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अब ऐसे मिलेगी ट्रेन की जानकारी ‘दिल्ली ते चलवे वारी ताज एक्सप्रेस रेलगाड़ी कछु देर में आगरा आयेवे वारी है’

अब ऐसे मिलेगी ट्रेन की जानकारी ‘दिल्ली ते चलवे वारी ताज एक्सप्रेस रेलगाड़ी कछु देर में आगरा आयेवे वारी है’

दिल्ली के तीन रेलवे स्टेशनों से सहित कुछ और स्टेशनों पर भी प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है (File Photo)

दिल्ली के तीन रेलवे स्टेशनों से सहित कुछ और स्टेशनों पर भी प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है (File Photo)

स्थानीय भाषाओं (language) को बढ़ावा देने और लोगों को रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर अपनेपन का एहसास कराने के लिए ये पहल की जा रही है.

    नई दिल्ली. आप ट्रेन के इंतजार में रेलवे स्टेशन (Railway Station) पर खड़े हों और आपको ब्रज, अवधी और बुंदेलखंडी भाषा (Bundelkhandi Language) में ट्रेन के आने-जाने या लेट होने (Train Late) की जानकारी मिली तो चौंकिएगा मत. भारतीय रेलवे (Indian Railway) आने वाले दिनों में ट्रेनों की जानकारी स्थानीय भाषा (Local Language) में देगा. अगर आप आगरा, मथुरा और अलीगढ़ के स्टेशन पर हैं तो आपको ब्रज भाषा (Braj Language) में ट्रेन की जानकारी दी जाएगी. वहीं झांसी स्टेशन पर इस तरह की जानकारी बुंदेलखंडी भाषा में मिलेगी.

    रेलवे ने क्यों लिया क्षेत्रीय भाषा का ये फैसला

    रेलवे का उत्तर मध्य रेलवे जोन (एनसीआर जोन) सबसे पहले ये कदम उठाने जा रहा है. स्थानीय लोगों को स्टेशन पर अपनापन महसूस हो, इसीलिए प्रमुख स्टेशनों पर क्षेत्रीय भाषा में ट्रेनों का एनाउंसमेंट होगा. देश के तमाम स्टेशनों पर ट्रेनों का एनाउंसमेंट हिंदी और अंग्रेजी भाषा में होता है. जबकि दक्षिण भारत के कुछ स्टेशनों पर स्थानीय भाषा में जानकारी दी जाती है. लेकिन, हिंदीवासी क्षेत्र के स्टेशनों पर ऐसा नहीं है. इसी वजह से एनसीआर प्रशासन ने अपने प्रमुख स्टेशनों पर स्थानीय भाषा में ट्रेन का एनाउंसमेंट करवाने की तैयारी कर रहा है.

    अभी इन स्टेशन पर होगी शुरुआत

    एनसीआर जहां इसकी शुरुआत करने जा रहा है वो स्टेशन हैं- इलाहाबाद जंक्शन, कानपुर, अलीगढ़, झांसी, आगरा, मथुरा समेत उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय भाषा में यात्रियों को ट्रेनों के आने-जाने की जानकारी मिलेगी.

    कहां, कैसे दी जाएगी ट्रेन की जानकारी

    उदाहरण के लिए ट्रेन यदि झांसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी है तो वहां बोली जाने वाली बुंदेलखंडी भाषा में ट्रेन की जानकारी दी जाएगी. वजह है कि, बुंदेलखंड के बांदा, महोबा, उरई आदि इलाकों के अधिकांश लोग झांसी से ही विभिन्न शहरों की ट्रेन पकड़ते हैं. इसी तरह आगरा, मथुरा, अलीगढ़ में ब्रज भाषा का प्रयोग होता है इस वजह से वहां ब्रज भाषा में भी एनाउंसमेंट करवाया जाएगा.

    इलाहाबाद जंक्शन की बात करें तो यहां कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही से काफी संख्या में लोग हर रोज ट्रेन पकड़ने के लिए आते हैं. इस क्षेत्र की भाषा अवधी है. कानपुर में भी अवधी का ज्यादा प्रयोग होता है इसलिए रेलवे ने वहां अवधी बोली में भी एनाउंसमेंट करवाने की तैयारी की है.

    एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार का इस बारे में कहना है कि अभी ट्रेनों की जानकारी संबंधी आवाज को रिकॉर्ड करने के लिए एक अच्छी आवाज वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है. जैसे ही रिकॉडिंग का काम पूरा हो जाएगा तो रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को स्थानीय भाषा में जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी.

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    Tags: Agra cantt Railway Station, Allahabad railway station, Indian railway, Jhansi news, Mathura news, Train

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