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आत्मनिर्भरता का सर्वश्रेष्ठ उदहारण हैं झांसी की गुड्डू देवी,ग्रामीण महिलाओं को बना रही हैं आत्मनिर्भर

महात्मा गांधी ने कहा था कि "जो महिलायें अपने हुनर और शक्ति को पहचान लेती है,सफलता उनके कदम चूमती है" महात्मा गांधी की इ ...अधिक पढ़ें

    महात्मा गांधी ने कहा था कि \”जो महिलायें अपने हुनर और शक्ति को पहचान लेती है,सफलता उनके कदम चूमती है\” महात्मा गांधी की इसी बात को सत्य कर दिखाया है झांसी की रहने वाली गुड्डू देवी ने.जी हां गुड्डू झांसी के पास ही स्थित ताराग्राम में कागज से विभिन्न उत्पाद बनाती हैं.उत्पाद बनाने के साथ ही वह महिलाओं को इन्हें बनाने का गुर भी सीखाती हैं.ताराग्राम में कपड़े से कागज बनाए जाते हैं और उसी कागज से कई प्रकार की डायरी,फोटो फ्रेम,डॉक्यूमेंट होल्डर और फाइल जैसे कई सामान बनाए जाते हैं.

    गुड्डू सिर्फ आठवीं कक्षा तक पढ़ी है लेकिन अपने हुनर के बदौलत आज वह पूरे देश में कई वर्कशॉप करवा चुकी हैं.इन कार्यशालाओं में वह महिलाओं और ललित कला के विद्यार्थियों को कागज से डिजाइन कैसे तैयार किए जाए यह सिखाती हैं.इसके साथ ही देशभर में आयोजित होने वाले सरकारी प्रदर्शनियों में भी जाती हैं.गुड्डू गर्व से बताती हैं कि वह बिना झिझक के नेताओं और अधिकारियों से भी अपनी बात कर लेती हैं.मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उनके काम की सराहना भी की थी.

    परिवार ने दिया पूरा साथ
    गुड्डू बताती हैं कि उन्होंने 1995 में पहली बार यह काम सीखा था.इसके बाद उन्होंने अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी यह हुनर सिखाया.आज उनके गांव की अधिकतर महिलाएं पेपर डिजाइनिंग के इस कार्य से जुड़ी हुई है.गुड्डू कहती हैं कि उन्हें उनके पूरे परिवार का साथ मिला.वह कहती हैं कि महिलाओं को बिना डर के आगे आना चाहिए और खुद को सशक्त बनाना चाहिए.

    (रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

    Tags: Womens day

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