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Modi Cabinet Expansion: अटल के जमाने से BJP का झंडा बुलंद किए हैं भानु प्रताप वर्मा, ये है सियासी इतिहास

UP: जालौन के 5 बार से सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा को मोदी सरकार में मंत्री पद दिया गया है. (File Photo)

UP: जालौन के 5 बार से सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा को मोदी सरकार में मंत्री पद दिया गया है. (File Photo)

Jalaun News: जालौन के भानु प्रताप सिंह वर्मा ने अपने राजनीतिक करियर 1991 में कोच विधानसभा सीट से बतौर विधायक शुरू किया था. 5 बार से सांसद भानु प्रताप को इस बार मोदी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है.

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जालौन. मोदी सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार (Modi Cabinet Expansion) में 5 बार के बीजेपी सांसद भानु प्रताप सिंह वर्मा (Bhanu Pratap Singh Verma) को जगह मिल गई है. उनके समर्थक इस उपलब्धि पर खासे उत्साहित हैं. साथ ही लोगों ने उम्मीद जताई है कि यूपी के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार उनके जालौन (Jalaun) के विकास को गति मिलेगी. बता दें जालौन की गरौठा भोगनीपुर संसदीय सीट से भानु प्रताप वर्मा सांसद हैं.

भानु प्रताप वर्मा ने अपने राजनीतिक करियर 1991 में कोच विधानसभा सीट से बतौर विधायक शुरू किया था. भानु प्रताप वर्मा कोरी समाज से ताल्लुख रखते हैं और इनका अपने समाज मे अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है. 1996 में जनपद जालौन की लोकसभा सीट जालौन-गरौठा नाम से थी, जिसमें 4 विधानसभा थीं. उरई-जालौन विधानसभा, कालपी, माधौगढ़ और कोंच विधानसभा. चारों प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. 1996 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी भानु प्रताप वर्मा को जीत मिली और पहली बार भानु प्रताप वर्मा सांसद बने.



इसके बाद 1998 के लोकसभा चुनाव में भी भानु प्रताप वर्मा दूसरी बार विजयी घोषित हुए. 2004 के लोकसभा चुनाव में भानु प्रताप वर्मा ने जीत का क्रम बरकरार रखा. 2014 के लोकसभा चुनाव और फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में भानु प्रताप वर्मा को दोबारा जीत मिली इस तरह कुल 5 बार इस सीट से सांसद चुने गए.

उनके समर्थकों का कहना है कि जालौन वासियों के लिए ये गर्व की बात है कि इस इलाके के सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. दरसअल कानपुर और झांसी के बीच स्थित जालौन बुन्देलखण्ड क्षेत्र का सबसे पिछड़ा जिला माना जाता है. उद्दालक ऋषि की तपोभूमि और राजा माहिल की नगरी उरई, जालौन जिले का मुख्यालय है.

आजादी कि लड़ाई में भी यहां के रणबांकुरों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था. आजादी के बाद से ही दस्यु समस्या से ग्रसित रहा जालौन विकास से कोसों दूर है. ग्रामीण इलाका यमुना और चंबल के बीहड़ों में फैला है. हालांकि पिछले 10 वर्षो से यहां दस्यु समस्या से निजात मिल जरूर गई है. सभी बड़े गिरोह के सदस्य या तो मुठभेड़ में मारे गए या उन्होने खुद समर्पण कर दिया. लेकिन अब जनता को उम्मीद है कि मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद यहां के जनप्रतिनिधि इलाके का समुचित विकास करा पाएंगे.

इनपुट: प्रदीप त्रिपाठी

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डेंगू से लड़ने में ये मछली बनी 'देवदूत', जानिए कैसे करती है बचाव?

UP: झांसी में जिला प्रशासन ने डेंगू से लड़ने के लिए गंबूजिया मछली तालाबों में छोड़नी शुरू की है. (File Photo)

Jhansi News: झांसी में डेंगू के एक्टिव मामलों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि वर्तमान में 17 डेंगू के केस एक्टिव हैं, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है.

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झांसी. आपने अक्सर एक कहावत सुनी होगी कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है लेकिन अब ये कहावत कोरोना काल में बदलने लगी है. अब एक मछली पूरे तालाब के साथ इंसानी जान को भी बचाने का काम कर रही है. हम आपको एक ऐसी मछली के बारे में बता रहे हैं, जो लोगों को डेंगू के डंक से बचा सकती है. इस मछली का नाम गम्बूजिया (Gambusia) है. ये मछली सिर्फ डेंगू ही नहीं बल्कि मलेरिया की चपेट में आने से भी बचा सकती है. झांसी जिला प्रशासन ने अब इस मछली को तमाम तालाबों में छोड़ने का अभियान शुरू कर दिया है. बता दें झांसी में डेंगू फैल रहा है, फिलहाल सरकारी आंकड़ों के अनुसार यहां 17 केस डेंगू के एक्टिव बताए जा रहे हैं.

झांसी जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने इस मछली को आंतिया तालाब में छोड़ा है. ताकि डेंगू के लार्वा को खत्म किया जा सके. दरअसल ये एक ऐसी मछली है, जो डेंगू-मलेरिया फैलाने वाले जानलेवा मच्छरों के लार्वा को खाकर झांसी को मच्छरों के प्रकोप से बचा सकती है. मलेरिया और डेंगू के प्रकोप से निपटने के लिए गम्बूजिया मछली को हथियार बनाने की तैयारी शुरू हो गई है.

झांसी में तालाबों में छोड़ी जा रही गंबूजिया मछली

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UP: झांसी में जिला प्रशासन ने डेंगू से लड़ने के लिए गंबूजिया मछली तालाबों में छोड़नी शुरू की है. (File Photo)

आने वाले दिनों में डेंगू का लार्वा खाने वाली कंबूजिया मछली को बड़ी तादाद में जिले के सभी तालाबों में छोड़ा जाएगा. डेंगू के प्रकोप का फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है. जिले में डेंगू के एक्टिव मामलों की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 17 डेंगू के केस एक्टिव हैं, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है.

UP Elections: BJP का दावा- कांग्रेस 10 सीटें भी नहीं जीतेगी, AAP की 5 आ जाए तो बहुत

भाजपा सांसद रीता बहुगुणा ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बीजेपी के सत्ता में बने रहने का दावा किया.

BJP Claims : भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने झांसी में कहा कि प्रियंका गांधी अमेठी से पहले तो लड़ेंगी ही नहीं, क्योंकि ये लोग रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. यदि वह लड़ीं भी तो जीतेंगी नहीं, बल्कि हार जाएंगी.

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झांसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में जीत को लेकर यूपी की सत्तासीन पार्टी ने कड़ी कवायद शुरू कर दी है. यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत दिलाने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने ताकत झोंक दी है. इसी मिशन के तहत बुंदेलखंड दौरे पर झांसी पहुंचीं प्रदेश सरकार की पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने दावा किया कि यूपी में कांग्रेस की 10 सीटें भी नहीं आएंगी. भारतीय जनता पार्टी जीतेगी भी और सरकार भी बनाएगी. उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी अमेठी से पहले तो लड़ेंगी ही नहीं, क्योंकि ये लोग रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. यदि वह लड़ीं भी तो जीतेंगी नहीं, बल्कि हार जाएंगी.

