पानी की किल्लत से झांसी के इस गांव में आधे युवाओं का नहीं हो रहा ब्याह

झांसी जिले के गढ़मऊ गांव में पानी की भीषण किल्लत लोगों के जीवन के साथ-साथ युवाओं के वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है.

Ashwani Mishra | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 22, 2018, 9:02 AM IST
Ashwani Mishra | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 22, 2018, 9:02 AM IST
न्यूज18 हिंदी पर हम आपको देश में पानी के मौजूदा हालात के बारे में बता रहे हैं. 'पानी की कहानी' सीरीज की इस रिपोर्ट में हम आपको झांसी के एक ऐसे गांव की कहानी सुना रहे हैं, जहां पानी की कमी के चलते लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है. इस गांव के लोग घंटों कतार में खड़े रहकर बमुश्किल पानी हासिल करने की जद्दोजहद से जूझते हैं. पानी के लिए इस संघर्ष को देखते हुए दूसरे इलाके के लोग यहां अपनी लड़कियां नहीं ब्याहना चाहते. पढ़िए यह रिपोर्टः

जल ही जीवन है, यह कहावत तो सभी ने सुनी होगी, लेकिन जल वैवाहिक जीवन भी है यह शायद ही किसी ने सुना हो. झांसी जिले के एक गांव पर यह कहावत सटीक बैठती है. पीने के पानी की भीषण किल्लत की वजह से इस गांव के नौजवानों की शादी नहीं हो रही है. इस गांव के 50 फीसदी युवक इसलिए अब कुंवारे हैं, क्योंकि यहां उन्हें घंटों लाइन में लगने के बाद ही चंद बाल्टी पानी नसीब हो पता है.



झांसी जिले के गढ़मऊ गांव में पानी की भीषण किल्लत लोगों के जीवन के साथ-साथ युवाओं के वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है. गांव के लोगों ने अपनी यह समस्या जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र सिंह के सामने रखी. प्रभारी मंत्री की चौपाल में गांव के युवाओं ने उनसे पानी की किल्लत की वजह से शादी न होने की पीड़ा बताई. चौपाल के बाद गांव के युवाओं ने कहा कि गांव में पानी की इस कदर समस्या है कि यहां कोई भी अपनी लड़की की शादी नहीं करता. ऐसे में गांव में तकरीबन पचास फीसदी युवा कुंवारे हैं. पानी की घोर किल्लत कुंवारों के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है.

चौपाल के बाद न्यूज18 से बातचीत में गांव के ही एक युवक ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पानी की किल्लत की वजह से यहां कोई अपनी बेटी नहीं ब्याहना चाहता. जो भी रिश्ते आते हैं, पानी की समस्या को जानकार शादी करने से इनकार कर देते हैं. उनका कहना रहता है कि पानी की समस्या है. शादी के बाद उनकी लड़की क्या नल पर लाइन लगाने जाएगी? गांव के युवाओं का कहना है कि दो-दो- घंटे लाइन में लगने के बाद कहीं जाकर एक बाल्टी पानी मुहैया हो पाता है.

गांव के युवाओं का कहना है कि सिर्फ पानी की वजह से 50 फ़ीसदी युवकों की शादी नहीं हो सकी है.

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