हाथरस: ध्वनि प्रदूषण को लेकर हुई पहली कार्रवाई

यह जनपद में ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत पहली कार्यवाही है. इससे बैंड व डीजे संचालक सहित ध्वनि विस्तारक यंत्रों से कार्यक्रम आयोजित कराने वालों में खलबली है. गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण पर उचित कार्यवाही के लिए सरकार को आदेश दिए हैं. इसी क्रम में पिछले दिनों सर्वे किया गया था.

Prashant Kaushik | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 26, 2018, 12:06 PM IST
हाथरस: ध्वनि प्रदूषण को लेकर हुई पहली कार्रवाई
न्यूज18हिंदी
Prashant Kaushik | ETV UP/Uttarakhand
Updated: January 26, 2018, 12:06 PM IST
ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाथरस प्रशासन सख्त हो गया है. एक बारात में बजने वाले बैंड पर प्रशासन ने एक्शन लिया है. बिना अनुमति बैंड बजाने पर बैंड संचालक के खिलाफ थाना चंदपा में रिपोर्ट दर्ज की गई है.

यह जनपद में ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत पहली कार्यवाही है. इससे बैंड व डीजे संचालक सहित ध्वनि विस्तारक यंत्रों से कार्यक्रम आयोजित कराने वालों में खलबली है. गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने ध्वनि प्रदूषण पर उचित कार्यवाही के लिए सरकार को आदेश दिए हैं. इसी क्रम में पिछले दिनों सर्वे किया गया था.

ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग करने वाले धर्म स्थलों की भी पहचान जिला प्रशासन ने कराया था. तहसीलों की राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम ने लोगों से अनुमति लेकर ही लाउड स्पीकर आदि का प्रयोग करने को कहा था.

हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद से तमाम लोग तहसीलों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति लेने को चक्कर काट रहे हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 200 यथा संशोधित के प्राविधानों के अनुसार कार्यवाही करने की चेतावनी भी प्रशासन ने दी थी.

थाना चंदपा क्षेत्र के सौभाग्य फार्म हाउस में एक बारात आई थी. जिसमें मां संतोषी बैंड बज रहा था. पुलिस यहां पर पहुंची और बैंड संचालक से बैंड बजाए जाने की अनुमति दिखाने को कहा. पुलिस के मुताबिक बैंड संचालक ऐसा कोई भी प्रपत्र पेश नहीं कर सका. जिसे लेकर पुलिस ने बैंड संचालक अमीरुद्दीन पुत्र अल्लामेहर निवासी नवीपुर खुर्द के खिलाफ ध्वनि प्रदूषण की धाराओं में चंदपा थाने में रिपोर्ट दर्ज की.

उधर इस तरह की कार्यवाही से बैंड संचालक और कर्मचारी बहुत उदास है. उनका कहना है कि एक तो हमें प्रसाशन बैंड बजाने की अनुमति नहीं देता है. और मुझे और मेरी टीम को चोरों की तरह पुलिस जीप में डालकर थाने ले गयी. हमारे साथ बतमीजी की गई.

अगर हम लोगों को परमिशन नहीं मिली तो हम सभी बैंड संचालको का परिवार भुखमरी के कगार पर आ जायेगा.हम बहुत परेशान हैं. बैंड संचालकों ने हाथरस सदर प्रशसान पर आरोप भी लगाए है कि इगलास और सादाबाद में बैंड संचालकों को 1साल की परमिशन अनुमति दे दी गई है लेकिन हाथरस में नहीं मिली है.
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