यूपी में प्रियंका भी नहीं जीत पाएंगी चुनाव

पत्रकारों के प्रियंका गांधी को लेकर पूछे गए सवाल पर भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी की तो बात ही नहीं कीजिए. दो साल में 5 बार आई हैं उत्तर प्रदेश में. आप बात कीजिए मुख्यमंत्री की, जिनके पिता का देहांत हो गया. तब पहली लहर चल रही थी कोरोना की, वह दाह-संस्कार में नहीं गए. अभी कोरोना हुआ, 5-7 दिन वे एक-एक वॉर्ड में घूमें. जरा देखिए कि हमारी बहनजी किस-किस वॉर्ड में गईं. अपने परिवार का नाम लेकर या मोटरसाइकिल आगे-पीछे लगाकर पॉलिटिक्स करने का जमाना बीत गया. अब यह राजनीति नहीं चलेगी. रीता बहुगुणा के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस पार्टी इसलिए छोड़ी कि ये लोग जनता से दूरी रखते हैं. जो परिक्रमा करते हैं उन्हीं की बात सुनना इनकी आदत है, जननेताओं से मिलना नहीं.

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अमेठी में हारने के बाद दोबारा नहीं आए राहुल

चुनाव को लेकर मै कुछ कहना नहीं चाहती हूं. फिर भी मैं बताती हूं. भारतीय जनता पार्टी जीतेगी और कांग्रेस की 10 सीटें भी नहीं आएंगी, लिखकर रख लीजिए. अमेठी से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पहली बात तो वह लडे़गी नहीं, यह भी लिखकर रख लीजिए. ये लोग रिस्क लेते ही नही हैं. अब बताइए, राहुल को देखिए, जिस अमेठी ने उनके पिता से लेकर आज तक साथ दिया, जब से चुनाव हारे लौटकर नहीं आए. ये पॉलिटिक्स है क्या?

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आप विधानसभा चुनाव में साबित होगी सेफद हाथी

भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने आम आदमी पार्टी को लेकर कहा कि ये उत्तर प्रदेश है. यहां की जनता अच्छी तरह से जानती है कि यूपी में किस पार्टी को वोट करना है. आम आदमी पार्टी यूपी विधानसभा चुनाव में सफेद हाथी की तरह साबित होगी. चुनाव में आम आदमी पार्टी को 5 सीटें भी मिल जाए तो बहुत बड़ी बात होगी. उन्होंने कहा कि यूपी. दिल्ली है क्या? यदि यूपी के दो जनपदों को जोड़ लिया जाए तो दिल्ली बन जाएगी. यूपी 75 जिलों का जनपद है.

झांसीः जमीन विवाद सुलझाने गई पुलिस पर लड़कियों ने किया हमला, दारोगा-सिपाहियों को जमकर पीटा, हंगामा, 4 जख्मी

UP: झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में दो लड़कियों की दबंगई सामने आई है.

Jhansi News: झांसी में जमीनी विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस पर दो दबंग लड़कियों ने हमला बोल दिया. उन्होंने पुलिस की गाड़ी को कब्जे में ले लिया और दारोगा सहित पुलिसकर्मियों से जमकर मारपीट की.

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झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में शिकायत पर घटनास्थल पहुंची पुलिस पर लड़कियों ने हमला बोल दिया. जिसमें महिला और पुरुष दारोगा और दो सिपाही घायल हो गए हैं. पुलिस ने बाद में हमला करने वालों को गिरफ्तार कर लिया है. यही नहीं पता चला है कि हमले के दौरान दबंग लड़कियों ने पुलिस की गाड़ी पर ही कब्जा कर लिया.

दरअसल झांसी जिले के मऊरानीपुर थानान्तर्गत मोहल्ला परवारीपुरा निवासी मदन मोहन माली अपने मकान का निर्माण करा रहा था. तभी पड़ोस में रहने वाली कुछ लड़कियां अपने परिवार के साथ निर्माण कार्य रुकवाने वहां पहुंच गईं, जिसको लेकर विवाद हो गया. इसकी सूचना थाने की पुलिस को दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी इकट्ठी करनी शुरू कर दी.

पुलिस वालों से गाली-गलौच, वर्दी फाड़ी
आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद लड़कियां आक्रोशित हो गईं और पुलिस पर हमला करते हुए महिला व पुरुष दारोगा से गाली गलौज व मारपीट की. इतना ही नहीं वर्दी को फाड़ने की भी कोशिश की गई. उन्होंने पुलिस की जीप पर चढ़कर तोड़-फोड़ करने की कोशिश की, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

दारोगा, दो सिपाही मारपीट में हुए घायल
जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर कार्यवाही शुरू कर दी है. दोनों लड़कियों के साथ आई महिलाओं की पिटाई के चलते पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं. दरोगा, दोनों सिपाहियों ने बमुश्किल पुलिस की गाड़ी पर कब्जा कर हंगामा काट रही दोनों लड़कियों, महिलाओं से बचकर थाने आये. वहीं चोटिल पुलिस कर्मियों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है.

एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई के दिए आदेश
पुलिस की गाड़ी पर चढ़कर पुलिसकर्मियों से मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शिवहरि मीणा ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

ललितपुर में छात्रों का प्रदर्शन: SDM को बनाया बंधक, पुलिस ने भांजी लाठियां, कई छात्र हिरासत में

ललितपुर: प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई छात्र हिरासत में.

Lalitpur student protest: ललितपुर में बोर्ड परीक्षा की अंक सूची में नंबर दर्ज कराए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया. आंदोलनरत छात्रों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया. स्कूल के गेट में ताला लगाकर एसडीएम और प्रधानाचार्य को बंधक बना लिया. जिसके बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया.

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ललितपुर (Lalitpur) में बोर्ड परीक्षा (Board Exam) की अंक सूची में नंबर दर्ज कराए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने मोर्चा खोल दिया. आंदोलनरत छात्रों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया. स्कूल के गेट पर ताला लगाकर छात्रों ने एसडीएम और प्रधानाचार्य को बंधक बना लिया, जिसके बाद पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया. पुलिस की लाठीचार्ज में कई छात्रों को गहरी चोटें पहुंची हैं. इस हंगामे के बाद पुलिस ने दो दर्जन छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. छात्रों पर पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में राजनीति भी तेज हो गई है. सपा और कांग्रेस नेता खुलकर छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं.

गौरतलब है कि कोरोना के चलते हाईस्कूल और इंटर मीडिएट की परीक्षाएं सम्पन्न नहीं हो सकी हैं. छात्रों को प्री परीक्षा के आधार पर ही अगली कक्षा में प्रोन्नत किया गया है, लेकिन ललितपुर के राजकीय इंटर कालेज के बारहवीं कक्षा के 854 छात्रों के प्री परीक्षा के परिणाम समय से प्रयागराज बोर्ड नहीं भेजे गए. इस कारण छात्रों की अंक सूची में नंबर दर्ज नहीं हो पाए हैं. विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों की लापरवाही के चलते छात्रों का किसी भी महाविद्यालय में प्रवेश नहीं हो पा रहा है. पिछले एक माह से अंक सूची में सुधार के लिए छात्र अधिकारियों को ज्ञापन देने के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं.

छात्रों ने विद्यालय गेट पर ताला लगाकर बनाया बंधक

इसी मामले को लेकर विद्यालय में 13 सितंबर की शाम एक बैठक का आयोजन किया गया था, लेकिन अधिकारियों और छात्रों के बीच बात नहीं बन पाई. इसी बीच एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता भी पहुंच गए. इसके बाद छात्रों का मिजाज गर्मा गया. कुछ छात्रों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ कर अधिकारियों को बंधक बना लिया. मामला बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस फोर्स पहुंच गई. किसी प्रकार पुलिस ने ताला तोड़कर विद्यालय में बंद एसडीएम, प्रधानाचार्य और अन्य अधिकारियों को बाहर निकाला.

