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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम पर ठगी, डाकखाने में घंटों खड़ी रहीं महिलाएं!

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 5, 2018, 9:15 AM IST
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नाम पर ठगी, डाकखाने में घंटों खड़ी रहीं महिलाएं!
रेलवे स्टेशन पर स्थित डाक घर के बाहर लगी लंबी लाइन

इसी क्रम में सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास डाकखाने में आवेदन भरने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लड़कियां और महिलाएं लाइन में घंटों खड़ी रहीं.

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झांसी में भारत सरकार द्वारा संचालित 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना' के नाम पर फर्जी फॉर्म बांटकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है. यहां ठगों ने दो लाख रुपए दिलाने का झांसा देकर लोगों से फॉर्म भरवाए, जिसके लिए उन्होंने लोगों से प्रति फॉर्म 30 रुपए भी वसूले. यही नहीं, फॉर्म पर क्षेत्रीय पार्षद के हस्ताक्षर भी कराए जा रहे हैं.

इसी क्रम में सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास डाकखाने में आवेदन भरने के लिए सैंकड़ों की संख्या में लड़कियां और महिलाएं लाइन में घंटों खड़ी रहीं. जिसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल ने ऐसा कोई प्रावधान नहीं होने की बात कहकर खिड़की बंद कर दी, जिससे महिलाओं ने जमकर हंगामा किया. बताया जाता है देर रात तक रेलवे स्टेशन के डाक घर पर लोगों की भीड़ लगी रही.

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रिपोर्ट के मुताबिक ठगों द्वारा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना' के नाम से अभिदाता पंजीकरण फॉर्म भरवाए जा रहे हैं. जिन परिवारों में 8 से 32 वर्ष तक की लड़कियां हैं, केवल उन्हीं से फॉर्म भरवाए जा रहे हैं. फॉर्म में नाम, पता, शिक्षा, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाता नंबर और बैंक का नाम भरवाया जा रहा है. ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के नाम के इस फॉर्म में नगर क्षेत्र में क्षेत्रीय पार्षद और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं.

लाइन में लगीं महिलाओं ने बताया कि कुछ स्कार्पियो सवार लोग फॉर्म बेचे रहे हैं और प्रति फॉर्म की कीमत 10 रुपए ले रहे हैं. उन्हीं में से कुछ लोग कह रहे हैं कि यदि फार्म भरने के बाद दो लाख रुपए चाहिए तो 10-20 हजार रुपए खर्च करना पड़ेगा. जो खर्च करेगा, उसका नाम पहले आ जाएगा और जो खर्च नहीं करेगा, उसको पैसा मिलेगा या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है. वहीं, योजना पर सवाल पूछने पर वे लोगों को धमका भी रहे हैं,

भट्टा गांव पार्षद कमलेश भारती ने बताया कि उन्होंने लोगों से ऐसी किसी भी योजना के होने से इनकार किया है, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं. कमोबेश यही स्थिति नैनागढ़ के पार्षद विमल किशोर की है. उन्होंने भी लोगों के फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से मना किया तो लोग बुरा मान गए. अब पार्षद धर्मसंकट की स्थिति में फंस गए हैं. अगर हस्ताक्षर करने से मना करते हैं तो लोग नाराज हो जा रहे हैं.

खास बात यह है कि फॉर्म भरने की कोई अंतिम तिथि नहीं है. सोमवार को रेलवे स्टेशन के  पास आरएमएस पर बड़ी संख्या में फार्म भरकर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय शास्त्री भवन नई दिल्ली के नाम से भेजे गए.
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इस बीच जिला प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल ने लोगों से अपील की है कि व्यक्तिगत नकद पैसा देने की कोई योजना नहीं है. यदि कोई किसी योजना का लाभ देने का वायदा करता है और फॉर्म बेच रहा है तो तत्काल ऐसे व्यक्ति के बारे में पुलिस को सूचना दें.

पूरे मामले पर जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने भी कहा है कि ऐसी कोई योजना नहीं है. यदि कोई फॉर्म भरवा रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को दें, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रोबेशन अधिकारी को भी इस मामले को गंभीरता से देखने के निर्देश दिए गए हैं.

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First published: June 5, 2018, 8:07 AM IST
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