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4 लड़कियों को डूबने से बचाकर झांसी के 'हीरो' बने नीलेश वंशकार, बनना चाहते हैं पत्रकार  

16 वर्षीय नीलेश वंशकार ने अपनी सूझ-बूझ और जांबाजी से गांव की चार लड़कियों को बांध में डूबने से बचाया है

16 वर्षीय नीलेश वंशकार ने अपनी सूझ-बूझ और जांबाजी से गांव की चार लड़कियों को बांध में डूबने से बचाया है

बीते चार अक्टूबर को गांव की लगभग 18 लड़कियां नहाने के लिए गांव के पास बने बांध पर गई थीं. यहां स्नान करते वक्त पांच लड़ ...अधिक पढ़ें

    शाश्वत सिंह

    झांसी. दुनिया के लिए आयरनमैन, सुपरमैन, स्पाइडरमैन जैसे किरदार हीरो होते होंगे. लेकिन, उत्तर प्रदेश के झांसी को नीलेश वंशकार के रूप में उसका नया हीरो मिला है. 16 वर्षीय नीलेश वंशकार ने अपनी सूझ-बूझ और जांबाजी से अपने गांव की चार लड़कियों को बांध में डूबने से बचाया है. रक्सा थाना क्षेत्र के बाजना गांव के निवासी नीलेश ग्यारहवीं कक्षा के विद्यार्थी हैं. राजकीय इंटर कॉलेज, रक्सा में पढ़ते वाले नीलेश ने न्यूज़ 18 लोकल से बातचीत करते हुए उस दिन की घटना के बारे में बताया.

    4 लड़कियों को डूबने से बचाया
    नीलेश ने बताया कि गांव की लड़कियां नारे सुआटा खेल रही थीं. सुआटा एक पारंपरिक प्रथा है जो नवरात्र के दिनों में निभाई जाती है. बीते चार अक्टूबर को करीब 18 लड़कियां नहाने के लिए गांव के पास बने बांध पर गई थीं. यहां स्नान करते वक्त पांच लड़कियां पानी में बहने लगीं. नीलेश ने जैसे ही यह देखा वो उन्हें बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद पड़ा. नीलेश ने बताया कि दो लड़कियों को बचाने के बाद उसकी हिम्मत टूटने लगी. लेकिन, वो रूके नहीं, और उन्होंने दो अन्य लड़कियों की भी जान बचाई. हालांकि, एक लड़की की जान नहीं बचा पाने का उन्हें अफसोस है.

    बचपन से करते हैं तैराकी
    नीलेश ने बताया कि उनके इस कारनामे की गांववालों ने खूब तारीफ की. वो बचपन से तैराकी करते रहे हैं. बड़े भाइयों के साथ वो गांव के तालाब में तैरने जाते थे. अधिक तैरने की वजह से दो बार उनके फेफड़ों में पानी भर गया था जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा था. लेकिन, इसके बावजूद नीलेश ने तैराकी जारी रखी. आज उसी की वजह से वो चारों लड़कियों की जान बचा पाए.

    पत्रकार बनना चाहते हैं नीलेश
    आर्ट्स स्ट्रीम से पढ़ाई कर रहे नीलेश से उनके भविष्य की योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बड़े होकर वो पत्रकार बनना चाहते हैं. सेना या पुलिस में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कद कम होने के कारण शायद सेलेक्शन न हो पाए. लेकिन, उनका पहला मन पत्रकारिता करने का ही है. नीलेश से अपने सभी युवा साथियों से अपील करते हुए कहा कि किसी को भी समस्या में घिरा देखें तो उसकी मदद अवश्य करें.

    Tags: Death due to drowning, Jhansi news, Journalist, Up news in hindi

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