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UP: रानी लक्ष्मीबाई की विरासत और मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि है झांसी

रानी लक्ष्मीबाई का किला और मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि (file photo)

रानी लक्ष्मीबाई का किला और मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि (file photo)

झांसी से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्वालियर (Gwalior) निकटतम एयरपोर्ट है. यह एयरपोर्ट दिल्ली, मुम्बई, वाराणसी, बैंगलोर आदि शहरों से नियमित फ्लाइटों के माध्यम से जुड़ा हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 11:34 AM IST
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झांसी. झांसी भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त में स्थित एक प्रमुख शहर है. यह शहर उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है और बुंदेलखंड क्षेत्र के अन्तर्गत आता है. झांसी (Jhansi) एक प्रमुख रेल एवं सड़क केंद्र है. झांसी शहर पत्थर निर्मित किले के चारों तरफ फैला हुआ है, यह किला शहर के मध्य स्थित बँगरा नामक पहाड़ी पर निर्मित है. इस शहर का शब्द मात्र से ही जन मानस के पटल पर शौर्य, वीरता, ओज, देशभक्ति एवं त्याग का भाव जगाने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई का चित्र अनायस ही चित्रित हो उठता है. यहां के विशाल दुर्ग, पत्थरों का सीना पार करती हुयीं खूबसूरत नदियां, प्राचीन मूर्तियों, विभिन्न महलों एवं मंदिरों के भग्नावेष अतीत की गौरव की कहानी कहते है.

झांसी पर प्रारंभ में चंदेल राजाओं का नियंत्रण था, उस समय इसे बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था. हॉकी के जादूगर भारतीय राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद भी झांसी जैसी पवित्र भूमि से निकलकर देश व दुनिया के अनमोल रत्न बने हैं. सुप्रसिद्ध हिन्दी कवि मैथिलीशरण गुप्त जिन्हें राष्ट्रकवि के नाम से जाना जाता है मूलतः यहीं (चिरगांव) के निवासी थे. महान क्रांतिकारी रामप्रसाद विस्मिल के साथ मिलकर हिंदुस्तान रिपब्लिकन एशोसिएशन का गठन करने वाले चंद्रशेखर आजाद ने भी बम परीक्षण व सैन्य अभ्यास के लिए झांसी के ही समीप ओरछा के जंगल को चुना था.

झांसी किला (file photo)
झांसी किला (file photo)




झांसी का किला उत्तर प्रदेश ही नहीं भारत के सबसे बेहतरीन किलों में एक है, ओरछा के राजा बीर सिंह देव ने यह किला 1613 ई. में बनवाया था. किला बंगरा नामक पहाड़ी पर बना है. किले में प्रवेश के लिए दस दरवाजे हैं.
गंगाधर राव की छतरी
लक्ष्मी ताल में महाराजा गंगाधर राव की समाधि स्थित है. 1853 में उनकी मृत्यु के बाद महारानी लक्ष्मीबाई ने यहां उनकी याद में यह स्मारक बनवाया.

ग्वालियर निकटतम एयरपोर्ट
झांसी से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्वालियर निकटतम एयरपोर्ट है. यह एयरपोर्ट दिल्ली, मुम्बई, वाराणसी, बैंगलोर आदि शहरों से नियमित फ्लाइटों के माध्यम से जुड़ा हुआ है.

रेल यातायात का प्रमुख केंद्र

झांसी शहर एक प्रमुख रेल एवं सड़क केन्द्र है. सन् 1880 में बना रेलवे स्टेशन आज झांसी को चारों महानगरों के साथ-साथ पूरे देश से जोड़ने वाला जंक्शन बना हुआ है. देश की सबसे तेज गति से चलने वाली भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस का प्रारम्भ झांसी और नई दिल्ली के बीच ही हुआ था.

 हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (file photo)
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (file photo)


परंपरागत खान-पान और पहनावा

उत्तर प्रदेश स्वाद के मामले में भी बेहद समृद्ध विरासत का धनी है. यहां परंपरागत खान-पान से लेकर आधुनिक व्यंजनों की विभिन्नता उपलब्ध है, कह सकते हैं कि झांसी का खान-पान इसके सांस्कृतिक विस्तार का एक पहलू है. वहीं पहनावा आम है, क्योकि कोई खास किस्म का वस्त्र लोग धारण नहीं करते.

बीजेपी का गढ़

वर्तमान में झांसी लोकसभा और राज्यसभा दोनों में प्रतिनिधित्व करता है. लोकसभा सदस्य के रूप में केन्द्रीय जल संसाधन और गंगा विकास मंत्री उमा भारती हैं. तो राज्यसभा सदस्य के रूप में डा. चंद्रपाल सिंह यादव हैं. क्षेत्रीय विधायक रवि शर्मा और नगर निगम की महापौर भी बीजेपी की हैं.

झांसी की कुल आबादी

झांसी शहर का दायरा बढ़ता जा रहा है. शहर का कुल प्रस्तावित गांवों का कुल क्षेत्रफल- 11520 हेक्टेयर है, जबकि कुल जनसंख्या 20 लाख तक पहुंच गई है.
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