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UP Politics: झांसी जन विश्वास यात्रा, चर्चाओं में उमा भारती का BJP की चुनावी सभाओं से दूर रहना

UP Politics: झांसी जन विश्वास यात्रा, चर्चाओं में उमा भारती का BJP की चुनावी सभाओं से दूर रहना

पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का बीजेपी जन विश्वास यात्रा से नदारद रहना चर्चा में है.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का बीजेपी जन विश्वास यात्रा से नदारद रहना चर्चा में है.

UP Assembly Elections: रविवार को झांसी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जन विश्वास यात्रा की शुरुआत कर दी है. राजनाथ सिंह के साथ तमाम नेताओं ने मंच साझा किया. केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी यहां मौजूद रहीं, लेकिन पूर्व केन्द्रीय मंत्री और झांसी की पूर्व सांसद उमा भारती नदारद थीं. यूपी में बीजेपी के शुरुआती चुनावी अभियान की बड़ी सभा में उमा भारती का न होना चर्चा का विषय बनने लगा है. इसके सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.

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झांसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election) की तैयारी को लेकर बीजेपी ने जन विश्वास यात्रा (Jan Vishwas Yatra) के जरिए जनता के बीच सियासी पैठ बनाने का औपचारिक अभियान शुरू कर दिया है. इसी के तहत रविवार को झांसी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जन विश्वास यात्रा की शुरुआत कर दी. राजनाथ सिंह के साथ तमाम नेताओं ने मंच साझा किया. केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी यहां मौजूद रहीं, लेकिन इस इलाके में ठोस पहचान रखने वाली पूर्व केन्द्रीय मंत्री और झांसी की पूर्व सांसद उमा भारती का नदारद रहना लोगों को हैरानी भरा लगा. यूपी में बीजेपी के शुरुआती चुनावी अभियान की बड़ी सभा में उमा भारती का न होना चर्चा का विषय बनने लगा है. इसको लेकर कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.

उमा भारती 2014 के लोकसभा चुनाव में झांसी से चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने यहां लगातार हार रही बीजेपी को बड़ी जीत दिलाई थी. वह केंद्र की मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रही हैं. 2019 में उमा भारती ने तीन साल तक चुनाव न लड़ने का संकल्प लिया तो उनकी जगह यहां बीजेपी ने अनुराग शर्मा को लोकसभा के मैदान में उतारा और वह जीत भी गए. अब उमा भारती के तीन साल पूरे हो चुके हैं और उनकी ओर से राजनीतिक बयान भी आने लगे हैं, लेकिन उनकी बीजेपी की चुनावी सभाओं से दूरी बरकरार है.

गौरतलब है कि उमा भारती बुंदेलखंड की ही रहने वाली हैं. लोध समाज में उनका गहरा वर्चस्व माना जाता है. लोग कल्याण सिंह के बाद उमा भारती को भी राम मंदिर आंदोलन से निकला बड़ा नेता मानते हैं. बुंदेलखंड समेत पूरे यूपी में लोध समाज कई सीटों पर निर्णायक स्थिति में है. इसके बावजूद उमा बीजेपी की चुनावी सभाओं से गायब हैं. पिछले दिनों ही उमा भारती ने ये बात साफ की थी कि 2017 के विधानसभा चुनाव में वह भी यूपी के चार प्रमुख चेहरों में शामिल थीं. इस बार जब एक बार फिर चुनाव की रणभेरी बजने को है, लेकिन उनके सियासी तेवर इस बार नरम दिख रहे हैं.

बीजेपी भी समझती है उमा का प्रभाव

ऐसी नहीं है कि बीजेपी उमा भारती के लोध समाज के साथ उनकी हिंदुत्व और फायरब्रांड क्षवि को कम तोल रही है. उमा के करीबियों का कहना है कि उमा भारती बीजेपी नेताओं के साथ लगातार बैठकें करती हैं. जनता के बीच भी बीजेपी के लिए माहौल तैयार करती रही हैं. चुनावी सभाओं में नहीं दिखने की कोई अलग वजह या फिर व्यस्तता भी हो सकती है. फिर भी झांसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रानी लक्ष्मीबाई जन्मोत्सव समारोह हो या फिर महोबा रैली वहां उमा भारती कहीं नजर नहीं आईं हैं. इस बार राजनाथ सिंह ने झांसी से जन विश्वास यात्रा की शुरुआत कर दी है, लेकिन उमा भारती के इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं.

Tags: Jhansi Jan Vishwas Yatra, Jhansi news, Rajnath Singh, Uma bharti, UP Assembly Elections

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