• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • UPSC में यूपी की इन 4 बेटियों का कमाल, जानें मुश्किल हालात में कैसे मिली कामयाबी

UPSC में यूपी की इन 4 बेटियों का कमाल, जानें मुश्किल हालात में कैसे मिली कामयाबी

मिली कामयाबी की मंजिल. संधि जैन (बाएं), कीर्ति (दाएं) और परिजनों के संग खुश दिख रहीं शालू सोनी.

मिली कामयाबी की मंजिल. संधि जैन (बाएं), कीर्ति (दाएं) और परिजनों के संग खुश दिख रहीं शालू सोनी.

UPSC Exam Result: UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की कीर्ति को 106 वीं रैंक, मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को 679वीं रैंक मिली है.

  • Share this:

    मुजफ्फरनगर/जौनपुर/झांसी/मेरठ. UPSC की परीक्षा में यूपी की बेटियों ने कमाल किया है. जौनपुर से झांसी और मुजफ्फरनगर से मेरठ तक यूपीएससी के परिणामों की सफलता की गूंज सुनाई दी. झांसी की रहने वाली कीर्ति का 106 वीं रैंक के साथ यूपीएससी में चयन हो गया. इसके साथ ही मुज़फ्फरनगर की संधि जैन को 329 वीं रैंक, जौनपुर की बेटी शालू सोनी को 379 रैंक, मेरठ की अदिति सिंह को यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया 679वीं रैंक मिली है.

    मुजफ्फरनगर की बेटी ने किया नाम रोशन

    यूपीएससी के घोषित परिणामों में उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर की रहने वाली संधि जैन ने भी 329 वी रैंक पाकर अपने परिवार के साथ साथ जनपद का नाम भी रोशन किया है. नगर की नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पटेलनगर निवासी अर्जुन जैन की बेटी संधि जैन ने दूसरी बार में यूपीएससी का एग्ज़ाम पास किया है. आईएएस बनने का सपना संझोने वाली संधि जैन की मानें तो उनका बचपन से ही आईएएस की तैयारी करने का सपना था. कॉलेज ख़त्म करने के बाद संधि ने दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की. 2019 में भी संधि ने यूपीएससी का एग्ज़ाम दिया था, लेकिन क़ामयाबी नहीं लगी थी. जिसके बाद 2020 के यूपीएससी एग्ज़ाम में उन्होंने 329 वीं रैंक प्राप्त कर कामयाबी हासिल की है. संधि जैन एक मिडिलक्लास परिवार से हैं. इनके पिता अपने पुश्तैनी गांव कुटेसरा में आज भी एक छोटी सी ज्वैलरी की दुकान करते हैं. संधि जैन के पिता अर्जुन जैन की माने तो बचपन से ही संधि के अंदर कुछ बनने की प्रतिभा दिखाई देती थी.

    जौनपुर की शालू सोनी को 379 वीं रैंक

    जौनपुर जिले की बेटी शालू सोनी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में जिले और सुजानगंज का नाम रोशन किया है. जौनपुर की इस बेटी को तीसरे प्रयास में जाकर 379 रैंक हासिल हुई है. सुजानगंज के फरीदाबाद बालवर गंज कस्बे की शालू सोनी पुत्री राधेश्याम सोनी का यूपीएससी में 379 रैंक पर चयन होने से क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया.

    शालू प्राथमिक शिक्षा से ही पढ़ने में तेज थी. अपनी काबिलियत के बल पर उसने छह से लेकर इण्टर तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय मड़ियाहूं से पूरी की. उसके बाद उसने एनआइटी श्रीनगर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया. शालू इंजीनियर बनने के बजाय आइएएस बनने का सपना लिए दिल्ली चली गई. वहां पर उसने तैयारी की. दो बार उसे सफलता नहीं मिली, लेकिन तीसरे प्रयास में वह सफल हो गई.

    झांसी की कीर्ति का सपना था आईपीएस का, बन गई आईएएस

    झांसी की रहने वाली कीर्ति का यूपीएससी में चयन हो गया. उनकी 106 वीं रैंक आई. कीर्ति झांसी जिले के सर्वनगर में रहने वाली ग्रासलैंड से रिटायर्ड कर्मचारी राजेन्द्र कुमार की बेटी है. उनकी मां का नाम सरोज है और वह दो भाई-बहन हैं. कीर्ति और उनके माता-पिता का सपना था कि वह आईपीएस बने. पिता राजेन्द्र कहते हैं कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है. उनकी बेटी ने सेंट फ्रंसिस से हाई स्कूल किया था. इसके बाद जय एकेडेमी से इंटरमीडिएट किया. इसके अलावा कोछाभावंर बीआईटी से बीटेक किया है. आईपीएस का सपना सजोए कीर्ति ने आईपीएस की तैयारी करते हुए कोचिंग शुरु कर दी. लेकिन कोचिंग से उसे कुछ खास समझ नहीं आया. उसने कोचिंग छोड़कर घर पर ही तैयारी शुरु कर दी. जिसमें उसकी मां और उन्होंने काफी सहयोग किया. कड़ी मेहनत के बाद आखिर में उनकी बेटी ने परीक्षा दी और उसका चयन हो गया. उसकी 106 वीं रैंक आई है.

    मेरठ डीएम ऑफिस असिस्टेंट की बेटी अदिति सिंह को 679 रैंक

    मेरठ कलेक्ट्रेट में सीनियर असिस्टेंट के पद पर तैनात महिला कर्मचारी की बेटी अदिति सिंह ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में सफलता हासिल की है. अदिति को यूपीएससी की परीक्षा में आल इंडिया 679वीं रैंक मिली है. कंकरखेड़ा स्थित शिवलोकपुरी निवासी अदिति की स्कूली शिक्षा सोफिया ग‌र्ल्स स्कूल से हुई. 12वीं उन्होंने वर्ष 2013 में उत्तीर्ण की और उसके बाद गाजियाबाद के अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिग कालेज से कंप्यूटर साइंस से वर्ष 2017 में बीटेक किया. इसके बाद एक साल दिल्ली में रहकर तैयारी की और कोविड काल में घर पर तैयारी की. अदिति के अनुसार उन्होंने बेहतर रैंक की अपेक्षा की थी. पढ़ाई के अलावा अदिति कालेज वालीबाल टीम की कैप्टन रही हैं. अदिति के पिता डा. संजीव सिंह एमडी फिजिशियन हैं. माता ज्योति सिंह कलक्ट्रेट में वरिष्ठ सहायक के तौर पर कार्यरत हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज