UP Panchayat Chunav: प्रधानी चुनाव में कूदीं झांसी की चर्चित 16 जल सहेलियां, जानिए क्यों?

यूपी पंचायत चुनाव में झांसी की जल सहेलियां भी इस बार किस्मत आजमा रही हैं.  (File photo)

यूपी पंचायत चुनाव में झांसी की जल सहेलियां भी इस बार किस्मत आजमा रही हैं. (File photo)

Jhansi News: झासी के बबीना ब्लॉक में महिलाओं ने पानी की समस्या को दूर करने के जल सहेली नाम का एक संगठन बनाया. इस संगठन से जुड़ी 16 महिलाओं ने अब पंचायत चुनाव में प्रधानी और बीडीसी पद के लिए नामांकन दाखिल किया है.

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झांसी. उत्तर प्रदेश बुन्देलखण्ड (Bundelkhand) की जल-सहेलियां (Jal Saheliyan) हमेशा से ही अपने गांव की पानी की समस्या के समाधान के लिए काम करती रही हैं. अब वह झांसी पंचायत चुनाव (Jhansi Panchayat Election) में भी उतर गई हैं. वह चुनाव जीतकर गांव की अन्य समस्याओं पर भी काम करना चाहती हैं. इसके लिए 16 जल-सहेलियों द्वारा ग्राम प्रधान एवं बीडीसी पद हेतु नामाकंन किया गया है. सूखे की चपेट में कई साल तक रहने के बाद बबीना ब्लाक की रहने वाली महिलाओं ने पानी की समस्या को दूर करने के जल सहेली नाम का एक संगठन बनाया. इस संगठन से जुड़ी 16 महिलाओं ने दिन-रात पानी लेकर ब्लॉक के तमाम गावों में काम किया. अब पंचायत चुनाव में प्रधानी और बीडीसी का चुनाव जीतकर जल सहेलियों ने मजबूती के साथ पानी पर काम करने का मन बनाया है.

झांसी के सिमरावारी गांव से चुनाव लड़ रहीं मीना ने बताया कि उन्होंने ने पांच प्रमुख विषयों को लेकर पंचायत घोषणा पत्र तैयार किया है. जिसमें अपने गांव को जल संकट मुक्त बनाना, प्रत्येक घर में शौचालय का निर्माण एवं उपयोग, महिला हिंसा की रोकथाम एवं गांव की प्रत्येक बच्ची को गुणवत्तापरक शिक्षा दिलाना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता स्थापित कराना जैसे प्रमुख घोषणाओं के साथ वह गांव में वोट मांग रही हैं. इन मांगों को उन्होंने पंचशील सिद्धांत का नाम दिया है. साथ ही पंचायत चुनाव लड़ रहीं जल सहेलियों ने अपने गांव में वोट खरीदने और शराब बांटने के विरूद्ध अपना चुनावी अभियान शुरू किया है.

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चुनाव में जीत से कई और गांवों में पानी की समस्या करेंगी खत्म
पंचायत चुनाव में प्रधानी का चुनाव लड़ रही जल सहेली मीरा और मीना देवी का कहना है कि पानी के लिए पिछले कई साल से बबीना ब्लाक में कड़ा संघर्ष किया है. इस बार के पंचायत चुनाव में जीत मिली तो ब्लॉक से जुड़े तमाम दूसरे गांवों में पानी की समस्या काफी हद तक दूर करने में मिलेगी. ग्राम प्रधान का चुनाव जीतकर हर हाल में पानी की समस्या को दूर करने के प्रयास और तेजी से होंगे.
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