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Jhansi: पारीछा पावर प्लांट में फिर गहराया कोयला संकट! झांसी समेत कई जिलों में हो सकती है बिजली कटौती

झांसी के पारीछा पावर प्लांट के पास कुछ दिन के लिए कोयला बचा है.

झांसी के पारीछा पावर प्लांट के पास कुछ दिन के लिए कोयला बचा है.

Parichha Power Plant News: झांसी समेत यूपी के कई जिलों को एक बार फिर बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है, क्‍योंकि पारीछा पावर प्लांट में कोयला संकट गहराता जा रहा है. इस वक्‍त कोयले की कमी की वजह से 920 मेगावाट की जगह सिर्फ 580 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है.

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रिपोर्ट – शाश्वत सिंह

झांसी. यूपी के झांसी में रहने वाले लोगों को एक बार फिर बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा इटावा, एटा, मैनपुरी और जालौन में भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इस कटौती का कारण है पारीछा पावर प्लांट में गहराता जा रहा कोयला संकट है. पारीछा पावर प्लांट में जितनी आवश्यकता है उससे कम कोयला पहुंच रहा है. इस कारण बिजली उत्पादन पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है. पावर प्लांट में लगी हुई चार यूनिट को मिलाकर जहां 920 मेगावाट बिजली का उत्पादन रोज होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 580 मेगावाट बिजली उत्पादन ही हो रहा है.

पारीछा थर्मल पावर प्लांट के मुख्य महाप्रबंधक मनोज कुमार सचान ने बताया कि प्लांट काफी लंबे समय से कोयले की कमी से उभर नहीं पा रहा है. रोज सिर्फ 2 रैक कोयला ही मिलता है जिसकी वजह से पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है. उन्होंने बताया कि कोयला आपूर्ति के संबंध में बातचीत जारी है और उम्मीद जताई कि जल्द ही इसका समाधान निकलेगा. साथ ही बारिश का मौसम शुरू होने के कारण भी कोयले की लोडिंग कम हो रही है जिस कारण भी कोयला आपूर्ति बाधित रहती है. सचान के मुताबिक, हम बिजली बनाकर ग्रिड को देते हैं और इसके बाद सप्‍लाई करना उनका काम है.

स्टॉक में बचा सिर्फ 10 हजार मैट्रिक टन कोयला
दरअसल मौजूदा समय में पावर प्लांट को प्रतिदिन कोयले के 2 रैक दिए जा रहे हैं. एक रैक में लगभग 5500 से 6000 मैट्रिक टन कोयला होता है. पारीछा पावर प्लांट को पूरी क्षमता से चलाने के लिए हर रोज 16 हजार मैट्रिक टन कोयले की आवश्यकता होती है. फिलहाल सिर्फ 10 हजार मैट्रिक टन कोयला ही स्टॉक में बचा है. इसकी वजह से चारों यूनिट से पूरा उत्पादन नहीं कर पा रही हैं.

लंबे समय से चल रहा कोयला संकट
आपको बता दें कि साल 2021 के अक्टूबर महीने से ही पारीछा पावर प्लांट कोयला संकट का सामना कर रहा है. दिसंबर 2021 और जनवरी 2022 में भी कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन कम हो सका था. अप्रैल 2022 में तो पारीछा थर्मल प्लांट और बजाज थर्मल प्लांट की कुछ यूनिट्स को बंद भी करना पड़ा था. कोयले की कमी के साथ ही रेलवे द्वारा कई जगहों पर ट्रैक के दोहरीकरण के काम की वजह से भी कोयला समय से पावर प्लांट में नहीं पहुंच पा रहा है.

Tags: Coal Shortage, Jhansi news

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