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    हाथरस केस: दिल्‍ली से हाथरस जा रहे PFI से जुड़े 4 संदिग्ध गिरफ्तार, भड़काऊ साहित्‍य भी बरामद

    अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को चंदपा थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी दी. (सांकेतिक तस्वीर)
    अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को चंदपा थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी दी. (सांकेतिक तस्वीर)

    Hathras Case: पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार लोगो के कब्‍जे से मोबाइल, लैपटॉप (Mobile, Laptop) और शांति व्‍यवस्‍था भंग करने वाला संदिग्‍ध साहित्‍य भी बरामद किया गया है.

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    लखनऊ. हाथरस केस (Hathras case) में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब पुलिस ने चंदपा थाने (Chandpa police station) में जाति आधारित संघर्ष की साजिश रचने और सरकार की छवि को बिगाड़ने के प्रयास के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. प्रदेश भर में इस संबंध में कुल 21 मुकदमें दर्ज किये गये हैं. दिल्‍ली से हाथरस जा रहे एक संगठन से जुड़े चार युवकों को पुलिस ने‍ गिरफ्तार कर लिया है. इनका संबंध PFI से बताया जा रहा है.

    अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार के मुताबिक, हाथरस प्रकरण में हाथरस जिले के विभिन्‍न थाना क्षेत्रों में 6 मुकदमों के अलावा सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर आपत्तिजनक टिप्‍पणी को लेकर बिजनौर, सहारनपुर, बुलंदशहर, प्रयागराज, हाथरस, अयोध्‍या, लखनऊ आयुक्तालय में कुल 13 मामले दर्ज किये गये हैं. दिल्‍ली से हाथरस की तरफ जा रहे चार संदिग्‍धों के खिलाफ निरोधात्‍मक कार्रवाई करते हुए उन्‍हें गिरफ़तार किया गया है. पुलिस का आरोप है कि ये लोग हाथरस के बहाने उत्‍तर प्रदेश को जलाने की साजिश में शामिल हैं.




    सभी के संबंध PFI से
    प्रशांत कुमार ने बताया कि सोमवार को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्‍ध व्‍यक्ति दिल्‍ली से हाथरस की तरफ जा रहे हैं. इस पर टोल प्‍लाजा के पास संदिग्‍ध वाहनों की चेकिंग की गई. स्विफ़्ट डिजायर गाड़ी में सवार चार युवकों को रोक कर पूछताछ की गई तो उनका संबंध पॉपुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआई) एवं उसके सहयोगी संगठन कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई) से होने की जानकारी मिली. पकड़े गये युवकों में मुजफ्फरनगर के नगला का रहने वाला अतीकउर्रहमान, मल्‍लपुरम का निवासी सिद़दीकी, बहराइच जिले के जरवल का निवासी मसूद अहमद और रामपुर जिले की कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले आलम शामिल हैं.


     संदिग्‍ध साहित्‍य भी बरामद
    पुलिस सूत्रों ने बताया कि उनके कब्‍जे से मोबाइल, लैपटाप और शांति व्‍यवस्‍था पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला संदिग्‍ध साहित्‍य भी बरामद किया गया है. पुलिस की ओर से चंदपा थाने में रविवार की शाम को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें देश की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने (राजद्रोह) से लेकर विभिन्‍न समुदायों के बीच दुश्‍मनी को बढ़ावा देने जैसे कई गंभीर आरोपों की धारा शामिल है. चंदपा थाने में ही रविवार और सोमवार को राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी सरकारी कार्य में व्‍यवधान और निषेधाज्ञा के उल्‍लंघन जैसे आरोपों में अलग-अलग मुकदमा दर्ज कराया गया है.


    अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्‍यवस्‍था) प्रशांत कुमार ने सोमवार को चंदपा थाने में दर्ज मुकदमों की जानकारी दी. उन्‍होंने बताया कि पोस्‍टरों, सोशल मीडिया पोस्‍ट से माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है. ऐसे लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्रशांत कुमार ने कहा कि पहला मुकदमा वायरल आडियो से माहौल बिगाड़ने के प्रयास में चंदपा थाने में हुआ. एक साजिश के तहत यूपी का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है. सूबतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है. कई एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं.

    इन धराओं में केस दर्ज
    उल्‍लेखनीय है कि एक पुलिस उप निरीक्षक की तहरीर पर हाथरस के चंदपा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 109 (अपराध के लिए उकसाने), 124ए (देश की एकता और अखंडता को खतरा पहुंचाने की कोशिश-राजद्रोह) 120बी (षडयंत्र), 153-ए (धर्म भाषा और जाति के आधार पर विद्वेष फैलाना), 153-बी (राष्‍ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले बयान), 195(झूठे साक्ष्‍य गढ़ना), 465 (कूटरचना), 468 (कूटरचित दस्‍तावेजों का प्रयोग), 501 (मानहानिकारक मुद्रण), 505 (भय का माहौल बनाने वाला बयान) और सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम 2008 की धारा 67 समेत कुल 20 धाराओं में रविवार को मुकदमा दर्ज किया गया है.


    महौल खराब करने की कोशिश की
    उप निरीक्षक ने अपनी तहरीर में लिखा है कि हाथरस की दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना को लेकर कुछ अराजक तत्‍व बेजा लाभ लेने के लिए आपराधिक षडयंत्र के तहत पूरे प्रदेश का अमन चैन बिगाड़ने और जातीय द्वेष भड़का कर प्रदेश में विधि द्वारा स्‍थापित सरकार के प्रति घृणा और अवमानना के लिए पीड़ित परिवार को भड़का रहे हैं. उप निरीक्षक की तहरीर में लिखा है कि पीड़ि‍त परिवार को गलत बयानी के लिए दबाव डालकर उन्‍हें 50 लाख रुपयों का प्रलोभन देकर झूठ बोलने के लिए उकसा रहे हैं. पूर्व में दिये गये बयानों को बदलवाने का प्रयास कर हाथरस और प्रदेश की शांति को प्रभावित किया गया है.



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