पुलिस ने भांजी लाठियां

इस दौरान पुलिस और छात्रों में जमकर झड़प हुई. पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया. छात्रों को जलती हुई लकड़ी से पीटा गया. कई छात्र चोटिल हुए हैं. पुलिस द्वारा दो दर्जन छात्रों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है. इस घटना के बाद रोष देखा जा रहा है. सदर कोतवाली छावनी के रूप में तब्दील हो गई है.

झांसी में साक्षी महाराज ने कहा - मंदिर न जाने वाले नेता भी अब तिलक लगाए घूम रहे

झांसी में जनसभा को संबोधित करते बीजेपी के सांसद साक्षी महाराज.

UP assembly elections : विपक्ष पर निशाना साधते हुए साक्षी महाराज ने कहा - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना बड़ा परिवर्तन कर दिया कि जो कभी मंदिर नहीं जाते थे, आज तिलक लगाकर मंदिरों में घूम रहे हैं.

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झांसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सत्ता दोबारा हासिल करने के लिए यूपी की मौजूदा सरकार ने कड़ी कवायद शुरू कर दी है. यूपी के सभी जिलों में लगातार यूपी और केंद्र सरकार के मंत्रियों, सासंदों और विधायकों का मैराथन जनसंपर्क अभियान देखने को मिल रहा है. सोमवार को भाजपा के फायर ब्रांड नेता साक्षी महाराज झांसी पहुंचे.

साक्षी महाराज ने विपक्षी दलों को घेरा

भाजपा के सांसद साक्षी महाराज ने झांसी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि न देने जाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर बरसे. वहीं, उन्होंने बसपा और कांग्रेस नेताओं के राममंदिर जाने पर टिप्पणी की. साक्षी महाराज के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना बड़ा परिवर्तन कर दिया कि जो कभी मंदिर नहीं जाते थे, आज तिलक लगाकर मंदिरों में घूम रहे हैं. साक्षी महाराज ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछड़ों की राजनीति करने वाले अखिलेश यादव हमारे बहुत प्रिय हैं. पहला चुनाव मैंने उनको लड़ाया. उनकी शादी में बहुत मेरी बड़ी सहभागिता रही. लेकिन दुर्भाग्य है कि अखिलेश यादव चूक गए. उनसे एतिहासिक भूल हो गई. उनके घर से कल्याण सिंह के घर की दूरी एक किलोमीटर थी. इसके बाद भी वे फूल नहीं चढ़ाने गए. क्या आपको एक जाति विशेष का वोट चाहिए. एक संप्रदाय विशेष का वोट चाहिए. आपको हिंदू का वोट नहीं चाहिए. आपको रामभक्त का वोट नहीं चाहिए. यह जबाब आपको 22 और 24 में देना होगा.

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2022 में सरकार बनाने का साक्षी महाराज ने किया दावा

झांसी के मुक्ताकाशी मंच पर संत स्वामी ब्राह्मानंद निर्वाण दिवस और पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह आयोजित हुआ. जिसमें शामिल होने भाजपा सांसद साक्षी महाराज पहुंचे. जहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि वे जातिवाद के बहकावे में न आएं. साक्षी महाराज ने दावा किया कि यूपी में 2022 में भाजपा की सरकार फिर बनेगी. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गुण गाए.

झांसी में तिलंगाना एक्सप्रेस में सीट के नीचे मिला हथियारों से भरा बैग, सामने आया कश्मीर कनेक्शन

झांसी में तिलंगाना एक्सप्रेस में सीट के नीचे मिला हथियारों से भरा बैग (फाइल फोटो)

Jhansi News: मामले में जीआरपी का कहना है कि बरामद एसबीबीएल गन और कारतूसों को लेकर जांच की जा रही है. ट्रेन में हथियार मिलने का मामला बेहद संगीन है. मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी.

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झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी रेलवे स्टेशन (Jhansi Railway Station) पर शुक्रवार देर शाम हथियारों (Weapons) से भरा बैग मिलने से हड़कंप मच गया. आरपीएफ (RPF) को सूचना मिली की ट्रेन में दो लावारिस बैग रखे है. आरपीएफ ने जब तेलंगाना एक्सप्रेस (02732) के यात्री कोच में जाकर लावारिस बैग को खोला तो उसमें रखी बंदूकें और कारतूस देखकर सनसनी फैल गई. दोनों बैग की तलाशी के दौरान 5 बंदूकें, 23 कारतूस और मोबाइल, आई कार्ड और अन्य पेपर मोहम्मद रफीक और मस्जिद जम्मू कश्मीर के नाम लिखे बरामद किए हैं. रेलवे पुलिस ने दो नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीं, एसपी रेलवे मोहम्मद इमरान का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए हैदराबाद और जम्मू कश्मीर की राजौरी पुलिस से संपर्क स्थापित किया जा रहा है. इस मामले में जांच की जा रहा है.

बता दें कि हैदराबाद से चलकर हजरतनिजामुद्दीन की ओर जा रही तिलंगाना एक्सप्रेस के जनरल कोच में दो लावारिस बैग मिले हैं. बैग को खोला गया तो उसके अंदर बंदूक व कारतूस दिखाई दिए. यह दृश्य देख रेलवे पुलिस और रेल सुरक्षा बल की टीम के सदस्यों में हड़कंप मच गया. इसकी जानकारी दोनों फोर्स के स्टॉफ ने अफसरों को दी. एक बैग में तीन स्माल बट सिंगल बैरल तथा दो बड़े सिंगल बैरल गन मिली. साथ में 12 बोर के 23 कारतूस जिसमें 22 कारतूस जिंदा व एक कारतूस खोखा है. सभी असलहा नंबरी हैं.

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बैग में सिक्योरिटी कंपनी के दो कार्ड मिले. कार्डों की जांच की गई. पता चला कि यह कार्ड हैदराबाद में खुली यूनिवर्सल सिक्योरिटी सर्विस के हैं. रेलवे पुलिस के मुताबिक, एक कार्ड पर मोहम्मद रफीक पुत्र मुस्ताक खान निवासी बारोवी पुलिस स्टेशन धर्मशाला जिला राजौरी जम्मू एंड कश्मीर व दूसरे कार्ड पर माजिद पुत्र सैय्यद बिन मोहम्मद निवासी जमाला पोस्ट जमाला जिला राजोरी जम्मू एंड कश्मीर लिखा हुआ था. इस मामले में जीआरपी पुलिस ने नामजद अभियुक्तों के खिलाफ दफा 30 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. मामले में जीआरपी का कहना है कि बरामद एसबीबीएल गन और कारतूसों को लेकर जांच की जा रही है. ट्रेन में हथियार मिलने का मामला बेहद संगीन है. मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी.

Crime in UP : झांसी में युवक को हैंडपंप से बांधकर पीटा, तीनों आरोपी गिरफ्तार

युवक को बांधकर पीटने के तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

Crime in UP : पुलिस ने बताया कि सुनील जब अपने पड़ोसियों के घर के सामने से गुजर रहा था, तभी उन्होंने सुनील को पकड़ लिया और घर में लगे हैंडपंप से उसके हाथ-पैर बांध दिए और पीटा.

