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UP Chunav: कभी कांग्रेस विधायक रहते यूपी में बनवाई थी भाजपा की सरकार, फिर भी BJP ने ही इस सीट से नहीं बनाया उम्मीदवार

UP Chunav: कभी कांग्रेस विधायक रहते यूपी में बनवाई थी भाजपा की सरकार, फिर भी BJP ने ही इस सीट से नहीं बनाया उम्मीदवार

बिहारी लाल आर्य कल्याण सिंह सरकार में मंत्री थे, मगर इस बार भाजपा ने नहीं उतारा है. (फाइल फोटो)

बिहारी लाल आर्य कल्याण सिंह सरकार में मंत्री थे, मगर इस बार भाजपा ने नहीं उतारा है. (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Chunav 2022) के झांसी (Jhansi News) की मऊरानीपुर विधानसभा सीट (Mauranipur Assembly Seat) पर भाजपा (BJP News) ने उस शख्स को उम्मीदवार नहीं बनाया है, जो कभी कांग्रेस विधायक रहते हुए भी भाजपा की सरकार बनवाने में मदद की थी. दरअसल, झांसी की मऊरानीपुर सुरक्षित सीट से भाजपा की डॉ. रश्मि आर्य (Dr, Rashmi Arya) अपना दल (Apna Dal) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी. अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने उनके टिकट का एलान कर दिया है. रश्मि आर्य ने कुछ ही दिन पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन किया था. उनको टिकट मिलना जितना दिलचस्प है, उतना ही दिलचस्प इस सीट से भाजपा के विधायक का टिकट कटना भी है. बिहारीलाल आर्य भाजपा के सिटिंग एमएलए हैं. 2017 के चुनाव में उन्होंने रश्मि आर्य को ही 17 हजार वोटों से हराया था. तब रश्मि सपा से लड़ी थीं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh Chunav 2022) के झांसी (Jhansi News) की मऊरानीपुर विधानसभा सीट (Mauranipur Assembly Seat) पर भाजपा (BJP News) ने उस शख्स को उम्मीदवार नहीं बनाया है, जो कभी कांग्रेस विधायक रहते हुए भी भाजपा की सरकार बनवाने में मदद की थी. दरअसल, झांसी की मऊरानीपुर सुरक्षित सीट से भाजपा की डॉ. रश्मि आर्य (Dr, Rashmi Arya) अपना दल (Apna Dal) के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी. अपना दल की अनुप्रिया पटेल ने उनके टिकट का एलान कर दिया है. रश्मि आर्य ने कुछ ही दिन पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन किया था. उनको टिकट मिलना जितना दिलचस्प है, उतना ही दिलचस्प इस सीट से भाजपा के विधायक का टिकट कटना भी है. बिहारी लाल आर्य (Bihari Lal Arya) भाजपा के सिटिंग एमएलए हैं. 2017 के चुनाव में उन्होंने रश्मि आर्य को ही 17 हजार वोटों से हराया था. तब रश्मि सपा से लड़ी थीं.

बिहारी लाल आर्य मूलतः कांग्रेसी हैं लेकिन 2017 में चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था. 60 साल के बिहारीलाल 2017 में चौथी बार विधायक बने थे. इसससे पहले वे तीन बार कांग्रेस से विधायक थे. खास बात ये भी है कि 1996 में बनी कल्याण सिंह की सरकार में वे मंत्री थे.

कोरी जाति के बिहारी लाल आर्य बुन्देलखण्ड की राजिनीति में चर्चित नाम हैं. इनके नाम की चर्चा तब प्रदेश स्तर पर सुनाई पड़ी थी, जब कांग्रेस के विधायक रहते हुए इन्होंने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनवाई थी. तब बिहारीलाल 1993 के बाद 1996 में दूसरी बार कांग्रेस से विधायक बने थे. 1996 के चुनाव के बाद किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया. 1997 में भाजपा के सहयोग से मायावती की सरकार बनी लेकिन 6 महीने बाद सरकार गिर गयी.

भाजपा के कल्याण सिंह के नेतृत्व में जोड़-तोड़ की सरकार बनी. तब कांग्रेस के ही नरेश अग्रवाल ने लोकतांत्रिक कांग्रेस नाम से पार्टी बनी ली और कांग्रेस विधायकों को तोड़कर कल्याण सिंह सरकार बनवा दी. बिहारीलाल आर्य भी लोकतांत्रिक कांग्रेस में चले गये थे. उन्हें सरकार का समर्थन देने के लिए कल्याण सिंह ने लघु उद्योग विभाग में राज्यमंत्री बनाया था.

साल 2002 में फिर चुनाव आ गया. बिहारी लाल फिर कांग्रेस से ही लड़े लेकिन इस बार उनका विजय रथ रुक गया. उन्हें भाजपा के प्रागीलाल अहीरवार ने हरा दिया. 2007 के चुनाव में बिहारीलाल फिर कांग्रेस से लड़े लेकिन हार गए. इस बार बसपा के भगवती प्रसाद सागर ने उन्हें मात दी. यही हाल 2012 के चुनाव में भी रहा. उन्हें सपा की रश्मि आर्य ने हरा दिया.  साल 2017 आते आते हालात बदल गये.

बिहारी लाल आर्य ने फाइनली कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिया और मऊरानीपुर से फिर विधायक बन गये. इस बार उन्होंने सपा की रश्मि आर्य को हराया था. अब दोनों एक ही पार्टी में हैं और अब फाइनल हो गया है कि रश्मि आर्य भाजपा की सहयोगी अपना दल के टिकट पर उन्हीं की सीट से चुनाव लड़ेंगी.

Tags: Assembly elections, Uttar Pradesh Assembly Elections, ​​Uttar Pradesh News

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