लाइव टीवी
Elec-widget

प्रदूषण जांच के नाम पर अवैध वसूली, मूक दर्शक बना प्रशासन

UMA SHANKER | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 22, 2019, 12:32 PM IST
प्रदूषण जांच के नाम पर अवैध वसूली, मूक दर्शक बना प्रशासन
एआरटीओ ने दोषी प्रदूषण केद्रों के लाइसेंस निरस्‍त करने की बात कही है. (फाइल फोटो)

हमीरपुर जिले में चल रहे प्रदूषण केंद्र के मालिक बेखौफ होकर यह मानते हैं कि वह निर्धारित फीस से तीन गुना ज्‍यादा शुल्‍क वसूल रहे हैं.

  • Share this:
हमीरपुर (Hamirpur) : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हमीरपुर जिले (Hamirpur District) में प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution check center) धन उगाही का अड्डा बन गए हैं. जिले में अपना जाल फैलाये ये प्रदूषण केंद्र आम जनता को लगातार अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं. आलम यह है कि इन केद्रों ने प्रदूषण जांच के लिए निर्धारित फीस (Fees) की सूची को कूडेदान में डालकर, अपनी नई सूची चस्‍पा कर दी है. आरोप है कि प्रदूषण केंद्रो की इस मनमानी के बाबत कई बार परिवहन विभाग (Transport Department) के अधिकारियों को शिकायत दी गई, बावजूद इसके विभागीय अधिकारी जांच किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार नहीं है. परिवहन विभाग के अधिकारियों के इस रुख के चलते अवैध वसूली करने वालों के हौसले बुलंद हो गए हैं.

वसूली जा रही है तीन गुनी फीस
हमीरपुर में चल रहे प्रदूषण केंद्रो में वाहन स्‍वामियों से सरकार द्वारा निर्धारित की गई फीस से करीब तीन गुना ज्‍यादा राशि वसूली जा रही है. जहां सरकार ने दो पहिया वाहनों के लिए 30 रुपए, चार पहिया वाहनों के लिए 50 रुपए और भारी वाहनों के लिए 100 रुपए की फीस निर्धारित की है, वहीं इन प्रदूषण केंद्रों में दो पहिया वाहनों से 100 रुपए, चार पहिया वाहनों से 150 रुपए और भारी वाहनों से 500 रुपए की फीस ली जा रही है. प्रदूषण केंद्र संचालकों द्वारा चलाए जा रहे इस गोरखधंधे से स्‍थानीय लोगों खासे परेशान हैं.

शिकायत का भी नहीं हुआ असर

हमीरपुर में रहने वाले बालजी पांडेय के अनुसार, प्रदूषण केंद्रो द्वारा की जा रही अवैध वसूली की शिकायत कई बार परिवहन विभाग के अधिकारियों से कर चुके हैं. हर बार परिवहन विभाग से सिर्फ कार्रवाई का आश्‍वासन मिला, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई. वहीं हमीरपुर में ही रहने वाले बृजेश बादल बताते हैं कि परिवहन विभाग की मूकदर्शता के चलते प्रदूषण केंद्र संचालकों के हौसले बुलंद हैं. मौजूदा हालात एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई जैसे हैं. हम या तो प्रदूषण केंद्रों को मनमानी फीस दें, या फिर यातायात पुलिस का भारी भरकम चालान भरें.

बिना ‘घूस’ दिए नहीं होता रिनुअल
हमीरपुर जिले में चल रहे प्रदूषण केंद्र के मालिक बेखौफ होकर यह मानते हैं कि वह निर्धारित फीस से तीन गुना ज्‍यादा शुल्‍क वसूल रहे हैं. हालांकि यह बात दीगर है कि इस अवैधी वसूली के लिए वह सीधे तौर पर जिले के आरटीओ ऑफिस को जिम्‍मेदार ठहराते हैं. उनका आरोप है कि एआरटीओ विभाग में बिना पैसा दिए रिनुअल का काम नहीं होता है. चूंकि उन्‍हें आरटीओ दफ्तर में मोटी घूस देनी होती है, इसी वजह से हम भी वाहन चालकों से अधिक फीस वसूल रहे हैं.
Loading...

एआरटीओ ने कही कार्रवाई की बात
इस पूरे प्रकरण पर जब एआरटीओ मोहम्‍मद हसीब से बात की गई तो उन्‍होंने पूरे प्रकरण को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है. उन्‍होंने अपने बयान में कहा है कि उनका विभाग प्रदूषण जांच केंद्रो की जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर इन पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस निरस्‍त कराया जाएगा.

यह भी पढ़ें:
VIDEO: युवक को सुलतानपुर जिला अस्पताल के CMS ने जड़ा थप्पड़, कहा-कर रहा था दलाली
पहले तमंचा दिखा कर दो किशोरियों के साथ 5 आरोपियों ने किया गैंगरेप, फिर Video बना कर किया Viral

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बांदा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 22, 2019, 12:29 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...