हाथरस: एक साथ जन्मी दो जुड़वा बहनों की शक्ल ही नहीं अक्ल भी एक जैसी, CBSE 12वीं में हासिल किये बराबर अंक
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हाथरस: एक साथ जन्मी दो जुड़वा बहनों की शक्ल ही नहीं अक्ल भी एक जैसी, CBSE 12वीं में हासिल किये बराबर अंक
दोनों बहनों को बैडमिंटन खेलना पसंद है निचली कक्षाओं में भी दोनों बहनों ने समान अंक प्राप्त किए हैं

CBSE 12th Results 2020: इसे कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे कि एक साथ पैदा होने वाली मानसी और मानवी के नंबर भी 12वीं में जुड़वा आए हैं. दोनों के 12वीं की परीक्षा का परिणाम भी हू-ब-हू है. दोनों के सब्जेक्ट और नंबर भी बराबर हैं. दोनों के रेसुस्ल्ट शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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हाथरस. वैसे तो यह स्टोरी रियल लाइफ की है, लेकिन आपने ऐसा फिल्मों में ही देखा होगा, जुड़वा बच्चों की शक्ल तो एक जैसी हो सकती है, लेकिन क्या उनका दिमाग भी एक जैसा हो सकता है. शायद इस सवाल का जवाब वास्तवकि जिंदगी में ना ही मिले. लेकिन ऐसा हुआ है. हाथरस (Hathras) की दो जुड़वा बहनें (Twin Sisters) न सिर्फ देखने के एक जैसी हैं, बल्कि उनकी सोच और दिमाग भी एक जैसा ही है. दोनों बहनों ने सीबीएसई 12वीं (CBSE 12th result) की परीक्षा में हर विषय में समान अंक हासिल किये हैं.

कुदरत का करिश्मा

ये कहानी है हाथरस के कोतवाली गेट क्षेत्र के साकेत कालोनी की रहने वाली  जुड़वा बहनों की. मानसी और मानवी एक साथ ही पैदा हुईं और एक साथ इस दुनिया को देखा. एक साथ ही स्कूल गईं और पढ़ाई शुरू की. इसे कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे कि एक साथ पैदा होने वाली मानसी और मानवी के नंबर भी 12वीं में जुड़वा आए हैं. दोनों के 12वीं की परीक्षा का परिणाम भी हू-ब-हू है. दोनों के सब्जेक्ट और नंबर भी बराबर हैं. दोनों के रेसुस्ल्ट शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है.



मानसी और मानवी की मार्कशीट

परिवार वाले खुश

उधर दोनों जुड़वा बहनों के परिणाम भी जुड़वा आने पर परिवार में खुशी का माहौल है. बता दें मानसी और मानवी ग्रेटर नोएडा के एस्टर पब्लिक स्कूल की छात्रा है. दोनों को इंग्लिश में 98, फिजिक्स में 95, केमिस्ट्री में ९५. कंप्यूटर साइंस में 98, फिजिकल एजुकेशन में 95 मार्क्स हासिल हुए हैं. दोनों बहनों ने 95. 8 प्रतिशत हासिल किए हैं. मानसी का कहना है कि दोनों बहने साथ बैठकर ही पढ़ती थी और कक्षा 9 से दोनों एस्टर पब्लिक स्कूल ग्रेटर नोएडा में पढ़ रही हैं. आगे चलकर दोनों ही इंजीनियर बनना चाहती हैं. दोनों बहनों को बैडमिंटन खेलना पसंद है. निचली कक्षाओं में भी दोनों बहनों ने समान अंक प्राप्त किए हैं. यहां तक के हाई स्कूल में दोनों बहनों के केवल 1% का अंतर रहा था. हमशक्ल व जुड़वा बहनों के एक जैसे नंबर आने से हाथरस का भी नाम रोशन हुआ है.
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