हाथरस कांड: एक बार फिर घटनाथल पहुंची सीबीआई टीम, छानबीन जारी

हाथरस कांड: घटनास्थल पर एक बार फिर पहुंची सीबीआई टीम (वीडियो ग्रैब)
हाथरस कांड: घटनास्थल पर एक बार फिर पहुंची सीबीआई टीम (वीडियो ग्रैब)

हाथरस कांड (Hathras Case) में पिछले 8 दिनों से सीबीआई तेजी से जांच में जुटी है. उधर, मामले में यूपी सरकार द्वारा गठित एसआईटी भी अपनी जांच रिपोर्ट 21 अक्टूबर को सौंपेगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 1:08 PM IST
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हाथरस. उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में गैंगरेप और हत्याकांड (Gangrape and Murder Case) की जांच कर रही सीबीआई टीम (CBI Team) मंगलवार को एक बार फिर घटनास्थल का मुआयना करने पहुंची. यहां सीबीआई टीम एक बार फिर से छानबीन कर रही है. उधर जिस खेत में पीड़िता के साथ वारदात को अंजाम दिया गया था, अब उस जमीन के मालिक (Land owner) ने मुआवजे की मांग कर दी है.

जमीन मालिक का कहना है कि घटना के बाद से उसके खेत को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. इसकी वजह से वह खेत में लगी फसल का सिंचाई नहीं कर पाया. इससे फसल का उपज प्रभावित हुआ है. वहीं, अब सबूत मिटे नहीं, इसके लिए फसल को काटने भी नहीं दिया गाय. ऐसे में उसकी फसल बर्बाद हो गई. इसलिए जमीन मालिक ने मुआवजे (Compensation) की मांग की है.

जानकारी के मुताबिक, जमीन मालिक पहले जयपुर में रहकर खेती करता था. लेकिन वह पिछले कुछ महीनों से गांव में आकर खेती कर रहा था. उसने कहा कि उसके पास 9 बीघा जमीन है. उसमें बाजरा बोया था. लेकिन घटना के बाद से पुलिस- प्रशासन ने खेतों में जाने से मना कर दिया. पुलिस का कहना है कि यदि खेत में सिंचाई और फसल की कटाई की गई तो सारे सबतू मिट जाएंगे. ऐसे में उसका 9 बीघे का फसल बर्बाद हो गया है.



खेत से होने वाली आमदनी से पांच लोगों का परिवार खाता था
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन मालिक का कहना है कि अधिकारियों ने कहा था फसल के नुकसान की भरपाई के लिए 50000 रुपये दिए जाएंगे. लेकिन अभी तक कुछ नहीं दिया गया है. किसान ने कहा कि उसके खेत से होने वाली आमदनी से पांच लोगों का परिवार खाता था. यदि हमे समय पर मुआवजा नहीं मिला तो आर्थिक तंगी सामने आ जाएगी. पेट भरना मुश्किल हो जाएगा. किसान का कहना है कि उसके ऊपर 1.6 लाख रुपये का कर्ज भी है.

वहीं, हाथरस के एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सबूत नष्ट करने के मद्देनजर किसान ने अपने खेत की कटाई नहीं की. हालांकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अपराध स्थल में कोई भी बदलाव सबूतों से छेड़खानी की श्रेणी में आता है. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सीबीआई गांव में कैंप कर रही है. सीबीआई पीड़ित परिवार के साथ-साथ आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है.

एक आरोपी निकला नाबालिग

वहीं इस मामले में पुलिस की एक और लापरवाही सामने आई है. अलीगढ़ जेल में बंद चारों आरोपियों में से एक की हाईस्कूल की मार्कशीट सामने आई है. मार्कशीट के मुताबिक, आरोपी नाबालिग है. बावजूद इसके पुलिस ने बिना छानबीन के उसे अलीगढ़ जेल भेज दिया, जबकि कानून के मुताबिक उसे बाल सुधार गृह भेजा जाना चाहिए था. इतना ही नहीं आरोपी की पहचान भी उजागर कर दी गई.

आरोपियों के घर पूछताछ करने पहुंची सीबीआई टीम के हाथ एक आरोपी की हाईस्कूल की मार्कशीट लगी है, जिसमें वह नाबालिग निकला. इसके बाद सीबीआई ने सस्पेंडेड पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की. सोमवार देर रात तक सीबीआई की टीम ने कोतवाली चंदपा में सस्पेंड किए गए सीओ रामशब्द, इंस्पेक्टर डीके वर्मा और हेड मोहर्रर महेश पाल से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद अहम साक्ष्य जुटाने के बाद कैंप ऑफिस लौट गई.

आरोपियों से जेल में पूछताछ

इससे पहले सोमवार को दिन में सीबीआई की एक टीम ने पीड़िता का इलाज करने वाले अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी मुलाक़ात की और पूछताछ कर जानकारी हासिल की. इसके बाद सीबीआई की टीम अलीगढ़ जेल पहुंची, जहां चारों आरोपी बंद हैं. सीबीआई की टीम ने चारों आरोपियों से मैराथन पूछताछ की. गौरतलब है कि पिछले 8 दिनों से सीबीआई इस मामले में तेजी से जांच में जुटी है. उधर, एसआईटी भी अपनी जांच रिपोर्ट 21 अक्टूबर को सौंपेगी.
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