Jhansi News: मुनाफाखोरी के लिए करते थे मरीजों के मरने का इंतजार, फिर रेमेडिसीवीर का 40 हजार में करते थे सौदा

झांसी में रेमेडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते सात गिरफ्तार

झांसी में रेमेडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते सात गिरफ्तार

Jhansi News: पूरे सिंडिकेट का खुलासा करते हुए एसएसपी रोहन पी कनय ने कहा कि गिरफ्तार सातों अभियुक्तो की करतूत के चलते कई मरीजो की जान चली गई. सातों अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस एनएसए की कार्रवाई जल्द अमल में आएगी.

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झांसी. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के इस भीषण आपदा के दौर में मुनाफाखोरों ने इंसानियत को पूरी तरह से शर्मिंदा कर दिया है. मेडीकल कर्मचारियों से लेकर मेडिकल दलालों, मेडिकल स्टोर संचालकों ने सिंडिकेट बनाकर वेंटिलेटर पर एक-एक सांसों के लिए जूझ रहे  मरीजों की मौत का इंतजार खुद के मुनाफे के लिए कर रहे हैं. कुछ ऐसा ही सनसनीखेज मामला झांसी (Jhaansi) में देखने को मिला जहां मरीजों की जान बचाने के लिए परिजनों द्वारा मेडकिल कर्मचारियों को दिये गए रेमडेसिवर (Remedisivir)को  न लगाने के लिए मेडिकल कर्मियों ने वेंटिलेटर पर मौत से जूझ रहे मरीज के मरने का बेसब्री से इंतजार करते थे. जैसे ही मरीज की मौत होती थी तो मेडकिल के हैवान कर्मचारी उस मरीज के इंजेक्शन को चालीस हजार में बेच देते थे.

दरअसल, झांसी जिले में कोरोना संक्रमितों के लिए संजीवनी मानी जा रही दवा रेमेडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी बड़े पैमाने पर की जा रही थी. जिसका खुलासा झांसी पुलिस ने किया है. रेमेडिसीवीर इंजेक्शन को असल कीमत से कई गुना ज्यादा महंगे दामों पर बेचने वाले 7 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है.  पुलिस की एसओजी टीम और नबाबाद पुलिस ने मेडिकल लाइन से जुड़े लोगों के कब्जे से कई इंजेक्शन और लाखों रुपये बरामद किये है.

ये हुए गिरफ्तार

एसएसपी रोहन पी कनय के निर्देशन व एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी व सीओ सिटी राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एसओजी टीम सहित अन्य थाना पुलिस को रेमेडिसीवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों की तलाश में लगाया गया था. इसी बीच खबर मिली कि मेडिकल कॉलेज क्षेत्र स्थित मेडिकल स्टोर से यह काम संचालित हो रहा था. मनीष पाल, जमुना प्रसाद, तनिष्का मेडिकल स्टोर से विशाल विरथरे, जेनिया नर्सिंग होम से हिमांशु समाधिया, मानस हॉस्पिटल सिंह से हरेंद्र पटेल, मानवेन्द्र पटेल, सचिन्द्र प्रजापति के कब्जे से असली /नकली भरे हुए 9 इंजेक्शन, रेमेडिसीवीर की खाली प्लास्टिक आउट कांच की छोटी शीशियां, कोरोना, रैपिड टेस्ट किट, 5 डिस्पोजल सीरिंज वा 2 लाख 30 हजार रुपये बरामद किए गए है.
गैंग की वजह से कई मरीजों की गई जान

पूरे सिंडिकेट का खुलासा करते हुए एसएसपी रोहन पी कनय ने कहा कि गिरफ्तार सातों अभियुक्तो की करतूत के चलते कई मरीजो की जान चली गई. सातों अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस एनएसए की कार्रवाई जल्द अमल में आएगी. मरीजों को लगाए जाने वाले इंजेक्शन को मेडिकल के कर्मचारी मरीजों को न लगाकर वेंटिलेटर पर उनकी मौत का इंतजार करते थे. जिस मरीज की मौत होती तो गिरोह तत्काल मृतक मरीज के हिस्से के इंजेक्शन को बाजार में बेच देता था.
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