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Explainer Jhansi:-झांसी में भी है दलबदलू नेताओं की लंबी फेहरिस्त,सत्ता के लालच में बदली पार्टियां

Explainer Jhansi:-झांसी में भी है दलबदलू नेताओं की लंबी फेहरिस्त,सत्ता के लालच में बदली पार्टियां

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बदलते चुनावी समीकरण के साथ झांसी के इन नेताओं ने बदली पार्टियां

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही नेताओं द्वारा दलबदल का क्रम भी शुरू हो चुका है.झांसी में भी ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त ?

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही नेताओं द्वारा दलबदल का क्रम भी शुरू हो चुका है.स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ दो मंत्रियों और 7 विधायकों के भाजपा छोड़ कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने के बाद अन्य पार्टियों से भी नेताओं के दूसरे दलों में जाने की खबर लगातार सामने आ रही है.झांसी में भी ऐसे नेताओं की लंबी फेहरिस्त है जिन्होंने समय समय पर सत्ता के निकट रहने के लिए पार्टियां बदलीं.आपको बताते हैं ऐसे ही कुछ नेताओं और उनके द्वारा समय-समय पर बदली गई पार्टियों के बारे में.

    बसपा के महाराज आज कांग्रेसी हैं
    बृजेंद्र व्यास यानी की डम डम महाराज ने पहले बसपा के टिकट पर गरौठा से विधानसभा का चुनाव जीता था.लेकिन, इसके बाद भी झांसी विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़े.चुनाव के बाद उनकी फिर से बसपा में वापसी हो गई थी.महापौर का पिछला चुनाव उन्होंने हाथी चुनाव चिन्ह के साथ लड़ा था.वर्तमान में वे कांग्रेस के साथ दिखाई दे रहे हैं लेकिन उनके भाजपा में जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं.

    पूर्व एमएलसी हाथी छोड़ चला रहे हैं साइकिल
    एक समय में बसपा के कद्दावर नेताओं में शुमार पूर्व एमएलसी तिलक चंद्र अहिरवार भी अब साइकिल चलाने लगे हैं.इनाम स्वरूप उन्हें सपा का प्रदेश महासचिव भी बनाया गया है.ऐसे ही एक और नेता हैं बबीना के पूर्व विधायक सतीश जतारिया जो पिछले दिनों अखिलेश यादव के समक्ष सपा में शामिल हो गए थे.सतीश बसपा से बबीना से विधायक चुने गए थे.बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए थे,लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले वो सपाई हो गए हैं.

    सबके हैं रतनलाल
    ऐसे ही एक ओर नेता हैं रतनलाल अहिरवार जिन्होंने राजनीति की शुरुआत भाजपा से की थी और पार्टी के टिकट पर वे बबीना से विधायक भी चुने गए.लेकिन बाद उन्होंने सपा का दामन थाम लिया और वहां से भी विधायक रहे.लेकिन, साइकिल का पेडल लंबे समय तक चला नहीं पाए और चले गए हाथी की सवारी करने. बसपा के टिकट पर भी वे बबीना विधानसभा का चुनाव जीते और मायावती ने तो उन्हें राज्यमंत्री भी बनाया था.लेकिन, हाथी भी उन्हें लंबे समय तक रास नहीं आया और वह एक बार फिर वे अपनी पुरानी पार्टी भाजपा में शामिल हो गए.लेकिन भाजपा के साथ उनका ज्यादा समय तक रिश्ता चला नहीं और एक बार फिर बसपा में शामिल हो गए. वर्तमान में रतनलाल बसपा में हैं और विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांग रहे हैं.

    सपा की रमा, आज भाजपा में

    पार्टी छोड़ने में महिला नेता भी पीछे नहीं हैं. झांसी की जानी मानी महिला नेता और वर्तमान में विधान परिषद के सदस्य रमा निरंजन भी पार्टी बदल चुकी है.वह विधान परिषद सदस्य तो जरूर चुनी गई थी समाजवादी पार्टी के कोटे से लेकिन हाल ही में उन्होंने भी भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है.ऐसे ही बबीना से बसपा के टिकट पर विधायक रहे कृष्णपाल राजपूत ने भी हाथी से उतारे जाने के बाद कमल थाम लिया है.बात अगर मऊरानीपुर सीट की करें तो मौजूदा विधायक बिहारीलाल आर्य ने पिछले चुनावों से पहले कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का कमल पकड़ लिया था.फिल्हाल उनके वापस कांग्रेसी होने की अटकलें लगाई जा रही हैं.

    (रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

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