UP स्नातक एमएलसी चुनाव: नेताजी नहीं सुना सके राष्ट्रगान, लोकसभा अध्यक्ष का नाम भी नहीं पता

यूपी स्नातक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पंकज
यूपी स्नातक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी पंकज

UP MLC Election: न्यूज़ 18 ने स्नातक चुनाव के नामांकन के दौरान एक निर्दलीय प्रत्याशी से जब चुनाव लड़ने को लेकर उनकी मंशा जानी और साथ ही प्रत्याशी का थोड़ा सा सामान्य ज्ञान क्या टटोला तो उसके बाद जो हकीकत सामने आई.

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झांसी. झांसी-इलाहाबाद स्नातक सीट (Jhansi-Allahabad Seat) से इन दिनों अलग-अलग दल के प्रत्याशी से लेकर निर्दलीय प्रत्याशी (Independent Candidate) नामांकन कर रहे हैं. ऐसे में पढ़े लिखे लोगों के इस चुनाव में अगर आपको कुछ ऐसे उम्मीदवार मिल जाएं जिनके ज्ञान की जानकारी होने पर आप हंसी के मारे लोटपोट होने लगे तो आप समझ सकते हैं कि स्नातक चुनाव कितना दिलचस्प होने वाला है. न्यूज़ 18 ने स्नातक चुनाव के नामांकन के दौरान एक निर्दलीय प्रत्याशी से जब चुनाव लड़ने को लेकर उनकी मंशा जानी और साथ ही प्रत्याशी का थोड़ा सा सामान्य ज्ञान क्या टटोला उसके बाद जो हकीकत सामने आई उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. इस प्रत्याशी के सामान्य ज्ञान की तो छोड़िए जब नेता जी ने राष्ट्रगान गाया तो सब कुछ साफ़ हो गया.

नेता जी ने पूरा राष्ट्रगान सुनाने का दम्भ तो जोश में भरा, आंखों को बंद किया और शुरू किया राष्ट्रगान गाना, फिर क्या था आरओ आफिस के बाहर खड़े अफसरों और पुलिस फ़ोर्स का ध्यान नेताजी से हटा ही नहीं. देश की शान में गाए जाने वाले राष्ट्रगान को जब नेता जी ने गाना शुरू किया तो किसी को भी यह समझ में नहीं आया कि नेताजी राष्ट्रगान गा रहे हैं या फिर देश की नदियों के नाम गिना रहे हैं.





लोकसभा अध्यक्ष का भी नाम नहीं पता
ऐसे में इस तरह के नेताओं के राजनीति में आने के बाद जन सामान्य का कितना भला होगा. इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. अब ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर इस तरह के नेता चुनाव जीत गए तो शिक्षा जगत में शिक्षा के स्तर को कितना ऊपर ले जाएंगे और कहां तक ले जाएंगे इस पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. नेताजी की प्रतिभा का लोहा तब और अच्छी तरह से माना गया जब न्यूज़ 18 ने निर्दलीय प्रत्याशी पंकज से यह पूछा कि लोकसभा का अध्यक्ष कौन है. खुद की अज्ञानता को छिपाने के लिए स्नातक के प्रत्याशी पंकज न सोने का बहाना करते दिखे. जब लोकसभा अध्यक्ष का नाम नहीं बता पाए तब निर्दलीय प्रत्याशी पंकज ने हवाला दिया कि वह चुनाव प्रक्रिया को लेकर 3 दिन से सोए नहीं है. इसलिए उनके दिमाग में लोकसभा अध्यक्ष का नाम नहीं आ रहा है. नेताजी खुद की इज्जत को बचाने के लिए तमाम बहाने करते रहे, लेकिन नेताजी के अधूरे ज्ञान ने उनकी पूरी पोल खोल कर रख दी.
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