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झांसी. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में तीन लोगों ने एक युवक को अपने घर में लगे हैंडपंप से बांध कर खूब पीटा. इस पिटाई के दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. इस बीच इस मामले की जानकारी पुलिस को मिली तो उसने युवक को मुक्त कराते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

यह मामला झांसी जिले के बबीना थानान्तर्गत पृथ्वीपुर नया खेड़ागांव का बताया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपियों ने एक युवक के हाथ-पांव घर में लगे हैंडपंप से बांध दिए हैं. आरोप है कि उसके साथ मारपीट भी गई. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने युवक को मुक्त कराया. वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

कुछ दिन पहले हुए विवाद पर पंचायत भी हुई थी

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बारे में थाने की पुलिस ने बताया गांव में सुनील नाम का युवक रहता है. सुनील का पिछले दिनों पड़ोस में रहने वाले लोगों से विवाद हो गया था. इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत भी हुई थी. ताजा मामले में पुलिस ने बताया कि सुनील जब अपने पड़ोसियों के घर के सामने से गुजर रहा था, तभी उन्होंने सुनील को पकड़ लिया और घर में लगे हैंडपंप से उसके हाथ-पैर बांध दिए और पीटा. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

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तीनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी

घर में हैंडपंप से युवक को बांधकर तालिबानी हरकत करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में एसएसपी शिव हरी मीणा का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली गई है. सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है.

UP: शादीशुदा प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा प्रेमी, पति ने चप्पलों से पीटा; फिर..

ललितपुर में महिला से घर पर मिलने पहुंचे युवक की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है.

Lalitpur news : ललितपुर में प्रेमिका से उसके घर अकेले में मिलने आए युवक की जान आफत में पड़ गई. किसी ने महिला के पति को इसकी सूचना दे दी. फिर पति और उसके दोस्तों ने चप्पलों से उसकी जमकर पिटाई की.

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) के ललितपुर (lalitpur) में प्रेमिका से उसके घर अकेले में मिलने आए युवक की जान आफत में पड़ गई. किसी ने महिला के पति को इसकी सूचना दे दी और फिर पति और उसके दोस्तों ने घर में उसे पकड़कर चप्पलों से उसकी जमकर पिटाई की. यही नहीं दोस्तों ने पिटाई का पूरा वीडियो भी बनाया और उसे वायरल कर दिया. पिटाई करने के बाद आरोपी युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया.

बताया गया है कि सदर कोतवाली अंतर्गत वर्णी जैन इंटर कालेज के पीछे रहने वाली एक शादीशुदा महिला से उसका प्रेमी अकेले में घर पर मिलने आया हुआ था. इसी बीच किसी ने पति को फोन पर सूचना दे दी. पति भी अपने दोस्तों के साथ घर पहुंच गया. पत्नी को दूसरे व्यक्ति के साथ अकेला मौजूद देखकर पति और उसके दोस्तों ने उसकी जमकर चप्पलों से पिटाई की.

प्रेमी को बचाती नजर आई महिला

इस दौरान महिला प्रेमी को बचाती भी नजर आई. उसने यह भी कहा कि सुबह पति और उस युवक ने एक साथ घर में बैठकर चाय पी थी. रात्रि में दोनों ने एक साथ घर में ही शराब भी पी, लेकिन पति इस बात को लेकर नाराज था कि अब दोपहर में युवक अकेला उसके घर में क्या कर रहा था ? पति और उसके दोस्तों ने न केवल युवक की चप्पलों से जमकर पिटाई की, बल्कि पिटाई का वीडियो भी बना लिया.

जिस युवक को पकड़ा गया वह चुप-चाप मार खाता रहा, उसने बिल्कुल भी विरोध नहीं किया. पिटाई करने के बाद प्रेमी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है. वहीं अब सोशल मीडिया में पिटाई का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

CM योगी के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने किया दावा, 'यूपी में बिल्कुल नहीं है महंगाई'

यूपी के पंचायत राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी.

दो दिन के दौरे पर झांसी पहुंचे प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने महंगाई को लेकर अजीबो गरीब बयान देने के साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा की आंतरिक कलह, विकास की रफ्तार और किसान आंदोलन के मुद्दों पर भी बात की.

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झांसी. बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष 2022 के चुनाव में भाजपा सरकार को घेरना चाहता है. लेकिन उसी मुद्दे को भाजपा के पंचायती राज विभाग के मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने खारिज करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में कहीं महंगाई नज़र नहीं आ रही है. हालांकि भूपेंद्र चौधरी ने दबी ज़ुबान में महंगाई को थोड़ा स्वीकार भी किया. उन्होंने कहा कि सभी भाजपा सरकार से खुश हैं और 2022 में भाजपा फिर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी. झांसी पहुंचे भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने पत्रकारों से मुलाकात के दौरान ये बातें कहीं.

महंगाई पर चौधरी ने कहा कि कोरोना को लेकर जिस प्रकार की परिस्थितियां बनीं, उनके हिसाब से ‘प्रधानमंत्री व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बड़ा काम किया. वैक्सीन फ्री में दी जा रही है, फ्री अनाज दिया जा रहा है. कोई मंहगाई नहीं है, हम लोग जिन हालात में हैं, उसके हिसाब से आगे बढ़ रहे हैं. कुछ भी महंगा नहीं है.’

‘मानकों के तहत हो रहे विकास कार्य’
अनाज के लिए लंबी लाइन में खड़े लोगों के सवाल पर जबाब देते हुए चौधरी ने कहा कि सरकार के विकास के जो मापदंड है, ‘उसके हिसाब से फ्लाई ओवर देखो, रोड देखो, निवेश देखो.. या बिजनिस करने के लिए जो अच्छा माहौल पूरे प्रदेश में बना है, फिर चाहे गन्ना क्षेत्र में हो या फिर धान और गेहूं की खरीद. जो भी विकास के पैरामीटर हैं, उन पर सरकार ने काम किया है. कोरोना और लॉकडाउन में प्रभावित लोगों को सरकार राशन भी उपलब्ध करवा रही है.’

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विपक्ष पर हमला
किसान आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि किसान हमेशा देशभक्त रहा है, किसान समुदाय ने देश के लिए बड़ी कुर्बानी दी है लेकिन कुछ लोगों के एजेंडे और राजनीतिक कारणों से आंदोलन किया जा रहा है. ‘किसान संगठन कहते हैं कि राजनीति से उनका कोई मतलब नहीं है, तो भाजपा को लेकर बयानबाजी क्यों हो रही है? कुछ लोग किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अपना उल्लू सीधा कर रहे हैं. विपक्ष मुद्दों के अभाव में किसानों को गुमराह कर रहा है.

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पंचायत मंत्री ने उत्तर प्रदेश भाजपा में कोई मतभेद न होने का दावा किया.

‘पार्टी में कोई नाराज़ नहीं’
‘भाजपा के सभी कार्यकर्ता पार्टी और योगी शासन से खुश हैं. कोई धरने पर नहीं बैठा है, हालांकि विधानसभा में इस प्रकार की छोटी सी घटना हुई थी, जो सभी के संज्ञान में है लेकिन पूरी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता अपने नेतृत्व के साथ है.’ यह दावा करते हुए चौधरी ने विधानसभा चुनाव 2022 में फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का विश्वास जताया.

UP News : बांध के पानी से बेतवा में अचानक बढ़ा जलस्तर, 3 महिलाएं बीच नदी में फंसीं...

राजघाट डैम से छोड़े गए पानी से अचानक बढ़ा बेतवा का जलस्तर.

rescue operation : बरदौन की रहनेवाली रामसखी, सुखबती और ललिता देवी जंगल में लकड़ियां काटने के लिए गई हुई थीं. तीनों महिलाएं जब बेतवा नदी के रास्ते गांव वापस आ रही थीं, तभी बांध के गेट खोल दिए गए और अचानक नदी में जलस्तर बढ़ गया. ये तीनों महिलाएं बीच नदी में फंस गईं.

