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कटे पैर को तकिया बनाने का मामला: झांसी मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल पर गिरी गाज

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Updated: March 18, 2018, 12:26 PM IST
कटे पैर को तकिया बनाने का मामला: झांसी मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल पर गिरी गाज
रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल साधना कौशिक. Photo: News18

गौरतलब है कि पैर को तकिया बनाने की खबर को न्यूज 18 ने प्रमुखता से दिखाया था. जिसके चलते पहली कार्रवाई में चार डाक्टरों को मामले में निलंबित करने के साथ ही एक विभागाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई हुई थी.

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  • Last Updated: March 18, 2018, 12:26 PM IST
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झांसी में कटे पैर को तकिया बनाने के मामले में न्यूज 18 की खबर का दमदार असर हुआ है. मामले में प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज की प्रिंसिपल साधना कौशिक को प्राचार्य पद से हटा दिया है. गौरतलब है कि पैर को तकिया बनाने की खबर को न्यूज 18 ने प्रमुखता से दिखाया था. जिसके चलते पहली कार्रवाई में चार डाक्टरों को मामले में निलंबित करने के साथ ही एक विभागाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच की कार्रवाई हुई थी. शनिवार को प्रदेश सरकार ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल कालेज की प्राचार्य को मेडिकल कालेज से हटाकर मेरठ भेज दिया है. वहीं इस मामले में मेडिकल कालेज के सबसे बड़े लापरवाह सीएमएस पर अब तक कोई कार्रवाई नही हुई है .

बता दें यूपी के झांसी से एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक घायल युवक का पैर काटने के बाद डॉक्टरों ने उसके कटे हुए पैर को ही तकिया बनाकर युवक के सिर के नीचे रख दिया. डॉक्टरों की इस करतूत से हर कोई सकते में दिखा. मेडिकल कॉलेज ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं. दरअसल शनिवार सुबह शहर के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. सड़क हादसे में घायल हुए युवक की हालत बहुत खराब थी, जिसके चलते डॉक्टरों को उसका बायां पैर काटना पड़ा.

घायल हुए बाएं पैर के नीचे डॉक्टरों ने तकिया रख दिया पर सिर के नीचे रखने के लिए उनके पास कुछ नहीं था तो उन्होंने युवक का कटा हुआ पैर ही तकिये की तरह युवके के सिर के नीचे लगा दिया.
युवक पूरे समय कटे हुए पैर की बदबू से परेशान रहा. परिजन भी अपने बेटे के साथ हो रहे इस बर्बर रवैये को देखकर विचलित हो गए. इस वीडियो के वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं.

इसके बाद मामले में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के निर्देश पर दो डॉक्टर व दो नर्स को निलंबित कर दिया गया, जबकि डॉक्टर ऑन कॉल को चार्जशीट दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक मामले पर एक जांच बैठा दी गई है और मेडिकल कालेज की प्रधानाचार्य से पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की गई है. घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र पाल सिंह, सीनियर रेजीडेंट आर्थोपैडिक डॉ. आलोक अग्रवाल, सिस्टर इंचार्ज दीपा नारंग व नर्स शशि श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. वहीं, डॉक्टर ऑन कॉल डॉ. प्रवीण सरावगी पर चार्जशीट जारी की गई है.

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First published: March 18, 2018, 12:26 PM IST
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