाथरस कांड के बाद विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर यूपी पुलिस ने हाथरस समेत प्रदेश के 6 जिलों में 19 एफआईआर भी दर्ज कराई. यूपी पुलिस द्वारा दर्ज की गई इन प्राथमिकियों में दंगे भड़काने और देशद्रोह जैसे संगीन आरोप लगाए गए हैं. हाथरस में दर्ज प्राथमिकी में रालोद नेता जयंत चौधरी और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद समेत 600 से ज्यादा लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया गया है. पुलिस ने इसके अलावा हाथरस में दंगे भड़काने को लेकर बीते दिनों 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनके संबंध पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से बताए जा रहे हैं. इन लोगों में से एक केरल का पत्रकार है, जिसका नाम सिद्दीकी बताया जा रहा है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, पीएफआई से जुड़ा होने के शक में जिस पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है, वह केरल श्रमजीवी पत्रकार संगठन (KUWJ) का सदस्य है. यही नहीं, वह संगठन का सचिव भी है. वहीं एक अन्य संदिग्ध के बारे में बताया गया है कि वह दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी का छात्र है. जामिया का छात्र यूपी के बहराइच का रहने वाला है.

आपको बता दें कि हाथरस जिले में 14 सितंबर को 19 साल की दलित युवती के साथ कथित रूप से गैंगरेप की घटना हुई थी. इसके करीब एक पखवाड़े बाद पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. विपक्षी दलों का आरोप है कि माता-पिता की रजामंदी के बगैर देर रात उसका पुलिस ने पीड़िता का अंतिम संस्कार कर दिया. इसके बाद से ही हाथरस को लेकर विपक्षी दल लगातार योगी सरकार पर हमला कर रहे हैं.
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