UP Assembly By Election: मोदी लहर में भी BJP की पहुंच से दूर रही जौनपुर की मल्हनी सीट, क्या बदलेगा इतिहास?

यूपी विधानसभा उपचुनाव में जौनपुर की मल्हनी सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है. (सांकेतिक तस्वीर)
यूपी विधानसभा उपचुनाव में जौनपुर की मल्हनी सीट पर इस बार मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है. (सांकेतिक तस्वीर)

Up Assembly By-election 2020: जौनपुर में चर्चा है कि मल्हनी सीट (Malhani Constituency) से दिवंगत पारसनाथ यादव के बेटे लकी यादव चुनाव की तैयारी कर रहे हैं. दूसरी तरफ धनंजय सिंह भी निषाद पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 6:33 PM IST
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लखनऊ/जौनपुर. भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission Of India) ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश जिन 7 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव 2020 (UP Assembly By electiobn 2020) की घोषणा की है, उनमें जौनपुर की मल्हनी सीट (Malhani Assembly Constituency) बहुत अहम है. न सिर्फ सत्ताधारी भाजपा (BJP) बल्कि सपा (SP) के लिए भी. सपा के कद्दावर नेता पारसनाथ यादव के निधन के चलते ये सीट खाली हुई थी. भाजपा इस सीट से कभी जीत नहीं पायी है लिहाजा वो अपना खाता खोलने के लिए पूरी ताकत लगाये हुए है. दूसरी तरफ सपा के सामने अपने इस किले को बचाने की चुनौती है.

वैसे इस सीट पर तीसरा एंगल भी है और वो है बाहुबली धनंजय सिंह. यहां हमेशा यही चर्चा रहती है कि ये न तो जीत पाते हैं और न ही भाजपा को जीतने देते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि मल्हनी का कास्ट कॉम्बिनेशन ही कुछ ऐसा है. इस सीट पर ठाकुर और यादव मतदाताओं की संख्या लगभग बराबर है. धनंजय सिंह ठाकुरों का वोट काट देते हैं. इस वजह से भाजपा औंधे मुंह गिर जाती है और यादवों के एकमुश्त वोट से सपा जीतती रही है. इस बार भी समीकरण ऐसे ही हैं.

जौनपुर में चर्चा है कि दिवंगत पारसनाथ के बेटे लकी यादव चुनाव की तैयारी कर रहे हैं. दूसरी तरफ धनंजय सिंह निषाद पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. बता दें यूपी में निषाद पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन है और धनंजय सिंह गुट का ये तर्क रहा है कि चूंकि लोकसभा चुनावों में बीजेपी के लिए पार्टी ने ये सीट छोड़ी थी लिहाजा इस बार विधानसभा उपचुनाव में निषाद पार्टी का ही इस सीट पर दावा बनता है. हालांकि भाजपा उनके नाम पर राजी होगी, फिलहाल ऐसा नहीं लगता.



27 साल से बसपा और 31 साल से कांग्रेस के लिए सूखा
अब जान लीजिए इस सीट के बारे में. 2012 में परिसीमन के बाद रारी सीट का नाम मल्हनी हो गया. 2012 और 2017 में सपा के पारसनाथ यहां से विधायक चुने गए. वे इकलौते ऐसे शख्स थे, जो एक ही पार्टी से इस सीट से 2 बार विधायक बने. वैसे इससे पहले 2002 और 2007 में धनंजय सिंह दो बार लगातार विधायक बने जरूर लेकिन, 2002 में निर्दलीय और 2007 में जनता दल (यू) से. बसपा को आखिरी बार रारी में 1993 में जीत मिली थी, जब लाल जी यादव विधायक चुने गए थे. कांग्रेस ने 1989 में ये सीट आखिरी बार जीती थी. जब अरूण कुमार सिंह मुन्ना विधायक बने थे. भाजपा न तो रारी में और न ही मल्हनी में, एक बार भी जीत का दीदार नहीं कर सकी है.

वोटरों की स्थिति

जौनपुर की मल्हनी सीट पर 2017 के चुनाव में कुल 3 लाख 45 हजार वोटर थे. उपचुनाव के लिए मतदाताओं की सूची जारी होने वाली है. जाहिर है ये संख्या थोड़ी बढ़ेगी ही.

मल्हनी से विधायक

2017- सपा से पारसनाथ यादव ने निषाद पार्टी के धनंजय सिंह को हराया

2012- सपा से पारसनाथ यादव ने निर्दलीय जागृति सिंह को हराया
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