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Azamgarh पहुंची शबाना आजमी, कहा- लोकतांत्रिक देश में किसान की आवाज तो सुननी ही पड़ेगी

Azamgarh पहुंची शबाना आजमी, कहा- लोकतांत्रिक देश में किसान की आवाज तो सुननी ही पड़ेगी

शबाना आज़मी

शबाना आज़मी

Shabana on farm law: बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आज़मी (Shabana Azmi) ने कृषि कानून (Farm Law) वापस लेने पर जताई खुशी. कहा लोकतांत्रिक देश (Democratic Country) में किसानों की बात तो सुननी ही पड़ेगी सरकार को. उन्होंने किसानों को बधाई दी साथ ही आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को मुआवजा देने की भी मांग की.

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    आजमगढ़. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तीनों कृषि कानून को वापस लेने का ऐलान कर दिया. पीएम के इस ऐलान के बाद देश के किसानो में खुशी देखने को मिल रही है. इस दौरान आम लोगों की प्रतिक्रिया के साथ कई शख्सियतें भी अपने विचार रख रही हैं. इस कड़ी में शबाना आज़मी ने बड़ा बयान दिया है. बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आज़मी ने कहा कि आज बहुत खुशी की बात है किसानों ने बड़ी शिद्दत से इस आंदोलन को आगे बढ़ाया और उन्होंने साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक देश में लोगों की आवाज सरकार को सुननी ही पड़ेगी. साथ ही उन्होंने ने इस आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिजनों को मुआवजा देने की भी सरकार से मांग की.

    किसानों की बड़ी जीत
    आजमगढ़ जिले के फूलपुर विधानसभा क्षेत्र के मेज़वा गांव निवासी मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आज़मी ने आज अपने पैतृक आवास पर न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा कि यह किसानों के लिए बड़ी जीत है. मुझे यकीन है कि इस आंदोलन में जिन किसानों की जान गई है उनके परिजनों को सरकार मुआवजा देगी. जब एक एक्सिडेंट में दिया जाता है तो इसमें क्यों नहीं देंगे.

    सीएए एनआरसी भी वापस हो
    शबाना ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि मैं तो यही चाहूंगी कि सीएए एनआरसी को भी वापस लिया जाए ये लोगों के हित में नहीं है. अगर हम पूरी तरह से अपनी ताकत बनाए रखें तो फिर जरूर बदलाव आएगा और उन कानूनों को भी वापस लिया जाएगा.

    वही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हो रही पॉलिटिक्स पर शबाना ने कहा कि यह बात तो सही है कि अखिलेश जी ने ही उसे शुरू कराया था, मगर मेरा ऐसा मानना है कि अगर एक सरकार ने इसे शुरू किया तो दूसरी ने पूरा किया. कई बार ऐसा देखा गया है कि पिछली सरकार द्वारा चलाया गया कोई काम अगली सरकारें छोड़ देती हैं और वो छूटा रह जाता है, मगर यही होना चाहिए कि दोनों सरकारों को इसके लिए क्रेडिट मिले और दोनों सरकारें इसके लिए बधाई के पात्र हैं.

    आजमगढ़ नाम बदलने से दुखी
    आजमगढ़ के नाम को बदलने के सवाल पर बयान देते हुए  शबाना का दर्द छलक उठा और उन्होंने कहा कि मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ क्योंकि मेरा नाम आज़मी है और मेरे पिता कैफी आज़मी ने इस जगह का नाम बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया है. अगर आप किसी चीज से उसकी पहचान ही दूर कर देंगे तो क्या बचेगा? मेरी सरकार से उम्मीद ये है कि विकास पर काम हो नाम बदलने से क्या होगा? नौजवानों को काम मिलना चाहिए सही मुद्दों पर काम किया जाना चाहिए.

    Tags: Azamgarh news, Farm laws, Indian Democracy, Shabana Azmi

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