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स्कूल स्तर से कृषि की पढ़ाई के लिए शिक्षा नीति में किए आवश्यक सुधार: PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने अपने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका कृषि की है. कृषि में आत्‍मनिर्भरता की बात सिर्फ खाद्यान्‍न तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह गांव की पूरी अर्थव्‍यवस्‍था की आत्‍मनिर्भरता की बात है

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने अपने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका कृषि की है. कृषि में आत्‍मनिर्भरता की बात सिर्फ खाद्यान्‍न तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह गांव की पूरी अर्थव्‍यवस्‍था की आत्‍मनिर्भरता की बात है

प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) ने अपने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका कृषि की है. कृषि में आत्‍मनिर्भरता की बात सिर्फ खाद्यान्‍न तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह गांव की पूरी अर्थव्‍यवस्‍था की आत्‍मनिर्भरता की बात है

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के माध्यम से झांसी के रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक भवनों का उद्घाटन किया. इस अवसर पर पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार बुंदेलखंड (Bundelkhand) की पुरातन पहचान और गौरव को समृद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के समग्र विकास के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों से जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का मंत्र चारों दिशाओं में गूंजेगा.

प्रधानमंत्री ने कृषि शिक्षा को मिडल स्कूल स्तर पर ले जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि इस बारे में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 में आवश्यक सुधार किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इससे खेती-बाड़ी की वैज्ञानिक समझ के विस्तार में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता में खेती की बड़ी भूमिका है और उनकी सरकार कृषि कार्य में उन्नत प्रौद्योगिकी के समावेश को बढ़ाने के लिए निरंतर नए कदम उठा रही है.



मोदी ने कहा कि कृषि से जुड़ी शिक्षा को, उसके व्यावहारिक उपयोग को स्कूल स्तर पर ले जाना भी आवश्यक है. प्रयास है कि गांव के स्तर पर मिडिल स्कूल लेवल पर ही कृषि के विषय को पढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर कृषि-शिक्षा और उसके व्यावहारिक उपयोग का बच्चों को ज्ञान देने से दो लाभ होंगे. एक लाभ होगा कि गांव के बच्चों में खेती से जुड़ी जो एक स्वाभाविक समझ होती है, उसका वैज्ञानिक तरीके से विस्तार होगा. दूसरा लाभ यह होगा कि वो खेती और इससे जुड़ी तकनीक, व्यापार-कारोबार, इसके बारे में अपने परिवार को ज्यादा जानकारी दे पाएंगे. इससे देश में कृषि उद्यमशीलता को भी बढ़ावा मिलेगा.

'आत्‍मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में कृषि की बहुत बड़ी भूमिका'  

पीएम मोदी ने कहा, इसके लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कई सुधार किए गए हैं. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी. इसमें 34 साल पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्थान लिया है. इसके तहत देश में स्कूली और उच्च शिक्षा प्रणाली में बदलाव लाने वाले सुधार किए गए हैं, जिससे भारत को वैश्विक ज्ञान ‘महाशिक्त’ बनाया जा सके.



उन्होंने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में बहुत बड़ी भूमिका कृषि की है. कृषि में आत्‍मनिर्भरता की बात सिर्फ खाद्यान्‍न तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह गांव की पूरी अर्थव्‍यवस्‍था की आत्‍मनिर्भरता की बात है. यह देश के अलग-अलग हिस्‍सों में खेती से पैदा होने वाले उत्‍पादों में मूल्यवर्धन कर के देश और दुनिया के बाजारों में पहुंचाने का मिशन है. मोदी ने कहा कि कृषि में आत्‍मनिर्भरता का लक्ष्‍य किसानों को एक उत्‍पादक के साथ ही उद्यमी बनाने का भी है. जब‍ किसान और खेती उद्योग की भांति आगे बढ़ेंगे तो बड़े स्‍तर पर गांव में और गांव के पास ही रोजगार और स्‍व–रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि सरकार इस संकल्‍प के साथ ही हाल में कृषि से जुड़े ऐतिहासिक सुधार किए हैं. (भाषा से इनपुट)

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