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Hathras Assembly Seat: बसपा के दबदबे वाली सीट पर इस चुनाव में क्‍या जीत दोहरा पाएगी भाजपा

UP Chunav: हाथरस विधानसभा सीट पर इस बार जोरदार होगा चुनावी मुकाबला.

UP Chunav: हाथरस विधानसभा सीट पर इस बार जोरदार होगा चुनावी मुकाबला.

Hathras Assembly Seat Election: साल 2017 के चुनाव से पहले हाथरस विधानसभा सीट पर 20 साल तक लगातार बसपा का कब्‍जा रहा. इस ...अधिक पढ़ें

हाथरस. 2017 के विधानसभा चुनाव में 20 साल बाद हाथरस विधानसभा सीट पर बसपा प्रत्‍याशी को हार मिली थी. बसपा सरकार के कद्दावर मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय का इस सीट पर दबदबा रहा है. वह 1996 से लेकर 2012 तक लगातार 15 साल इस सीट से बसपा से विधायक रहे. 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई. इसके बाद हुए 2012 के चुनाव में भी बसपा के ही प्रत्याशी गेंदालाल चौधरी निर्वाचित हुए. वर्तमान में भाजपा के हरिशंकर महौर विधायक हैं. इससे पहले इस सीट पर 1993 में भाजपा को जीत मिली थी. जब हाथरस से पहली बार उसके प्रत्याशी राजवीर सिंह पहलवान जीते थे. सुरक्षित होने से पहले तक हाथरस सीट ज्यादातर ब्राह्मणों के कब्जे में रही. हालांकि कई बार जाट प्रत्याशियों ने उन्‍हें टक्कर दी और जीते भी.

हाथरस विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 1952 में हुआ था. पहली बार कांग्रेस के नंद कुमार देव वशिष्ठ जीते थे. इसके बाद वह यहां से लगातार तीन बार विधायक बने. उनकी जीत का सिलसिला 1967 में जनसंघ के प्रत्याशी आरएस सिंह ने तोड़ा. 1969 के ही चुनाव में कांग्रेस के प्रेम चंद शर्मा ने यह सीट जनसंघ से छीन ली. 1974 में भी कांग्रेस के नारायण हरि शर्मा जीते.

इसके बाद 1985 में भी इस सीट पर कांग्रेस जीती. कुल मिलाकर छह बार. तब से अब तक कांग्रेस को यहां से जीत का इंतजार है. बसपा को चार बार, जनता पार्टी और जनता पार्टी सेक्युलर को एक एक बार, जनता दल को दो बार हाथरस से जीत मिली है. 3.86 लाख मतदाताओं वाली हाथरस विधानसभा में सबसे अधिक दलित वोटर हैं. इनकी संख्या 80 हजार है. इसके बाद ब्राह्मण वोटर 45 हजार, वैश्य 40 हजार, क्षत्रिय 35 हजार, मुस्लिम और कुशवाहा 25-25 हजार, जाट और बघेल 15-15 हजार वोटर हैं.

Tags: Hathras news, UP Election 2022, UP news

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