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश के ललितपुर में जंगल में गईं तीन महिलाएं अचानक राजघाट बांध के गेट खुलने की वजह से बेतवा नदी के बीच पानी में फंस गईं. मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बांध के गेट बंद करवा कर महिलाओं का रेस्क्यू कर उन्हें सही-सलामत बाहर निकाला.

दरअसल, थाना जखौरा के गांव बरदौन की रहनेवाली रामसखी, सुखबती और ललिता देवी जंगल में लकड़ियां काटने के लिए गई हुई थीं. तीनों महिलाएं जब बेतवा नदी के रास्ते गांव वापस आ रही थीं, तभी बांध के गेट खोल दिए गए और अचानक नदी में जलस्तर बढ़ गया. ये तीनों महिलाएं बीच नदी में फंस गईं. शुक्र यह रहा कि तीनों महिलाएं नदी के बीच में पहाड़नुमा उठी जगह पर आकर खड़ी हो गईं. वे चारों तरफ से पानी से घिरी हुई थीं. नदी के पानी की तेज धार की वजह से वे उसे पार करने का जोखिम नहीं ले रही थीं.

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इसी बीच कुछ ग्रामीणों की नजर उन महिलाओं पर पड़ी. तब उन्होंने नदी के बीच फंसी महिलाओं के बारे में पुलिस को तत्काल सूचना दी. समय गवांए बगैर पुलिस मौके पर पहुंची. उसने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फोन कर बांध के गेट बंद करवाए और इसके बाद रेस्क्यू कर महिलाओं को बाहर निकाला.

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गौरतलब है कि बुंदेलखण्ड के ललितपुर में भले ही बारिश कम हो रही हो, लेकिन यहां के सीमावर्ती मध्य प्रदेश के जिलों में हो रही बारिश के चलते बांधों और नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है. ऐसे में आए दिन बांधों के गेट खोल दिए जाते हैं. खासकर नदी, नालों के इर्द-गिर्द बसे लोगों को अभी भी सतर्कता बरतने की जरूरत है. फिलहाल नदी में फंसी महिलाएं सकुशल अपने घर पहुंच गई हैं. महिलाओं के घर जाते ही पुलिस व प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है.

Lalitpur: किसानों को फसल बीमा क्लेम दिलाने प्रशासन सख्त, 16 बैंकों के खिलाफ 24 करोड़ की RC जारी करने के निर्देश

ललितपुर जिले के 16 बैंकों के खिलाफ 24 करोड़ की आरसी काटने के निर्देश

Lalitpur News: 2019 में अतिवर्षा के चलते फसल नुकसानी की मार झेलने वाले हजारों किसान दो साल बाद भी मुआवजे से वंंचित हैं. इन वंचित किसानों के 7968 आवेदनों पर बीमा दिलाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है.

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ललितपुर. यूपी के ललितपुर (Lalitpur) जिले में मंडलायुक्त झांसी (Jhansi Commissioner) अजय शंकर पांडेय के एक आदेश से जनपद के बैंकों में हड़कंप मचा हुआ है. मंडलायुक्त मंडलायुक्त ने किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए 16 बैंकों के खिलाफ 24 करोड़ 06 लाख की आरसी जारी करने के निर्देश दिए हैं. कृषि विभाग ने भी निर्देश के अनुपालन की तैयारी शुरू कर दी है.

दरअसल, वर्ष 2019 में अति जलवर्षा से खरीफ की फसल नष्ट हो गई थी. उस समय 1,51547 किसानों ने फसल का बीमा कराया था. इसमें 1, 726 किसानों ने स्वयं खरीफ की फसल का बीमा कम्पनी से कराया था और जिले की विभिन्न बैंकों ने 1, 49, 821 किसानों के खाते से प्रीमियम राशि तो काट ली पर किसानों का डाटा बीमा कम्पनी के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया था. इससे 7551 किसानों के 7968 आवेदनों पर नष्ट हुई फसल का बीमा क्लेम नहीं मिल सका.

अब सख्त हुआ प्रशासन
इसी के तहत अब क्लेम से वंचित किसानों के 7968 आवेदनों पर बीमा दिलाने के लिए बैंकों पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया है. प्रशासन ने क्लेम से वंचित किसानों को क्लेम दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है. इसी को लेकर मंडलायुक्त झांसी अजय शंकर पांडेय ने जनपद के दौरे के दौरान जिले के 16 बैंकों पर 240622158 राशि की आरसी काटने के निर्देश दिए हैं. जिसके बाद बैंकों में हड़कम्प मच गया है. अब तक बकाया जमा न करने पर बैंक आरसी जारी किया करते थे, लेकिन पहली बार बैंकों के खिलाफ आरसी जारी करने के निर्देश दिए गए है.

लीड बैंक प्रबंधन ने बैंकों से ब्योरा मांगा है
फिलहाल मामले को लेकर लीड बैंक प्रबंधक ने बैंकों से ब्यौरा मांगा है. वही कृषि विभाग ने मंडलायुक्त के निर्देश के अनुपालन में तैयारी शुरू कर दी है. जिलाधिकारी अन्नवि दिनेश कुमार ने कहा कि 2019 में फसल बीमा का प्रीमियम किसानों के खाते से कटा था. लेकिन फसल बर्बाद होने के बाद उन्हें क्लेम देने में बैंकों ने काफी विलम्ब किया. जिसके बाद मंडलायुक्त ने आरसी जारी करने को कहा है. उन्होंने बताया कि करीब 16 बैंकों से 24 करोड़ की वसूली कर किसानों को दी जाएगी.

RRC NCR Recruitment 2021: 8वीं, 10वीं व 12वीं पास के लिए रेलवे में बंपर नौकरियां, 1 सितंबर तक है आवेदन का मौक 

RRC NCR Recruitment 2021: अभ्यर्थी अधिक शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी के लिए जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन को देख सकते हैं.

RRC NCR Recruitment 2021: आरआरसी एनसीआर प्रयागराज ने विभिन्न पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए 1 सितंबर 2021 तकत आवेदन कर सकते हैं.

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नई दिल्ली. RRC NCR Recruitment 2021: रेलवे रिक्रूटमेंट सेल, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज ने 1164 पदों पर भर्तियां निकाली हैं. इन पदों के लिए 2 अगस्त 2021 से आवेदन की प्रक्रिया जारी है. आवेदन की अंतिम तिथि कल है. ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है. वह आधिकारिक वेबसाइट www.rrcpryj.org के जरिए 1 सितंबर 2021 तक आवेदन कर सकते हैं.

जारी अधिसूचना के अनुसार यह भर्तियां प्रयागराज डिवीजन, झांसी डिवीजन, आगरा डिवीजन और झांसी वर्कशाप के लिए निकाली गई हैं. अभ्यर्थी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ने के बाद ही इन पदों के लिए आवेदन करें. नियमानुसार किया गया आवेदन की मान्य होगा. अन्यथा रद्द भी किया जा सकता है.

RRC NCR Recruitment 2021: किस डिवीजन में कितने रिक्त पद
प्रयागराज डिवीजन – 703
झांसी डिवीजन – 480
वर्कशॉप झांसी – 185
आगरा (एजीसी) डिवीजन – 296

RRC NCR Recruitment 2021: शैक्षणिक योग्यता
ट्रेड वेल्डर, कारपेंटर और वायरमैन पद के लिए अभ्यर्थी का 8वीं पास होना अनिवार्य है. साथ ही अभ्यर्थी के पास नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट भी होना चाहिए. अन्य पदों के लिए अभ्यर्थी का 10वीं और 12वीं पास होना अनिवार्य हैं. अभ्यर्थी अधिक शैक्षणिक योग्यता संबंधी जानकारी के लिए जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन को देख सकते हैं.

