होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कोर्ट में दी जमानत अर्जी, आपराधिक इतिहास तलब

बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कोर्ट में दी जमानत अर्जी, आपराधिक इतिहास तलब

पूर्वांचल का बाहुबली नेता धनंजय सिंह (File Photo)

पूर्वांचल का बाहुबली नेता धनंजय सिंह (File Photo)

पूर्वांचल के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को रविवार देर शाम जौनपुर पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया था.

    जौनपुर. जल निगम के अधिकारी को धमकी देने के मामले में 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) ने जिला जज की अदालत (District Court) में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र (Bail Plea) दिया है. जिस पर सुनवाई करते हुए जिला जज ने पूर्व सांसद के आपराधिक इतिहास की केस डायरी तलब की है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 मई को होगी.

    बता दें पूर्वांचल के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को रविवार देर शाम जौनपुर पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार किया था. आपराधिक छवि वाले धनंजय सिंह पर जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर का अपहरण करने और उन्‍हें धमकी देने का आरोप है. मामले में प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि जौनपुर में एक शिकायत पर धनंजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है. शिकायत की जांच में सबूत मिलने पर ये गिरफ्तारी हुई है. कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजा है. विवेचना के दौरान कुछ और जानकारी मिलेगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी.

    जल निगम के प्रोजैक्ट मैनेजर ने दर्ज कराई है एफआईआर

    बता दें इस मामले में पचहटिया स्थित जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ तहरीर देकर अपहरण और धमकी देने का मामला दर्ज कराया है. इसके बाद पुलिस ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह को भारी पुलिस बल के साथ आवास से गिरफ्तार कर लिया.

    27 साल की उम्र में शुरू हुआ राजनीतिक करियर

    बता दें कि धनंजय सिंह 27 साल की उम्र में साल 2002 में रारी (अब मल्हनी) विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था. वह दोबारा इसी सीट पर जेडीयू के टिकट से जीते. फिर धनंजय सिंह बसपा में शामिल हुए. वर्ष 2009 में वह बसपा के टिकट पर जीत दर्ज कर जौनपुर से सांसद हुए. इससे पहले तीन दशक तक जौनपुर की लोकसभा सीट से बसपा नहीं जीत पाई थी.

    2014 से चुनाव हार रहे

    धनंजय सिंह को बसपा सुप्रमो मायावती ने साल 2011 में पार्टी से निकाल दिया था. बसपा से अलग होने के बाद भी धनंजय अपने समर्थकों के दम पर राजनीति में खुद को असरदार बनाए रहे. जौनपुर से वर्ष 2014 में निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़ा था, मगर हार गए. साल 2017 में धनंजय सिंह मल्हनी सीट से निषाद पार्टी के बैनर से विधानसभा चुनाव लड़े थे, तब दूसरे स्थान पर रहे थे. हालांकि, साल 2019 का लोकसभा चुनाव वह नहीं लड़े.

    (रिपोर्ट: मनोज पटेल)

    ये भी पढ़ें:

    Agra: सेंट्रल जेल के 10 कैदी मिले कोरोना पॉजिटिव, 16 स्‍टाफ क्‍वारंटाइन

    बदायूं: BJP नेता की पीट-पीट कर हत्या, स्‍प्रे मशीन को लेकर हुआ था विवाद

    Tags: Jaunpur news

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें