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Ramlila : झांसी में इस परिवार के पुरुष निभाते हैं सुमित्रा, मंथरा जैसे महिला किरदार, वो भी तीन पीढ़ियों से

छोटे शहरों और कस्बों में परंपराएं ज़िंदा रहती हैं. एक ज़माना था जब स्टेज पर एक्टिंग करना महिलाओं का काम नहीं माना जाता था ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – शाश्वत सिंह

झांसी. सदर बाजार में रहने वाले नारायण दास सेन नवरात्रि शुरू होने से दो हफ्ते पहले से ही घर में रोज़ साड़ी बांधने की प्रैक्टिस शुरू कर देते हैं. बिंदी लगाने से लेकर बाल संवारने का अभ्यास भी वो रोज़ करते हैं. उनकी ऐसी गतिविधियों से घर में किसी को ऐतराज़ भी नहीं होता क्योंकि यह सालों से हो रहा है. ये सारी तैयारियां वह कर रहे हैं रामलीला में अपने पात्र को निभाने के लिए. नारायण दास पिछले 40 सालों से रामलीला में महिलाओं के पात्र निभाते चले आ रहे हैं और अब भी उनका उत्साह वही का वही है.

रामलीला में सुमित्रा, मंदोदरी से लेकर ताड़का और शूर्पणखा तक के रोल निभा कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करते रहे नारायण दास हर साल नवरात्रि से कुछ दिन पहले अपने पात्र को निभाने के लिए तैयारियां शुरू कर देते हैं. दिलचस्प बात यह है कि दास अकेले नहीं बल्कि उनके घर के कई सदस्य रामलीला में महिला पात्र निभाते हैं. रामलीला से उनके परिवार का जुड़ाव तीन पीढ़ियों का हो गया है.

सदर बाजार में होने वाली रामलीला की तैयारियों में उनके पिता अहम भूमिका निभाया करते थे. नारायण के बड़े भाई नानक सेन ने सबसे पहले महिलाओं के पात्र निभाना शुरू किया. लोगों से उन्हें काफी तारीफ मिली. उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए नारायण ने भी यह अभिनय शुरू कर दिया. अब तो उनके बेटे प्रेम सेन और सूरज सेन भी महिलाओं के पात्र निभाते हैं. प्रेम ताड़का और मां काली के तो सूरज, सुमित्रा के साथ ही लक्ष्मण और भरत की पत्नियों के किरदार निभाते हैं.

‘सबसे मुश्किल काम है महिला चरित्र निभाना’

नारायण ने बताया कि शुरुआत में उनके साथी और कुछ लोग मज़ाक उड़ाया करते थे. लेकिन, एक बार मंच पर आने के बाद लोग उनकी प्रस्तुति पर ताली बजाने से खुद को रोक नहीं पाते. उन्होंने बताया कि वह जब रेलवे में नौकरी करते थे तो अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद प्रैक्टिस करने के लिए आते थे. अब रिटायर होने के बाद वह खुद प्रैक्टिस करते हैं और बाकी कलाकारों को भी सिखाते हैं. नारायण ने बताया अगर कोई एक्टर महिला के पात्र और कॉमेडी कर लेता है, तो वह हर पात्र निभा सकता है. कलाकारों को मंच देने और अच्छा कलाकार बनाने में रामलीला मददगार होती है.

Tags: Jhansi news, Ramlila

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