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police and sog team arrested accused who absconding from parole for 33 years nodark

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली थी पैरोल, फिर सब कुछ बेचकर फरार हो गया अभियुक्त, 33 साल बाद ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्‍थे

अभियुक्त का नाम रघुनंदन उर्फ रघुनी है, जो कि 33 साल से फरार चल रहा था.

अभियुक्त का नाम रघुनंदन उर्फ रघुनी है, जो कि 33 साल से फरार चल रहा था.

UP Crime News: हाथरस जिले की थाना हाथरस जंक्शन पुलिस और एसओजी टीम ने 33 साल से पैरोल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी और दुष्कर्म के मुकदमे में सजायफ्ता अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी को गिरफ्तार कर लिया है. वह अपना नाम बदलकर दिल्‍ली में रह रहा था.

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हाथरस. यूपी के हाथरस जिले की थाना हाथरस जंक्शन पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी कामयाबी मिली है. दरअसल दोनों की संयुक्त कार्रवाई में पिछले 33 वर्षों से पैरोल से फरार 25 हजार रुपये का इनामी और दुष्कर्म के मुकदमे में सजायफ्ता अभियुक्त हत्थे चढ़ा है. अभियुक्त का नाम रघुनंदन उर्फ रघुनी है, जो कि अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर दिल्ली में नाम बदलकर कर रह रहा था. यही नहीं, वह दिल्‍ली में कपड़े बेचने का काम भी कर रहा था.

बता दें कि करीब 36 वर्ष पूर्व (1986) में थाना हाथरस जंक्शन में क्षेत्र ग्राम रतनगढ़ी निवासी एक व्यक्ति द्वारा तहरीर दी गई थी कि उसके ही गांव के रहने वाले रघुनंदन उर्फ रघुनी ने उसकी पोती को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है. इस संबंध में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था. यही नहीं, साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी रघुनंदन उर्फ रघुनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

अलीगढ़ कोर्ट ने सुनाई सजा और फिर…
दुष्कर्म के मामले में अलीगढ़ कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त रघुनदंन उर्फ रघुनी को 1987 में सजा सुनाई गई थी. इसके बाद अभियुक्त के परिजनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. इसके बाद आरोपी को 1989 में सशर्त पैरोल पर रिहा किया गया था. इसके बाद वह आवश्यक कार्रवाई हेतु हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ. यही नहीं, वह चल-अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था.

वहीं, अभियुक्त के फरार होने के बाद हाथरस पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने थानाध्यक्ष हाथरस जंक्शन के नेतृत्व में टीमों का गठित कर गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे. वहीं, इस काम में थाना पुलिस और एसओजी टीम के साथ सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था. वहीं, अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी पर पुलिस अधीक्षक ने 25000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. करीब 33 साल बाद अभियुक्त आज थाना हाथरस जंक्शन पुलिस और एसओजी टीम के हाथ चढ़ गया है. उसे दिल्‍ली के बुराड़ी संतनगर से गिरफ्तार किया गया है.

अभियुक्त दिल्‍ली में नाम बदलकर रह रहा था
वहीं, अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद चल-अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया था. उसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी. यही नहीं, जब पुलिस द्वारा अभियुक्त के गांव में मालूमात की गयी तो लोगों ने कहा कि वह कभी आया नहीं, शायद उसकी मौत हो चुकी है. हालांकि पुलिस ने इस मामले में जांच जारी रखी और कुछ दिन पहले उसे सफलता मिली. हाथरस जंक्शन पुलिस और एसओजी टीम को जानकारी मिली कि अभियुक्त अपनी पहचान छुपाकर अपने बच्चों सहित किराये के मकान में दिल्ली के बुराड़ी संतनगर में रह रहा है. साथ ही पता चला कि वह दिल्ली में ही कपड़े की दुकान पर काम करता है. इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया.

वहीं, अभियुक्त रघुनंदन उर्फ रघुनी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को हाथरस पुलिस अधीक्षक विनीत जयसवाल ने 25000 का इनाम देने की घोषणा की है.

Tags: Hathras news, Hathras Police, Up crime news

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