ललितपुर जिला प्रशासन का फरमान-पत्रकार रजिस्टर कराएं Whatsapp ग्रुप नहीं तो होगी कार्रवाई

इस फरमान को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और पुलिस कप्तान डॉ ओपी सिंह ने लिखित में जारी किया है. इसमें कहा गया है कि जिले का कोई भी पत्रकार बिना सूचना विभाग में पंजीकरण करवाए मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन नहीं कर सकता.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 3, 2018, 2:21 PM IST
ललितपुर जिला प्रशासन का फरमान-पत्रकार रजिस्टर कराएं Whatsapp ग्रुप नहीं तो होगी कार्रवाई
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: September 3, 2018, 2:21 PM IST
उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने मीडिया पर शिंकजा कसने के लिए अब व्‍हाट्सएप ग्रुप पर अंकुश लगाना शुरू कर दिया है. ललितपुर जिला प्रशासन ने एक अजीबोगरीब फरमान जारी करते हुए पत्रकारों को बिना पंजीकरण के मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप के संचालन पर रोक लगा दी है. जिला प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि जिले के पत्रकार सभी मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप को सूचना विभाग के साथ रजिस्टर करवाएं, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

इस फरमान को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और पुलिस कप्तान डॉ ओपी सिंह ने लिखित में जारी किया है. इसमें कहा गया है कि जिले का कोई भी पत्रकार बिना सूचना विभाग में पंजीकरण करवाए मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप का संचालन नहीं कर सकता.

लिखित आदेश के मुताबिक, "ग्रुप एडमिन को ग्रुप में जुड़े सभी सदस्यों की जानकारी देनी होगी. साथ ही ग्रुप एडमिन को आधार कार्ड की कॉपी, फोटो और अन्य जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी. यह आदेश सभी मीडिया से जुड़े वेबसाइटों पर भी लागू होती है." आदेश में आगे कहा गया है कि ग्रुप में किसी भी तरह की आपत्तिजनक या अपमानित करने वाले पोस्ट को शेयर करने के लिए एडमिन जिम्मेदार होगा."

दरअसल, पिछले दिनों महरौनी कोतवाली के चौकी गांव में दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के अफवाह फैलाए जा रहे थे. यह भी कहा जा रहा था कि कुछ फर्जी पत्रकार व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए इस अफवाह को फैला रहे थे. इसके बाद जिला प्रशासन ने फर्जी पत्रकारों पर नकेल कसने के लिए यह आदेश जारी किया है.

गौरतलब है कि यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. इसी क्रम में यूपी पुलिस अपने ट्विटर हैंडल से लगातार लोगों को अफवाहों से सतर्क रहने की सलाह दे रही है. इसके लिए पुलिस वालंटियर्स की भी मदद ले रही है. लेकिन पत्रकारों के लिए जारी इस फरमान के बाद यह चर्चा का विषय बना हुआ है. साथ ही पत्रकारों में इसे लेकर रोष भी है. हालांकि कुछ का मानना है कि इस कदम से जिले के फर्जी पत्रकारों पर नकेल भी कसी जाएगी.

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(इनपुट: अभय श्रीमाली)
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