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स्‍वच्‍छता अभियान को नजरअंजाद करना पड़ा भारी, सरकारी कर्मचारियों पर हुई बड़ी कार्रवाई

SUMIT KUMAR | News18 Uttar Pradesh
Updated: October 14, 2019, 11:07 AM IST
स्‍वच्‍छता अभियान को नजरअंजाद करना पड़ा भारी, सरकारी कर्मचारियों पर हुई बड़ी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान, अपात्र लोगों को शौचालय आवंटित करने का भी मामला सामने आया है.

एटा के तेजतर्रार ज़िलाधिकारी सुखलाल भारती द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. जिलाधिकारी लगातार विभागों का औचक निरीक्षण कर जिले में चल रहे स्‍वच्‍छता अभियान से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं.

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एटा: स्‍वच्‍छता अभियान (Swachhta Abhiyan) को नजरअंजाद करना उत्‍तर प्रदेश के कुछ सरकारी कर्मचारियों को भारी पड़ गया है. दरअसल, यह पूरा मामला उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के एटा (Etah) से जुड़ा हुआ है. जहां सफाई कार्य में रुचि न लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. मामले में, जिलाधिकारी (District Magistrate) ने सफाई कार्य में रुचि न लेने और लापरवाही बरतने वाले सचिव, प्रधान और सफाई कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है.

एटा के जिलाधिकारी ने कार्रवाई के तहत मारहरा विकास खंड (Marhra development block) के सांसद (Member of Parliament) आदर्श गांव सूरतपुर माफी (Suratpur Mafi) गांव के सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा, शौचालय ब नवाने में अनियमितता बरतने वाले सचिव प्रदीप गुप्‍ता को भी जिलाधिकारी खुशलाल भारती ने निलंबित कर दिया है. सचिव प्रदीप गुप्‍ता पर आरोप है कि उन्‍होंने सूरतपुर गांव की एक महिला सुनीता को नियमों के विरुद्ध शौचालय आवंटित किया था.

जांच के दौरान, इस मामले में पाया गया था कि सुनीता नामक महिला के पास न केवल एक बड़ा मकान है, बल्कि वह 32 बीघा जमीन की मालकिन भी है. बावजूद इसके, सचिव प्रदीप गुप्‍ता ने नियमों का नजरअंजाद करते हुए सुनीता को शौचालय आवंटित कर दिया. जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने इस मामले में गांव के प्रधान मेहताब सिंह को भी नोटिस जारी किया है.

एटा के तेजतर्रार ज़िलाधिकारी सुखलाल भारती द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है. जिलाधिकारी लगातार विभागों का औचक निरीक्षण कर जिले में चल रहे स्‍वच्‍छता अभियान से जुड़े कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. इसी कड़ी में जिलाधिकारी सुखलाल भारती ने सूरतपुर माफी का औचक निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान, गांव में गंदगी देख कर बुरी तरह से भड़क गए.

उन्‍होंने कार्रवाई करते हुए तत्‍काल प्रभाव से सफाई कर्मचारी को निलंबित कर दिया. निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि कुछ अपात्र लोगों को भी शौचालय आवंटित किए गए हैं. इस मामले में, जिलाधिकारी ने प्रथमदृष्‍टया ग्राम सचिव को जिम्‍मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया और ग्राम प्रधान को पूरे मामले में नोटिस जारी करते हुए जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

जिलाधिकारी द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद ज़िले के सभी विभागों में हड़कंप मच गया है. सभी विभागों में चर्चा है कि जिलाधिकारी सुखलाल भारती कभी भी किसी भी विभाग का औचिक निरीक्षण कर सकते हैं.

(रिपोर्ट: सुमित शर्मा)
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First published: October 14, 2019, 11:04 AM IST
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