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बुंदेलखंड तक हो गया अनुप्रिया पटेल की अपना दल का विस्तार, इसके पीछे क्‍या है BJP की रणनीति?

अनुप्रिया पटेल की अपना दल एस यूपी में तीसरे नंबर की पार्टी हो गई है और उसका विस्तार बुंदेलखंड तक हो गया है.

अनुप्रिया पटेल की अपना दल एस यूपी में तीसरे नंबर की पार्टी हो गई है और उसका विस्तार बुंदेलखंड तक हो गया है.

UP caste politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा 2022 के परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि सीटों के लिहाज से अनुप्रिया पटेल की अपना दल एस यहां तीसरे नंबर की पार्टी हो गई है. उसने 12 सीटें जीत ली हैं और इसके साथ ही उसका बुंदेलखंड तक विस्तार हो गया है. भाजपा ने अपनी जीती हुई सीटें आखिरकार अनुप्रिया पटेल को क्यों सौंप दीं इसके पीछे जातीय समीकरणों का अंकगणित चौंकाने वाला है.

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झांसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम (Uttar Pradesh Assembly Election Result) आ चुका है और इसमें भाजपा (BJP) के एनडीए गठबंधन ने इस बार भी प्रचंड जीत हासिल की है. भाजपा के नेतृत्‍व वाले गठबंधन 273 सीटों पर सफलता मिली है. यूपी में समाजवादी पार्टी गठबंधन 125 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी है, लेकिन सूबे की राजनीति में तीसरे स्थान के लिए चौंकाने वाले परिणाम आए हैं. यहां बसपा का पूरे राज्य से सूपड़ा साफ हो गया है. उसकी जगह अपना दल (एस) ने ले ली है. अनुप्रिया पटेल की अपना दल ने इस बार 12 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की है और उसका विस्तार बुंदेलखंड तक हो गया है. अपना दल ने बुंदेलखंड की दो सीटों पर जीत हासिलकर सभी को चौंका दिया. फिलहाल अनुप्रिया पटेल के राजनीतिक विस्तार के पीछे बीजेपी की ही रणनीति रही है और कहीं न कहीं इसमें बीजेपी को सफलता भी मिल रही है.

दरअसल, अपना दल का गठन ही यूपी में कांशीराम से नाराज होकर सोनेलाल पटेल ने बीएसपी के खिलाफ किया था. अपना दल कुर्मी समाज पर गहरा प्रभाव रखती है. सोनेलाल पटेल के निधन के बाद अपना दल सोनेलाल की कमान उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल के पास है, जो भाजपा के साथ गठबंधन में हैं. वहीं, अनुप्रिया की मां कृष्णा पटेल बेटी के खिलाफ हैं और उनका संगठन अपना दल कमेरावादी सपा गठबंधन का हिस्सा हैं और दोनों ही राजनीतिक रूप से कुर्मी पटेल समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जुटे हैं.

अपना दल का विस्तार क्यों कर रही है भाजपा?

एनडीए गठबंधन में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनलाल) ने 12 सीटों पर जीत हासिल की है. अपना दल (सोनेलाल) की नेता अनुप्रिया पटेल हैं जो सांसद और मोदी सरकार में मंत्री भी हैं. अनुप्रिया पटेल कुर्मियों को संगठित करने वाले बसपा के संस्थापकों में से एक कद्दावर नेता सोनेलाल पटेल की बेटी हैं. बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपनी पकड़ को लगातार मजबूत कर रही है. इसके लिए वह छोटे दलों को अपना साझीदार बना रही है. बीजेपी जानती है कि यूपी की राजनीति में लंबे समय तक कायम रहना है तो यहां के जातीय समीकरणों को भी कब्जे में रखना होगा. यूपी में सपा यादवों को साथ लेकर पिछड़ों की बात करते हुए मजबूत आधार वाली पार्टी है. मायावती बसपा से जाटवों को साथ लेकर पूरे दलितों को जोड़कर राजनीति में आगे बढ़ी है. तो बीजेपी भी यूपी के कुर्मी पटेल समीकरणों को अपने पक्ष में रखकर कई सीटों पर प्रभाव बनाए रखना चाहती है.

अपना दल के साथ क्या हैं कुर्मी समीकरण के फायदे

अपना दल एस के लिए भाजपा ने बुंदलखंड में अपनी जीती हुईं सीटें छोड़कर जो सियासी दांव चला है वह सपा और बसपा दोनों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. यूपी की कई सीटों पर कुर्मी पटेल वोटों का प्रभाव है. कानपुर बंदेलखंड क्षेत्र में कुर्मी वोटर्स लोध समाज के बाद दूसरी सबसे बड़ी ताकत हैं. लोध बीजेपी के साथ ही रहा है. अखिलेश यादव ने नरेश उत्तम पटेल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कुर्मी वोटरों में सेंध लगाने की कोशिश की, लेकिन बीजेपी ने अनुप्रिया पटेल का कद बढ़ाकर कुर्मी वोटर्स को अपने पक्ष में साधने का काम किया है. इसका प्रभाव नतीजों में भी दिखा है. इससे बीजेपी के पक्ष में एम वाई यानि मुस्लिम यादव समीकरण के खिलाफ पिछड़ी जातियों में ही कुर्मी, लोध और कुशवाहा का समीकरण फायदेमंद हो गया. स्वामी प्रसाद मौर्य के कारण कुछ जगहों पर कुशवाहा वोटों का भाजपा को नुकसान भी उठाना पड़ा है, लेकिन केशव प्रसाद मौर्य की भाजपा में मौजूदगी से भाजपा को इसमें बड़ा नुकसान नहीं हुआ.

अनुप्रिया पटेल की पार्टी का स्ट्राइक रेट रहा 70 फीसदी

अपना दल एस ने पहली बार यूपी में 12 सीटों पर जीत दर्ज की है और इसके बाद ही वह बीएसपी से बड़ी पार्टी होकर तीसरे नंबर की पार्टी हो गई. अपना दल के लिए भाजपा ने बुंदेलखंड में दो सीटें छोड़कर कुर्मी वोटरों को अपने पक्ष में पोलराइज किया. बुंदेलखंड के झांसी जिले की मऊरानीपुर और बांदा की मानिकपुर से अपना दल एस ने भाजपा गठबंधन के साथ जीत दर्ज की है. 2017 में अपना दल एस को 9 सीटें मिली थीं. इस बार अनुप्रिया पटेल ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 70 फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ 12 सीटें जीत ली हैं.

Tags: Anupriya Patel, Apna Dal BJP Alliance, Bundelkhand news, Uttar Pradesh Assembly Election 2022

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