RRC NCR Recruitment 2021: आयु सीमा
इन विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की उम्र 15 वर्ष से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए. वहीं अधिकतम उम्र की सीमा में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को तीन वर्ष और एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की छूट दी गई है.

RRC NCR Recruitment 2021: चयन प्रक्रिया
इन पदों पर अभ्यर्थियों का चयन शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार किया जाएगा. अभ्यर्थियों के चयन के लिए लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं होगा.

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RRC NCR Recruitment 2021: महत्वपूर्ण तिथियां
आवेदन शुरू होने की तिथि- 2 अगस्त 2021
आवेदन की अंतिम तिथि – 1 सितंबर 2021
आधिकारिक वेबसाइट- www.rrcpryj.org

प्रेमी संग भागने को युवती ने रची अपने ही अपहरण की साजिश, मांगी 20 लाख की फिरौती

लड़की ने खुद की किडनैपिंग की साजिश रची.

UP Crime News: झांसी पुलिस (Jhansi Police) ने एक ऐसे तथाकथित अपहरण कांड का खुलासा किया, जिसमें किडनैप होने वाली युवती ने खुद की किडनैपर बनकर मांगी बीस लाख रुपयों की फिरौती.

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झांसी. आपने अक्सर किडनैपिंग के मामले में अपहरणकर्ताओं द्वारा व्यक्ति के परिजनों से फिरौती की रकम के मांगने के बारे में सुना होगा. फिरौती की रकम देने से पहले व्यक्ति के परिजनों ने यदि पुलिस से मदद ली और इसकी भनक अपहरणकर्ताओं को लगी, इसके बाद अप्रहत व्यक्ति के परिजनों को किडनैपरों के ये कहते हुए सूने होंगे कि तुमने पुलिस को बताकर अच्छा नहीं किया. अब तुम्हारे व्यक्ति की तुमको लाश मिलेगी, लेकिन यही सब वो करे, जिसका अपहरण हुआ हो. खुद के अपहरण होने को फोटो सेल्फी मोड पर बनाए, सोशल मीडिया में फोटो को वायरल करे और लिखे कि बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया है. फिरौती के 20 लाख भेजो और अपनी बहन को सही सलामत ले जाओ, तो इसे आप क्या कहेंगे?

नवाबाद थाना क्षेत्र के पिछोर के रहने वाले आकाश ( काल्पनिक नाम ) ने पुलिस को चचेरी बहन के मोबाइल नम्बर से भेजी गई फोटो दी, जिसमें उसकी बहन का मुंह कपड़े से बंधा हुआ था और बीस लाख की फिरौती मांगे जाने का व्हाट्सएप नम्बर पर एक मैसेज पुलिस को दिखाया. 12 घन्टे के अंदर फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया. पहले अपहरण और फिर बीस लाख की फिरौती मांगे जाने के सनसनीखेज मामले का खुलासा पुलिस ने किया.

इस तरह की गई तलाश
झांसी एसएसपी शिवहरी मीणा ने बताया कि पुलिस की दस टीमों को बनाकर अपह्त युवती की तलाश में अलग-अलग कामों में लगाया गया. शहर कोतवाली के मानिक चौक की भीड़ भाड़ वाली बाजार से अपहरण की गई युवती जिस जगह से किडनैप की गई थी, उस जगह से लेकर सभी संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज देखे गए. पुलिस को युवती के तीन सीसीटीवी फुटेज मिले. पुलिस ने दो ऑटो को भी ट्रैक किया, जिसमें युवती बैठी थी. तकरीबन 12 घंटे की कड़ी कवायद के बाद युवती की लोकेशन इलाइट चौराहे के पास सुखसागर नाम के एक होटल के आसपास मिली.

युवती ने लगाई छलांग, प्रेमी छोड़कर भााग निकला
होटल सुखसागर के एक कमरे को पुलिस ने खुलवाने की जैसे ही कोशिश की. पुलिस से बचने के लिए कमरे में अपने प्रेमी के साथ छिपी युवती कमरे का शीशा तोड़कर होटल की दूसरी मंजिल से नीचे कूद गई. पुलिस ने युवती की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया. होटल के पास झाड़ी में छिपी युवती को पुलिस ने बरामद कर लिया. इस दौरान युवती का प्रेमी उसे छोड़कर भाग निकला.

प्रेमी के साथ जाने के लिये खुद की किडनैपर बनी युवती
पुलिसिया पूंछतांछ में युवती ने बताया कि वो अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी. इसीलिये उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर खुद अपने मोबाइल से अपहरण होने की फाेटो लेकर अपने चचेरे भाई को भेजकर 20 लाख की फिरौती मांगी. चचेरे भाई के पुलिस में जाने पर चचेरे भाई को धमकी भरा व्हाट्स नम्बर पर संदेश भेजते हुए लिखा कि तुमने पुलिस की मदद ली,अब तुम्हारी बहन जिंदा नही बचेगी, लेकिन खुद के अपहरण कांड को युवती अंजाम तक पहुंचा पाती, इससे पहले ही पुलिस ने युवती को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.

VIDEO: शख्स की SP से गुहार- मुझे मेरी पत्नी से बचाइए, खाना भी नहीं देती और पटक-पटक कर मारती है

पत्नी से परेशान ललितपुर के बृजेश ने एसपी से लगई न्याय की गुहार

Lalitpur Viral Video: शख्स का आरोप है कि उसकी पत्नी उसे खाना नहीं देती. आए दिन झगड़ा करती है और पटक-पटक कर मारती है. पुलिस से झूठी शिकायत कर पिटाई भी करवाती है.

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ललितपुर (Lalitpur) जनपद में इन दिनों पत्नी से परेशान एक पति का वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में शख्स एसपी ललितपुर से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगा रहा है. शख्स का आरोप है कि उसकी पत्नी उसे खाना नहीं देती है. आए दिन झगड़ा करती है और पटक-पटक कर मारती है. इतना ही वह पुलिस से उसकी झूठी शिकायत कर पिटाई भी करवाती है. अपनी पत्नी परेशान यह शख्स न्याय न मिलने पर जान देने की धमकी भी दे रहा है.

जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली अंतर्गत भदैयापुरा निवासी एक युवक पत्नी की पिटाई से परेशान होकर मदद की आस में एसपी के दरबार पहुंचा. उसने पत्नी के जुल्मों की पीड़ा सुनाई और सुरक्षा की मांग की. उसका कहना है कि उसकी पत्नी दिन भर उसे भूखा रखती है. कुछ कहने पर बहुत मारती है. कमाई के सारे पैसे छीन लेती है. पीड़ित एक वायरल वीडियो में रो रोकर अपनी पीड़ा सुना रहा है.

शख्स अपना नाम बृजेश बता रहा है और कोतवाली थाना क्षेत्र के भदैयापुर का रहने वाला है. इस शख्स के रो-रोकर अपनी पीड़ा जाहिर करने का वीडियो अब इलाके में तेजी से वायरल हो रहा है. बृजेश का कहना है कि वह थक हारकर एसपी साहब के पास न्याय की गुहार लगाने आया है. उसके पास इतने भी पैसे कि वह लिखित शिकायत भी दे सके. उसका कहना है कि अगर उसे न्याय नहीं मिला तो वह एसपी ऑफिस के पास ही जान दे देगा.

