जालौन में सिपाहियों ने नाबालिग को बेरहमी से पीटा, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस की बर्बरता का शिकार हुआ किशोर, पुलिस ने बेरहमी से पीटा, परिजनों ने की अधिकारियों से शिकायत.

पुलिस की बर्बरता का शिकार हुआ किशोर, पुलिस ने बेरहमी से पीटा, परिजनों ने की अधिकारियों से शिकायत.

दो पुलिसवालों ने एक नाबालिग युवक की लाठी डंडों से जमकर पिटाई कर दी. जिससे मासूम के पीठ पर डंडों के निशान पड़ गए और जब पुलिसकर्मियों को इतने से तसल्ली न मिली तो नाबालिग को थप्पड़ जड़ दिए और गंदी-गंदी गालियां देकर उसका मुंह बंद करा दिया.

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जालौन. यूपी के जालौन में पुलिस की बर्बरता का एक नया कारनामा सामने आया है. हालांकि यह कोई नया वाकया नहीं हैं. जालौन पुलिस अपनी करतूतों की वजह से अक्सर चर्चा में रहती है.  पूरी घटना उरई कोतवाली क्षेत्र के बजारियां की है. जहां दो पुलिसकर्मियों ने एक नाबालिग युवक की लाठी डंडों से जमकर पिटाई कर दी. जिससे मासूम के पीठ पर डंडों के निशान पड़ गए और जब पुलिसकर्मियों को इतने से तसल्ली न मिली तो नाबालिग को थप्पड़ जड़ दिए और गंदी-गंदी गालियां देकर उसका मुंह बंद करा दिया.

बता दें कि पूरा मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र का हैं. जहां पर एक मासूम अपनी घर के पास की गली से गुजर रहा था तभी दो पुलिसकर्मी वहां से गुजरे तो वहां अचानक भगदड़ मच गई. इसी बीच एक मासूम नीचे गिर पड़ा. इसका फायदा उठाकर पुलिस के दो सिपाहियों ने उस पर अपना रौब झाड़ते हुए उसके पीठ पर लाठियां बरसा दीं. जब इसका उसने विरोध किया तो दबंग सिपाहियों ने उसे गालियां देकर धमकाना शुरू कर दिया. इस बात का पता परिजनों को चला तो उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. अपने परिजनों को जब युवक ने आपबीती सुनाई तो पुलिस की इस दबंगई को सुनकर वह दंग रह गए. पुलिस ने युवक के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं.

युवक को पीटने के बाद जब वह नीचे गिर गया तो सिपाहियों ने फिल्मी अंदाज में गंदी-गंदी गालियां देकर उसे वहां से निकल जाने को कहा. पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक की चौखट पर न्याय की गुहार लगाई है. वहीं मासूम अमन खान ने बताया कि हम गली से गुजर रहे थे, तभी वहां कुछ लडक़े भागने लगे. इस भगदड़ में मैं नीचे गिर गया तो दो पुलिस वालों ने गालियां देते हुए 8-10 डंडे पीठ पर मार दिए. पीटने वाले दोनों सिपाही बल्लभ नगर चौकी के बताए गए हैं. पीड़ित ने उनकी पहचान भी की.

वहीं मासूम की मां समीम खां ने बताया कि मैं किसी काम से बाजार मे थी. लडक़े का फोन आया कि मुझे दवा लेनी है तो उससे कहा कि यहीं आ जाओ मेडिकल से दवा दिला देंगे. उसने कहा कि मेरे बेटे की उम्र क्या मारने लायक हैं. अगर इसको कुछ हो जाता तो इसका जिम्मेदार कौन होता. आखिर पुलिस वजह तो बताए क्यों मारा हैं बेटे को ? वहीं पूरे मामले में अपर पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पूरा मामला संज्ञान में आया है. पीड़ित ने शिकायती पत्र दिया है, जिसकी जांच सीओ को सौंपी हैं. अगर प्रक्रिया के विरुद्ध सिपाहियों ने काम किया होगा तो कार्रवाई की जाएगी.

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