भीख मांगने वाली महिला से जीप में डीजल भरवाने वाला चौकी इंचार्ज निलंबित, जांच में मिला दोषी

कानपुर में भीख मांगने वाली महिला से जीप में डीजल भरवाने वाला चौकी इंजार्ज को निलंबित कर दिया गया है. (सांकेतिक फोटो)

भीख मांगने वाली दिव्यांग महिला (Disabled Woman) से पैसे लेकर जीप में डीजल (Diesel) भरवाने वाले सनिगंवा पुलिस चौकी (Police Station) के प्रभारी को निलंबित (Suspend) कर दिया गया. महिला अपनी बेटी को खोजने की मांग को लेकर पुलिस की शरण में पहुंची थी.

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    कानपुर. भीख मांगकर गुजर बसर करने वाली दिव्यांग महिला (Disabled Woman) से पैसे लेकर जीप में डीजल (Diesel) भरवाने वाले सनिगंवा पुलिस चौकी (Police station) के प्रभारी को निलंबित (Suspend) कर दिया गया. से घटना इंसानियत को शर्मशार करने वाली थी. महिला अपनी बेटी को खोजने की मांग को लेकर पुलिस (Police) की शरण में पहुंची थी, लेकिन यहां पुलिस चौकी दरोगा ने वर्दी की मर्यादा को ही खूंटे पर टांग दिया. बेटी की खोजबीन के लिए महिला से डीजल भरवाने के नाम पर रुपए मांगे. महिला ने भी कर्ज लेकर पुलिस को पैसे दे दिए. इसकी शिकायत हुई तो दरोगा को दोषी पाया गया. उसके बाद उसे निलंबित कर दिया.

    पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर प्रीतेंद्र सिंह ने बताया कि चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजपाल सिंह को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुये उनके खिलाफ कार्रवाई की गयी है. उन्होंने बताया कि छावनी क्षेत्र के सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक को इस मामले की जांच सौंपी गई थी. पुलिस उप महानिरीक्षक ने बताया कि सोमवार को एक महिला ने उनसे शिकायत की थी. इसमें आरोप था कि एक माह पूर्व उसके एक रिश्तेदार ने उसकी 15 साल की बेटी का अपहरण कर लिया गया था.

    इस पर वह सनिगंवा पुलिस चौकी मदद मांगने पहुंची थी. चौकी प्रभारी राजपाल सिंह ने कहा कि वह पुलिस की गाड़ी में डीजल भरवाएगी तभी उसकी बेटी को खोजने के लिए जाएंगे. महिला का आरोप है कि उसने अपने रिश्तेदारों से 10 से 15 हजार रूपये उधार मांग कर पुलिस को डीजल के लिये पैसे दे दिए.

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    इसी मामले पर पुलिस उप महानिरीक्षक ने सख्ती दिखाई. मामले की जांच के निर्देश दिये गए. जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाये गये. उन्होंने बताया कि सोमवार को सब इंस्पेक्टर को पुलिस चौकी से हटा कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया था और मंगलवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया.

    महिला ने रो-रो कर लगाई थी गुहार

    पीड़ित महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रो-रो कर गुहार लगाई थी. उसने कहा था कि महिला से उसकी लापता बेटी को खोजने के लिए दरोगा ने गाड़ी में डीजल भरवाने के लिए घूस ली. हालांकि एसएसपी ने मानवता दिखाते हुए अपनी स्कॉट की गाड़ी से महिला को थाने भेजकर पुलिस की कुछ इज्जत बचाने का काम किया. महिला फटी धोती पहनकर गुहार लगाने पहुंची थी. दरअसल महिला की दास्तान कानपुर पुलिस की बेशर्मी की नजीर है.

    महिला (गुड़िया) एसएसपी को अपनी व्यथा बताने आई थी. उसकी 15 साल की नाबालिग बेटी को एक महीने पहले ठाकुर नाम का व्यक्ति उठा ले गया था, जिसकी चकेरी पुलिस ने एफआईआर तो लिखी, लेकिन जांच करने वाली पुलिस उससे हर बेटी खोजने के नाम से दो-ढाई हजार का डीजल जबरन भरवाती रही. हैरानी तो यह है कि पुलिस ने उसकी बेटी फिर भी बरामद नहीं की, उल्टा महिला को चौकी से भगा भी दिया.