Jhansi: दूसरी पत्नी की खुशी के लिए पति ने पहली पत्नी से हुई बेटी की कर दी बेरहमी से हत्या

झांसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक ने दूसरी पत्नी की खुशी के लिए अपनी सगी बेटी की पहले हत्या कर दी.

Jhansi Crime News: झांसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक ने दूसरी पत्नी की खुशी के लिए अपनी सगी बेटी की पहले हत्या कर दी. इसके बाद फिल्मी स्टाइल में सबूत मिटाने का प्रयास किया. लेकिन पुलिस ने खुलासा करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.

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झांसी. बेटी के मन में कभी ख्याल भी नहीं आया होगा कि जिस पिता की उंगली पकड़कर उसने चलना सीखा. वह उसकी हत्या कर देगा. मामला झांसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र का है, जहां एक युवक ने दूसरी पत्नी की खुशी के लिए अपनी सगी बेटी की पहले हत्या कर दी. इसके बाद फिल्मी स्टाइल में सबूत मिटाने का प्रयास किया. लेकिन पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए हत्यारे पिता को गिरफ्तार कर लिया. झांसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा में अमित कुमार शुक्ला अपनी 12 वर्षीय बेटी खुशी और पत्नी के साथ किराए से रहता था. 25 अगस्त को बेटी खुशी का शव घर के अंदर मिला था.

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मौत का कारण संदिग्ध मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन शुरु कर दी. छानबीन और पूछताछ में पुलिस को जो पता चला कि वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था. घटना का खुलासा करने के लिए जब पुलिस छानबीन और पूछताछ कर रही थी. तभी उसे मृतका खुशी के पिता पर शक हुआ. शक होने पर जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसका पिता ही खुशी का कातिल निकला. पुलिस ने खुशी के कत्ल के आरोप में उसे पिता अमित शुक्ला निवासी अरियाई कस्बा थाना मऊरानीपुर को गिरफ्तार कर लिया.

दूसरी पत्नी के चाहत में कर दिया कत्ल

खुलासा करते हुए एससपी शिवहरि मीना ने जानकारी दी कि अमित शुक्ला की पहली पत्नी की वर्ष 2012 में बीमारी के कारण निधन हो गया था. अमित की पहली पत्नी से खुशी नाम की बेटी थी. जिसकी उम्र लगभग 12 वर्ष थी. आरोपी अमित ने बताया कि पहली पत्नी की मौत के बाद उसकी बेटी अपने मामा के यहां रहने ली. इधर, 2018 में उसने दूसरी शादी विधवा महिला आकांक्षा शुक्ला निवासी कालपी जिला जालौन से कर दी. दूसरी शादी करने के बाद अमित अपनी बेटी खुशी को उसके मामा के घर से अपने साथ ले आया. इसके बाद अपनी बेटी और दूसरी पत्नी के साथ गुरसरांय में किराए से रहने लगा. उसकी बेटी खुशी को लेकर उसका अपनी दूसरी पत्नी से अक्सर झगड़ा होता था. नौबत यहां तक आ गई कि उसे बेटी और पत्नी में से एक को चुनना था. उसने पत्नी को चुना और 25 अगस्त को योजना बनाकर अपनी बेटी को निर्दयी तरीके से मार डाला.

बेटी की हत्या करने के बाद मिटाए सबूत 

हत्या का आरोपी पर किसी का शक न हो इसके लिए वह मऊरानीपुर गया. मऊरानीपुर से वापस आकर उसने स्वयं को इस प्रकार दर्शाया कि उसे कुछ पता नहीं. उसने इसकी सूचना पुलिस को दी. घटना से अंजान बनने का नाटक किया. लेकिन पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए उसे पकड़ लिया. आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की.

BSP Prabuddha Sammelan: झांसी में नहीं आए ब्राह्मण, समधन ने भी बनाई सम्‍मेलन से दूरी, पत्रकारों के सवाल पर भड़के सतीश मिश्रा

ब्राह्मणों के प्रबुद्ध सम्मेलन से दूरी बनाने से बसपा की टेंशन बढ़ा दी है.

BSP Prabuddha Sammelan: यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा इन दिनों ब्राह्मण वोटों (Brahmin Votes) को अपने पाले में लाने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन कर रही है. इस दौरान शनिवार को यूपी के झांसी में आयोजित सम्‍मेलन में ब्राह्मण बेहद कम संख्‍या में पहुंचे तो बसपा के राष्‍ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) की समधन अनुराधा शर्मा (Anuradha Sharma) की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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झांसी. उत्‍तर प्रदेश के झांसी में ब्राह्मण वोटों (Brahmin Votes) को अपने पाले में लाने के लिए आयोजित बसपा का प्रबुद्ध सम्मेलन (Prabuddha Sammelan) फ्लॉप शो साबित हुआ. इस सम्मेलन में ब्राह्मणों की तादाद उंगलियों पर गिनने लायक रही. जबकि बसपा के राष्‍ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा (Satish Chandra Mishra) की समधन अनुराधा शर्मा (Anuradha Sharma) की गैरमौजूदगी भी कई सवाल खड़े कर गई है. जब इस बारे में बसपा के दिग्‍गज नेता से सवाल किया गया तो वह तिलमिला गए.

दरअसल, झांसी में बस स्टैंड के पास स्थित एक विवाह घर में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के लिए मंच और पंडाल तो अच्छा लगाया गया था, लेकिन पंडाल में उस वर्ग के चंद लोग ही थे, जिनके लिए यह आयोजन हुआ था. बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा और पूर्व कैबिनेट मंत्री नकुल दुबे को सामने लाकर बसपा ने कोशिश तो की, लेकिन ब्राह्मण समाज ने सम्मेलन को भाव नहीं दिया. हालांकि कुछ ब्राह्मण दिखे भी तो वह कार्यक्रम शुरू होते ही निकल गए.

समधन नहीं आई पूछा, तो तिलमिला गए नेताजी
वहीं, भाषण के बाद प्रेस से वार्ता कर रहे बसपा के राष्‍ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा से जब अनुराधा शर्मा की सम्मेलन से दूरी का सवाल पूछा गया तो वह तिलमिला गए. उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बारे में पूछिए,लेकिन जब दोबारा यही सवाल हुआ तो वह उठ खड़े हुए.

गौरतलब है कि अनुराधा शर्मा उनकी (सतीश मिश्रा) की समधन भी हैं. जबकि बीएसपी में रहीं समधन अनुराधा शर्मा के सतीश चंद्र मिश्रा के कार्यक्रम से दूरी को लेकर बुन्देलखंड में पार्टी की बेचैनी को बढ़ाने का काम कर गई.

पूर्व विधायक भी मंच से रहे दूर
यही नहीं, इस कार्यक्रम में मौजूद बबीना के पूर्व विधायक कृष्णपाल राजपूत को मंच पर जगह नहीं मिली. वह पंडाल में अलग बैठे रहे. पूर्व बसपा विधायक को किसी भी नेता ने मंच पर आने तक के लिए नहीं बोला. इसी वजह से पूर्व विधायक का अलग बैठना चर्चाओं में रहा. प्रबुद्धजनों के सम्मेलन में ब्राह्मणों के पूरी तरह से दूरी बना लिए जाने के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे है कि बुन्देलखंड में बीएसपी का वजूद भी खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है.

UP: थाने के अंदर युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिजन बोले- पुलिसकर्मियों ने किया टॉर्चर

UP: थाने के अंदर युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या (File photo)

Lalitpur News: घटना के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल पाठक ने कहा कि जांच की जा रही है. दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी.

