Home /News /uttar-pradesh /

सर्जिकल स्ट्राइक से लिया उरी का बदला, लेकिन मदद के लिए अभी तक भटक रहे हैं शहीद के पिता

सर्जिकल स्ट्राइक से लिया उरी का बदला, लेकिन मदद के लिए अभी तक भटक रहे हैं शहीद के पिता

File Photo

File Photo

उरी हमले में शहीद हुए जवान के पिता को शहादत के ढाई साल बीत जाने के बाद भी, सरकार की तरफ से मिलने वाली पांच लाख की सहायता राशि आज तक नही मिल सकी है.

    पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों की सरकार 25 लाख रुपए की मदद कर रही है. लेकिन कई बार सरकार की घोषणा के बाद शहीदों के परिजनों को यह राशि नहीं मिलती है. दरअसल हम बात कर रहे हैं उरी हमले में शहीद हुए जवान के पिता की. बेटे की शहादत के ढाई साल बीत जाने के बाद भी, सरकार की तरफ से मिलने वाली पांच लाख की सहायता राशि आज तक नही मिल सकी है. सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक से उरी का बदला ले लिया लेकिन शहीद के पिता को अभी तक मदद नहीं मिली.

    शहीद के पिता नेताओं और मंत्रियों के पास चक्कर लगा लगा कर थक हार चुके हैं. मामला जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भकुरा गांव का है. जहां रहने वाले राजेन्द्र सिंह के सबसे छोटे बेटे राजेश सिंह 2010 में सेना में भर्ती हुए थे. उनकी पोस्टिंग जम्मू के उरी में थी.

    18 सितम्बर 2016 रविवार की सुबह सेना के कैंप पर अचानक आतंकियों ने हमला कर दिया था. इस हमले में 19 जवान शहीद हुए थे. हमले में राजेश सिंह भी शहीद हो गए. सरकार ने मदद का आश्‍वासन देते हुए 25 लाख रुपए उनको परिजनों को देने की बात कही थी. जिसमे 20 लाख शहीद की पत्नी को तो दे दिए गए. लेकिन 5 लाख का जो चेक पिता को दिया जाता है, वो आज तक नहीं दिया गया.

    उन्होंने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से लेकर मंत्री रीता बहुगुणा जोशी और कई बड़े नेता से की, लेकिन आज तक उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला है.

    (रिपोर्ट-मनोज सिंह पटेल) 

    ये भी पढ़ें: पुलवामा हमला: भारत ने उठाया सख्त कदम, पाकिस्तान जाने वाला पानी रोका

    आपके शहर से (जौनपुर)

    जौनपुर
    जौनपुर

    Tags: Hindi news, Jaunpur news, Up news in hindi, Uttar pradesh news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर