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हाथरस कांड: पीड़िता के भाई ने कहा- अस्थियां नहीं होगी विसर्जित, जब तक आरोपियों को नहीं हो जाती फांसी

पीड़िता के भाई ने कहा- अस्थियां नहीं होगी विसर्जित
पीड़िता के भाई ने कहा- अस्थियां नहीं होगी विसर्जित

इससे पहले दिवंगत 19 वर्षीय महिला की मां ने कहा कि उनकी मौत (Death) के बाद पुलिस (Police) ने उनकी बेटी का शव नहीं सौंपा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 3, 2020, 8:00 PM IST
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हाथरस. यूपी के हाथरस कांड (Hathras Scandal) को लेकर पीड़िता के परिजनों की तरफ से जिलाधिकारी प्रवीण कुमार पर आरोपों की बौछार जारी है. अब पीड़िता के भाई ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है. पीड़िता के भाई ने कहा कि अस्थियां विसर्जित नहीं की जाएगी, जब तक आरोपियों को फांसी नहीं लटकाया जाएगा. उन्होंने जिलाधिकारी प्रवीण कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना के पीछे पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया.

पीड़िता के भाई ने बताया कि जिलाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी व अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से की है. उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन की कार्रवाई से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है. क्योंकि जिलाधिकारी के खिलाफ परिवार में भारी आक्रोश है. उन्होंने कहा कि हम जांच से संतुष्ट नहीं हैं. हम केस की सीबीआई जांच चाहते हैं. मेरी बहन की मौत हो गई. प्रशासन ने बिना उनका चेहरा दिखाए अंतिम संस्कार कर दिया.





हम सीबीआई जांच भी नहीं चाहते?
इससे पहले दिवंगत 19 वर्षीय महिला की मां ने कहा कि उनकी मौत के बाद पुलिस ने उनकी बेटी का शव नहीं सौंपा. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच की मांग की और कहा कि परिवार को एसआईटी या सीबीआई पर भरोसा नहीं है. मां ने कहा कि 'इन लोगों ने मुझे भीख मांगने के बाद भी अपनी लड़की का शरीर नहीं देखने दिया. हम सीबीआई जांच भी नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के जज के अधीन हो. हम नार्को टेस्ट क्यों कराएं, हमने अपना बयान कभी नहीं बदला.

'उस रात किसके शव का अंतिम संस्कार किया गया?'

मीडिया से बात करते हुए पीड़िता की भाभी ने कहा, 'सबसे पहले पुलिसवालों को स्पष्ट करना चाहिए कि उस रात किसके शव का अंतिम संस्कार किया गया था. वह हमारी लड़की का शरीर नहीं था, हमने इसे नहीं देखा. हम नार्को टेस्ट क्यों कराएं? हम सच कह रहे हैं, हम न्याय मांग रहे हैं. डीएम और एसपी का नार्को टेस्ट हो. यही लोग झूठ बोल रहे हैं.'

मृतक के दादा के शव का अंतिम संस्कार करने के समय उपस्थित होने की खबरों का खंडन करते हुए, उनकी भाभी ने कहा, 'लड़की के दादा की मृत्यु 2006 में हुई थी. कोई कैसे दावा कर सकता है कि वह दाह संस्कार के दौरान मौजूद थे?'
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