जब सरकारी अभिलेखों में मृत बुजुर्ग बोला-साहब मैं जिंदा हूं
Jaunpur News in Hindi

जौनपुर में एक बुजुर्ग अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है. बुजुर्ग के नाम आया आवास और शौचालय भी वापस हो गया.

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जौनपुर में एक बुजुर्ग अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है. तीन साल पहले सरकारी अभिलेख में मृत हो जाने के कारण बुजुर्ग को कोई भी सरकारी सहायता नही मिल रही है. बुजुर्ग के नाम आया आवास और शौचालय भी वापस हो गया. जिसके कारण उसे कच्चे मकान में ही बिना सरकारी सुविधा के जीवन बसर करना पड़ रहा है.

दरअसल मामला जिले के शाहगंज तहसील के गांव भुसोड़ी का है. गांव के एक बुजुर्ग सहतू हाथों में साहब ‘मैं जिंदा हूं’ का बोर्ड लिए टहल रहा है. जिसको सरकारी अभिलेख में मृत घोषित किया जा चुका है. तीन साल से ये अपने आपको जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है.

साल 2018 के आखरी दिन भी सहतू ने खुद को सरकारी अभिलेखों में जिंदा कराने के लिए एसडीम कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. एसडीएम ने मामले की जांच और सहतू को उनका हक़ दिलाने के साथ ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है.



हालांकि यह काफी दिलचस्प होगा कि नये साल 2019 में सहतू सरकारी अभिलेखों में जिंदा हो पाता है या फिर खुद को जिंदा साबित करने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर ही लगाता रहेगा. (रिपोर्ट-मनोज सिंह पटेल)
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