हाथरस: बिना इजाजत रावण दहन की थी तैयारी, पुलिस ने जब्त किया पुतला

प्रशासन ने रावण के पुतले को जब्त कर लिया
प्रशासन ने रावण के पुतले को जब्त कर लिया

हाथरस के आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक मैदान में हर साल दशहरा के मौके पर रावण दहन (Ravan Dahan) कार्यक्रम आयोजित होता रहा है. लेकिन कोरोना को लेकर इस वर्ष इस परंपरा पर ग्रहण लग गया है.

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हाथरस. यूपी के हाथरस में दशहरा के मौके पर रावण दहन (Ravan Dahan) की 130 वर्ष पुरानी परंपरा इसबार टूट जाएगी. दरअसल कोरोना (Corona) को देखते हुए प्रशासन द्वारा रावण दहन की अनुमति नहीं दी गई. जिसके बाद रामलीला कमेटी द्वारा बनवाए जा रहे 40 फीट के रावण के पुतले को पुलिस ने कब्जे में ले लिया. इससे रावन दहन कार्यक्रम के आयोजकों में खलबली मची हुई है.

हाथरस के आगरा रोड स्थित एमजी पॉलिटेक्निक मैदान में हर साल दशहरा के मौके पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होता रहा है. लेकिन कोरोना को लेकर इस वर्ष इस परंपरा पर ग्रहण लग गया है. जिला प्रशासन द्वारा रावण दहन की अनुमति रामलीला कमेटी को नहीं दी गई. जिससे कमेटी के सदस्य नाराज है.

प्रशासन ने रावण के पुतले को कब्जे में लिया 



दरअसल कमेटी के द्वारा रावण का पुतला बनाने के लिए कारीगरों को लगा दिया गया था. कारीगर रावण का पुतला तैयार करने में जुटे थे. लेकिन जैसे ही पुलिस प्रशासन को इसकी भनक लगी, एसडीएम व कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर अर्धनिर्मित पुतले को अपने कब्जे में ले लिया. इस बात की सूचना जैसे ही रामलीला कमेटी को हुई, आयोजकों में खलबली मच गई.
रामलीला कमेटी के लोग अब प्रशासन से बात कर राहन दहन कार्यक्रम आयोजित करवाना चाहते हैं. इसके लिए प्रयास जारी है. वहीं प्रशासन के इस कार्रवाई से पुतला बनाने वाले श्रमिक भी निराश हो गए हैं.

'नहीं होना चाहिए रावण दहन' 

उधर, श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में लंकेश भक्त मंडल रावण के पुतला दहन का विरोध कर रहा है. मंडल के संयोजक एडवोकेट ओमवीर सारस्वत का कहना है, “हमें भगवान राम के आदर्शों का पालन करते हुए रावण का पुतला दहन नहीं करना चाहिए. भगवान राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने के लिए लंकेश से पूजन कराया था. तो फिर हमारा हिंदू समाज किस बुराई के कारण उनका हर साल पुतला दहन करता है.
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