हाथरस जा रहे राहुल-प्रियंका को पुलिस ने हिरासत में लिया, दोनों ने ‘जंगलराज’ का आरोप लगाया

पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लेकर कुछ देर बाद छोड़ दिया.
पुलिस ने राहुल गांधी को हिरासत में लेकर कुछ देर बाद छोड़ दिया.

Hathras Case: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस में दलित बिटिया से कथित गैंगरेप के बाद हैवानियत के मामले में सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक आक्रोश देखने को मिल रहा है. पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया था हालांकि उन्हें कुछ देर बाद छोड़ दिया गया.

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लखनऊ/नोएडा/नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Former Congress President Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (General Seceratry Priyanka Gandhi Vadra) को पुलिस ने गुरुवार को सामूहिक बलात्कार (Gangrape) की पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए हाथरस (Hathras) जाने से रोक दिया और हिरासत में ले लिया जिसके बाद दोनों नेताओं ने प्रदेश में ‘जंगलराज’ होने का आरोप लगाया और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा.

गौतमबुद्ध नगर के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की है कि दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया. दूसरी तरफ, कांग्रेस ने दावा किया कि राहुल और प्रियंका को उत्तर प्रदेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया. पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से दावा किया, ‘‘राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.’’

परी चौक के पास राहुल-प्रियंका को रोका गया
सूत्रों का कहना कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के काफिले को पहले ग्रेटर नोएडा में परी चौक के निकट रोक दिया गया जिसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिए निकल गए. कुछ देर बाद पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर इन्हें हिरासत में ले लिया.
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कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पुलिस राहुल, प्रियंका और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पुलिस जीप में एक गेस्ट हाउस में ले गई और फिर उन्हें छोड़ दिया गया. इसके बाद वे पुलिस के सुरक्षा घेरे में वापस दिल्ली रवाना हो गए.

राहुल-प्रियंका ने पुलिस पर लगाए लाठी चलाने के आरोप
हाथरस जाने से रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका ने राज्य में ‘जंगलराज’ होने एवं पुलिस द्वारा लाठियां चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ‘अहंकारी सरकार’ की लाठियां रोक नहीं सकतीं. इस बीच, पार्टी ने कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने राहुल गांधी को रोकने के लिए उनके साथ धक्का-मुक्की की जिस कारण वो जमीन पर गिर गए.

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में जंगलराज का यह आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दुख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता. उप्र में जंगलराज का ये आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय!’’ प्रियंका ने आरोप लगाया कि उन्हें और राहुल गांधी को हाथरस जाने से रोकने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं, लेकिन ‘अहंकारी सरकार’ की लाठियां उन्हें रोक नहीं सकतीं.

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हाथरस जाने से हमें रोका. राहुल जी के साथ हम सब पैदल निकले तो बार-बार हमें रोका गया, बर्बर ढंग से लाठियां चलाईं. कई कार्यकर्ता घायल हैं. मगर हमारा इरादा पक्का है. एक अहंकारी सरकार की लाठियां हमें रोक नहीं सकतीं. काश, यही लाठियां, यही पुलिस हाथरस की दलित बेटी की रक्षा में खड़ी होती.’’

"उत्तर प्रदेश में बहनों को नहीं मिलता न्याय"
इससे पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है. बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. उत्तर प्रदेश में जंगलराज है.' उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिये और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये. उत्तर प्रदेश में बहनों को न्याय नहीं मिलता. यह कोई पहली बार नहीं है. आपको याद होगा कि पिछले साल भी इसी वक्त हम उन्नाव की बेटी की लड़ाई लड़ रहे थे.'

प्रियंका ने दावा किया कि जब तक सरकार को झकझोरा और जगाया नहीं जाएगा तब तक वह महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ नहीं करने वाली है.

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कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि यह घटना (हाथरस सामूहिक बलात्कार) बहुत अन्यायपूर्ण थी और उसके बाद सरकार ने शव के अंतिम संस्कार में जो किया वह तो और भी बड़ा अपमान था. उन्होंने सवाल किया कि माता-पिता की अनुमति के बिना रात के समय अंतिम संस्कार कर देना कौन सा धर्म है?

यूपी कैबिनेट मंत्री ने राहुल-प्रियंका पर साधा निशाना
इस बीच, राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने राहुल और प्रियंका पर निशाना साधते हुए कहा, 'ये जो भाई-बहन दिल्ली से चले हैं, उन्हें राजस्थान जाना चाहिये था. जहां भी ऐसी घटना होती है, वह जघन्य अपराध होता है. राजस्थान में भी वारदात हुई थी, मगर कांग्रेस हाथरस की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है.'

उधर, हाथरस जिलाधिकारी पी.के. लक्षकार ने बताया था कि जिले में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है जो आगामी 31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी. जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गयी हैं. उन्होंने सभी से जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की.

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था. लड़की को रीढ़ की हड्डी में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी.

इस घटना को लेकर देश भर में जगह-जगह प्रदर्शन किये गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फोन कर इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने को कहा था. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिये बुधवार को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है. इसे सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है.
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