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ललितपुर. उत्तर प्रदेश के ललितपुर (Lalitpur) में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जानकारी मिली है कि युवक ने थाने में ही फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. भारी पुलिस फोर्स थाने के बाहर तैनात किया गया है. सूचना मिलने पर डीएम, एसपी भी घटनास्थल पर पहुंच गए है. बताया गया है कि थाना पाली अंतर्गत ग्राम पटऊआ निवासी (36) वर्षीय तेजराम पुत्र फूल सिंह शराब पीकर गांव में हंगामा कर रहा था. उसे शनिवार शाम 100 नंबर पुलिस पकड़ कर थाने लाई थी.

सूत्र बताते है कि आज युवक ने थाने के अंदर ही फांसी लगाकर जान दे दी. बड़ी बात तो यह है कि थाना दिवस दौरान ही युवक ने खुदकुशी की है. कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस उत्पीड़न के चलते युवक ने फांसी लगाई. इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है. वही मृतक के परिजनों को घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसकी पत्नी को केवल इतना पता है कि उसका पति पुलिस थाने में बंद है.

…जब अखिलेश यादव के सामने फफक कर रो पड़े पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी, बोले- मेरा हुआ पुनर्जन्म

घटना के बाद पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने कहा कि जांच की जा रही है. दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. थाने में सुसाइड के चलते पुलिस महकमे में चर्चा बनी हुई है. सुरक्षा की दृष्टी से थाने की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. उधर, मृतक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल बना हुआ है. मृतक युवक के भाई का कहना है कि पुलिसकर्मी युवक को छोड़ने के एवज में पैसों की मांग कर रहे थे. उसे थाने के अंदर टॉर्चर भी किया गया था.

UP Assembly Election: झांसी महासम्मेलन में बोले सतीश मिश्रा- ब्राह्मणों ने ठाना, मायावती को है मुख्यमंत्री बनाना

बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने झांसी में कहा कि वो ब्राह्मण समाज की हालत देखकर काफी दुखी हैं

Uttar Pradesh News: महासम्मेलन में शामिल होने के लिए झांसी पहुंचे सतीश मिश्रा ने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रबुद्ध सम्मेलन चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो हालात हैं, वो काफी बुरे हैं. दलित और बाह्मण समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है. खास कर ब्राह्मण समाज की स्थिति देखकर वो काफी दुःखी हैं

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झांसी. आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) को देखते हुए तमाम राजनीतिक पार्टियां चुनावी मोड में आ गई हैं. सियासी दल और उनके नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में जुट गए हैं. रविवार को झांसी (Jhansi) दौरे पर आए बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा (Satish Mishra) ने कहा कि दलित और बाह्मण समाज (Brahmin Community) का उत्पीड़न हो रहा है जिससे वो बहुत दुःखी हैं, खासकर ब्राह्मण समाज. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन के माध्यम से वो सर्वसमाज के लोगों को बीजेपी का असली चेहरा दिखाने का काम कर रहे हैं. 2022 विधानसभा चुनाव में प्रदेश में बहन जी की सरकार बनेगी क्योंकि उनके शासनकाल में कानून व्यवस्था बेहतर होती है और सर्वसमाज के लोगों का विकास.

बता दें कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण और सर्वसमाज को साधने के लिए बीएसपी उत्तर प्रदेश में प्रबुद्ध वर्ग महासम्मेलन कर रही है. इसकी जिम्मेदारी पार्टी सुप्रीमो मायावती ने राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा को सौंप रखी है. रविवार को झांसी और ललितपुर जिले में बीएसपी का यह सम्मेलन आयोजित हुआ.

महासम्मेलन में शामिल होने के लिए झांसी पहुंचे सतीश मिश्रा ने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रबुद्ध सम्मेलन चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में जो हालात हैं, वो काफी बुरे हैं. दलित और बाह्मण समाज का उत्पीड़न किया जा रहा है. खास कर ब्राह्मण समाज की स्थिति देखकर वो काफी दुःखी हैं.

दरअसल बीएसपी इस प्रकार के सम्मेलन के माध्यम से सर्वसमाज को बताना चाह रही है कि बीजेपी सरकार में सभी परेशान हैं. एक सवाल का जवाब देते हुए सतीश मिश्रा ने कहा कि आगे देखिए, किस प्रकार ब्राह्मण समाज बीएसपी से जुड़ रहा है. हम सभी मिलकर बहन जी को अगला मुख्यमंत्री बनायेंगे. यह संकल्प हर ब्राह्मण ले रहा है. क्योंकि बहन जी ही उत्तर प्रदेश को बेहतर ढंग से चला सकती हैं. वर्ष 2007 की तरह इस बार भी ब्राह्मण समाज खुलकर उनके साथ जुड़ा और 2022 में उन्हें मुख्यमंत्री बनायेगा.

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‘मेजर ध्यानचंद की हॉकी से चिपक जाती थी बॉल’

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झांसी: मां के पांव दबाते-दबाते थकी बेटी, रूकने पर महिला ने बच्ची को दी तालिबानी सज़ा

महिला द्वारा चाकू से किए गए वार से घायल होकर बच्ची चीखते-चिल्लाते हुए घर से बाहर भागी तो मोहल्ले के लोगों को मां की हैवानियत का पता चला (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Uttar Pradesh News: काजल ने अपनी बीच वाली बेटी चाहत से अपने पैर दबाने के लिए कहा. मां के कहने पर बच्ची पैर दबाने लगी लेकिन थक जाने के कारण वो रूक गई और थोड़ी देर में पैर दबाने को कहा. यह सुनते ही वो आगबबूला हो गई और उसने पास में रखी जंजीर व चाकू से बच्ची पर हमला कर दिया

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झांसी. कहते हैं कि औलाद का व्यवहार अपने माता-पिता के लिए चाहे बुरा हो जाए लेकिन माता कभी कुमाता नहीं होती. मगर उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) में एक कलियुगी माता के कुमाता बनने का मामला सामने आया है. उत्तर प्रदेश के झांसी में कलयुगी मां ने पैर दबाने से मना करने पर अपनी बेटी पर धारदार हथियार से हमला (Mother Attack On Her Daughter) कर दिया जिससे वो घायल हो गई. जख्मी लड़की को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

घटना झांसी जिले के गुरसरांय थाना क्षेत्र की है. काजल नाम की महिला कुछ दिनों पूर्व अपने चार बच्चों- माही, चाहत, अंजलि और बेटा देव के साथ क्षेत्र में आई थी. बताया जाता है कि महिला का पति केरल में एक फैक्ट्री में काम करता है. महिला अपने चारों बच्चों के साथ ज्यादातर समय इलाके के बाजार में घूमती हुई देखी जाती है. वो मंदिर, दुकान, सार्वजनिक स्थानों के पास, चक्कर लगाती देखी गई है.

घटना वाले दिन काजल ने अपनी बीच वाली बेटी चाहत से अपने पैर दबाने के लिए कहा. मां के कहने पर बच्ची पैर दबाने लगी लेकिन थक जाने के कारण वो रूक गई और थोड़ी देर में पैर दबाने को कहा. यह सुनते ही वो आगबबूला हो गई और उसने पास में रखी जंजीर व चाकू से बच्ची पर हमला कर दिया. चाहत खून से लथपथ रोती-चिल्लाती बाहर भागी. जैसे ही मोहल्लेवालों ने बच्ची के शरीर से खून निकलते देखा वो उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ केंद्र ले गए जहां उसे उपचार दिया गया.

इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि चाकू के हमले में चाहत नाम की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई जिसके बाद उसे इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने धारदार हथियार से अपनी बेटी पर हमला करने वाली काजल को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है.

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